Haryana: विधानसभा में डिप्टी सीएम बोले- 9.6 लाख BPL राशन कार्ड रद्द, पांच से 10 लाख आय वाले लेते रहे लाभ
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि 43 लाख लोगों परिवार पहचान पत्र में गड़बड़ी की शिकायत की थी, उनमें से तीन लाख शिकायतें ही लंबित हैं। तकनीकी गलतियों को दुरुस्त किया जा रहा है।
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हरियाणा सरकार ने बीते दस महीने में 9 लाख 62 हजार 742 बीपीएल राशन कार्ड रद्द किए हैं। पांच से दस लाख आय वाले परिवार भी खुद को गरीब दिखाकर लाभ उठाते रहे। परिवार पहचान पत्र के जरिये सरकार ने बीपीएल सूची में फर्जीवाड़ा पकड़ा। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सदन में यह खुलासा किया। उन्होंने पंचकूला, करनाल और सोनीपत में गलत तरीके से बीपीएल सूची में शामिल कुछ लोगों के नाम भी सार्वजनिक किए।
चौटाला प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक शीशपाल केहरवाला और अमित सिहाग के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई भी पात्र व्यक्ति बीपीएल का कार्ड बनवाने से वंचित नहीं रहेगा। अगर किसी वाजिब व्यक्ति को अपनी पात्रता में परिवर्तन करवाना है तो जिला के अतिरिक्त उपायुक्त को शपथ पत्र देकर दुरुस्त करवा सकता है। 20 दिसंबर 2022 तक परिवार पहचान संख्या के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 30,38,942 परिवारों (1,21,57,298 सदस्य) की आय 1.80 लाख से कम सत्यापित की गई है।
केहरवाला ने कहा कि परिवार पहचान पत्र में एससी को एसटी दिखाया है, कई सरकारी कर्मचारी भी बीपीएल में शामिल हैं। इन्होंने गलत आय दिखाई है। उन पर कार्रवाई हो, पात्रों को सूची में शामिल कर लाभ दें। पहचान पत्र की त्रुटियां सुधारी जाएं। अमित सिहाग ने कहा कि चौटाला गांव में धरना दे रहे लोगों ने उन्हें लगभग 250 परिवारों की सूची दी थी, जिसका उन्होंने सत्यापन भी कराया। परिवार पहचान में उनमें से अनेक के शहर में प्लॉट दिखा दिए हैं, जबकि वे गांव से बाहर कभी गए ही नहीं। आय का सत्यापन नए सिरे से होना चाहिए, कोविड के बाद कई लोगों की आय घटी है।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि 43 लाख लोगों परिवार पहचान पत्र में गड़बड़ी की शिकायत की थी, उनमें से तीन लाख शिकायतें ही लंबित हैं। तकनीकी गलतियों को दुरुस्त किया जा रहा है।
12.46 लाख नए बीपीएल राशन कार्ड जारी
एक मार्च 2022 के बाद 12 लाख 46 हजार 507 नए बीपीएल राशन कार्ड जारी किए गए हैं। परिवार पहचान संख्या के साथ मिलान से पहले राज्य में एएवाई परिवारों की संख्या 2 लाख 47 हजार 227, बीपीएल (प्राथमिक परिवार) 8 लाख 90 हजार 69 और अन्य प्राथमिक परिवारों की संख्या 15 लाख 57 हजार 299 थी। अब एएवाई परिवारों की संख्या 3 लाख 2,000 और बीपीएल (प्राथमिक परिवार) 27 लाख 36 हजार 942 परिवार हैं।
दो विभागों ने बनाए मानदंड
बीपीएल कार्ड जारी व रद्द करने का मानदंड ग्रामीण विकास विभाग और शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने बनाया है। 1.80 लाख रुपये तक की सत्यापित वार्षिक आय के मानदंड को प्राथमिक परिवार अथवा बीपीएल राशन कार्ड के योग्य माना जाता है। बीपीएल लाभार्थियों को नागरिक संसाधन सूचना विभाग परिवार पहचान पत्र में दर्शाई गई वार्षिक आय के आधार पर सूची में शामिल और बाहर कर रहा है।
दुष्यंत ने सदन में गिनाए ये नाम
- विधानसभा क्षेत्र पंचकूला के कृष्ण सैनी बीपीएल श्रेणी में थे। वह सेक्टर-19 में रहते हैं, बिजनेसमैन हैं। उनकी पत्नी नीरू निजी नौकरी में है। बेटी स्वीटी भी प्राइवेट नौकरी करती है। उन्हें आय के आधार पर सूची से बाहर किया गया है।
- गुरबचन कालरा और उनकी पत्नी की करनाल में दुकान है। वह अच्छी कमाई करते हैं। आय के आधार पर उन्हें बीपीएल से बाहर किया है।
- सोनीपत में सुधीर पाल और उनके बेटे प्राइवेट नौकरी करते हैं। इनकी कमाई लाखों में है। इन्हें भी आय सत्यापन के बाद बीपीएल से बाहर कर दिया है।