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मेडिकल कालेज में आक्सीजन लीकेज, एक घंटे बाद स्थिति काबू में
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 19 Dec 2017 09:35 AM IST
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जीएमसीएच 32
- फोटो : file photo
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सेक्टर-32 स्थित मेडिकल कालेज में सोमवार को आक्सीजन सप्लाई की पाइप लीकेज हो गई। इससे मेडिकल कालेज में कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति बन गई। करीब एक घंटे के लिए आपरेशन रोक दिए गए और डिपार्टमेंट को सूचना दी गई कि अगले आदेश तक सभी प्लान सर्जरी को रोक दिया जाए।
हालांकि कालेज अधिकारियों और यूटी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के अधिकारियों की वजह से स्थिति को संभाल लिया गया। लीकेज पाइप को बदलवाकर नई पाइप डाल दी गई। करीब एक घंटे के बाद आपरेशन शुरू करने के निर्देश जारी किए गए।
अस्पताल से मिली सूचना के मुताबिक करीब 11 बजे आक्सीजन टैंक से सी ब्लॉक की ओर से जाने वाले आक्सीजन पाइप लाइन में लीकेज हो गई। अधिकारियों को जैसे सूचना मिली तो आक्सीजन की सप्लाई को सिलेंडर के बैकअप में ले लिया गया। इससे स्थिति बेकाबू होने से बच गई। उसके बाद बद्दी से सिलेंडरों का और बैकअप बुला लिया गया। दूसरी तरफ मेडिकल कालेज और यूटी के इंजीनियर मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।
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नया टैंक को नहीं मिली अब तक परमिशन
मौजूदा समय में जिस टैंक से आक्सीजन की सप्लाई होती है, उसका निर्माण 1996 में किया गया था। उसकी जगह नया टैंक लगाया गया है, मगर अब तक उसकी परमिशन नहीं मिल पाई है। इसकी परमिशन नागपुर स्थित एक्सप्लोजिव डिपार्टमेंट से मिलनी है। जीएमसीएच 32 ने अब नए टैंक की परमिशन के लिए फिर से कोशिशें तेज कर दी हैं।
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हालांकि कालेज अधिकारियों और यूटी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के अधिकारियों की वजह से स्थिति को संभाल लिया गया। लीकेज पाइप को बदलवाकर नई पाइप डाल दी गई। करीब एक घंटे के बाद आपरेशन शुरू करने के निर्देश जारी किए गए।
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अस्पताल से मिली सूचना के मुताबिक करीब 11 बजे आक्सीजन टैंक से सी ब्लॉक की ओर से जाने वाले आक्सीजन पाइप लाइन में लीकेज हो गई। अधिकारियों को जैसे सूचना मिली तो आक्सीजन की सप्लाई को सिलेंडर के बैकअप में ले लिया गया। इससे स्थिति बेकाबू होने से बच गई। उसके बाद बद्दी से सिलेंडरों का और बैकअप बुला लिया गया। दूसरी तरफ मेडिकल कालेज और यूटी के इंजीनियर मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।
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नया टैंक को नहीं मिली अब तक परमिशन
मौजूदा समय में जिस टैंक से आक्सीजन की सप्लाई होती है, उसका निर्माण 1996 में किया गया था। उसकी जगह नया टैंक लगाया गया है, मगर अब तक उसकी परमिशन नहीं मिल पाई है। इसकी परमिशन नागपुर स्थित एक्सप्लोजिव डिपार्टमेंट से मिलनी है। जीएमसीएच 32 ने अब नए टैंक की परमिशन के लिए फिर से कोशिशें तेज कर दी हैं।