मंडियों से बाहर नहीं बनेंगे धान खरीद केंद्र, सीएम बोले- किसान हित में जारी रहेगी सरकारी खरीद
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हरियाणा में धान की खरीद अनाज मंडियों में ही होगी। मंडियों से बाहर खरीद केंद्र नहीं बनेंगे। सरकार चावल मिलों में भी खरीद केंद्र बनाना चाह रही थी। जिस पर अनाज मंडी आढ़ती तैयार नहीं हुए। मंगलवार को कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल की अध्यक्षता वाली समिति की बैठक में आढ़तियों के विरोध जताने पर उनकी मान ली गई। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास भी बैठक में मौजूद रहे।
सीमांत किसानों को फसल बिक्री के लिए 12 अक्टूबर के बाद बुलाने व धान ढुलाई निजी ट्रांसपोर्टर से कराने पर अनाज मंडी आढ़ती राजी नहीं हुए। उनकी मांग है कि सीमांत किसानों को पांच अक्टूबर से फसल बिक्री के लिए मंडियों में आने की इजाजत दी जाए। जिस पर समिति तैयार नहीं हुई। इसके साथ ही सरकार के निजी ट्रांसपोर्टर के जरिये मंडियों से धान उठाने के फैसले को भी आढ़तियों ने नकार दिया। वह पहले की तरह चावल मिलर्स के जरिये ही ढुलाई चाहते हैं।
हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के चेयरमैन रजनीश चौधरी ने बैठक में तर्क दिया कि गेहूं की ढुलाई भी सरकार मंडियों से निजी ट्रांसपोर्टर के जरिये कराती है और गेहूं खरीद के 10-12 दिन बाद भी नहीं उठता। अगर धान ढुलाई में भी ऐसा हुआ तो नमी कट आढ़तियों पर लगाया जाएगा। यह तर्कसंगत नहीं है।
इसलिए पुरानी व्यवस्था जारी रखें। इस पर भी समिति तैयार नहीं हुई। चूंकि, बीते वर्षों में हुए धान घोटाले को देखते हुए सरकार ने निजी ट्रांसपोर्टर से धान ढुलाई कराने का फैसला लिया है। चावल मिलर्स पर ढुलाई में भी धान घोटाले के आरोप हैं। इन दोनों बिंदुओं पर समिति व आढ़ती एसोसिएशन में फिर बैठक होगी।
प्रति एकड़ 27.50 क्विंटल धान एमएसपी पर खरीदा जाएगा
किसानों का पीआर धान पोर्टल के जरिये प्रति एकड़ 25 क्विंटल के हिसाब से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकार खरीदेगी। इसमें 10 फीसदी तक की छूट दी जाएगी। अगर किसी किसान का धान प्रति एकड़ 27.50 क्विंटल से अधिक निकलता है तो सरकार क्षेत्र का खंड आधार पर सर्वे करवाकर ज्यादा पैदावार की खरीद को लेकर संशोधित आदेश जारी करेगी।
किसान हित में जारी रहेगी सरकारी फसल खरीद: सीएम
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि फसलों की सरकारी खरीद किसान हित में सरकार करती रहेगी। उसे बंद नहीं किया जाएगा। हरियाणा में गेहूं, धान, बाजरा, मक्का, सरसों, सूरजमुखी और कपास आदि की सरकारी खरीद पहले की तरह जारी रहेगी। मुख्यमंत्री हरियाणा आढ़ती एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत कर रहे थे। शिवकुमार जैन की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की और आढ़तियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अनेक फलों व सब्जियों पर किसान को भावन्तर भरपाई योजना के माध्यम से भी लाभ पहुंचाती है। इसके तहत राज्य सुझावित मूल्य के अंतराल को पूरा कर किसानों को लाभ दिया जाता है। यदि उसे बाजार में कहीं भी उससे अधिक कीमत मिल सकती है तो उसके लिए मंडी से बाहर फसल बेचने की सरकार ने अब नए कानून के माध्यम से अनुमति दे दी है। आढ़ती इस व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं, उनको सरकार ने ही मंडी में लाइसेंस देकर नियुक्त किया है। सरकार दोनों वर्गों के हित ध्यान में रखकर ही काम करती है। किसी का अहित करना सरकार का उद्देश्य नहीं है।