{"_id":"5e4ea7dc8ebc3eccd747ed57","slug":"oxygen-parks-will-be-developed-in-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा में विकसित होंगे ऑक्सीजन पार्क, बगीचों से आय बढ़ाएंगी पंचायतें, 1100 गांव होंगे शामिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा में विकसित होंगे ऑक्सीजन पार्क, बगीचों से आय बढ़ाएंगी पंचायतें, 1100 गांव होंगे शामिल
Thu, 20 Feb 2020 09:10 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 20 Feb 2020 09:10 PM IST
सार
- फलों के बगीचे लगाकर आय बढ़ाएंगी पंचायतें, 1100 गांव होंगे शामिल
- एकीकृत वानिकी नीति होगी लागू, खेतों में पौधरोपण कर सकेंगे किसान
विज्ञापन
हरियाणा का बजट सत्र शुरू।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा सरकार हर गांव के लिए एकीकृत वानिकीकरण योजना लाने जा रही है। 2020-21 में 1,100 गांवों को इसमें शामिल किया जाएगा। जहां 2 एकड़ तक भूमि उपलब्ध होगी, वहां पंचायतों की सहमति से जैव-विविधता के लिए सघन पौधरोपण किया जाएगा। यह स्थल ऑक्सीजन पार्क का कार्य करेंगे। योजना के तहत किसान अपने खेतों में पौधरोपण कर सकेंगे।
विज्ञापन
पंचायतें अपनी जमीन पर फलों के बाग लगाकर आय में बढ़ोत्तरी तो करेंगी साथ ही पर्यावरण में कार्बन की मात्रा कम भी होगी। सरकार ने राज्यपाल अभिभाषण में इस योजना को जल्दी लागू करने की प्रतिबद्धता जताई है। राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने अभिभाषण में बताया कि पौधागिरी व जल शक्ति अभियान के तहत स्कूलों, घरों व जोहड़ों को भी शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन
इससे प्रत्येक गांव में जल स्तर में सुधार के साथ सतत विकास होगा। इससे आने वाले वर्षों में राज्य में 20 प्रतिशत वन क्षेत्र का लक्ष्य प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। केंद्र सरकार ने हरियाणा को ‘राज्य प्रतिपूर्ति वनीकरण प्रबंधन कोष’ के लिए हाल ही में 1,282 करोड़ 65 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई है। इसमें से हर वर्ष 10 प्रतिशत राशि पौधरोपण के लिए उपयोग की जाएगी। परियोजना के तहत 211 करोड़ रुपये की लागत से 1,333 हेक्टेयर भूमि में पौधरोपण किया जाएगा। साथ ही वन्यजीव संरक्षण के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
विज्ञापन
हर संपत्ति को मिलेगा डिजिटल डोर नंबर
संपत्ति कर को सुव्यवस्थित करने के लिए केंद्रीयकृत जीआईएस आधारित संपत्ति कर सर्वेक्षण किया जा रहा है। उच्च गुणवत्ता वाले चित्रों के साथ हर संपत्ति को विशिष्ट संपत्ति आईडी (डिजिटल डोर नंबर) दिया जाएगा। इससे नागरिक अपनी संपत्तियों का स्व-आकलन कर सकेंगे। इससे स्थानीय निकायों के राजस्व में काफी वृद्धि होगी।
अमरुत में आने वाले सभी स्थानीय निकायों के जीआईएस एप्लीकेशन आधारित मास्टर प्लान तैयार करने के लिए केंद्र प्रायोजित योजना प्रगति पर है, जिसके इस साल पूरा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 7,781 आवासीय इकाइयों का निर्माण जारी है। ईडब्ल्यूएस आवास निर्माण योजना में 5,000 और मकानों का निर्माण 31 मार्च 2020 तक पूरा होगा।