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चंडीगढ़: 58 हजार के ज्यादा हुए चालान, ओवरस्पीड व अन्य कारणों से 86 लोगों को गंवानी पड़ी जान

Mon, 20 Dec 2021 04:44 PM IST
निवेदिता वर्मा संदीप खत्री, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संदीप खत्री, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 20 Dec 2021 04:44 PM IST
सार

ओवरस्पीड समेत कई कारणों से इस वर्ष 86 लोगों की जान गई जबकि पिछले साल मौत का आंकड़ा 46 था। शहर के पूर्वी इलाके में हुए हादसों में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। साल 2018 में पूर्वी इलाके में 18 लोगों की जान गई।

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Over 58 thousand challans in Chandigarh so far this year
चंडीगढ़ ट्रैफिक। - फोटो : फाइल

विस्तार

चंडीगढ़ के नाम के साथ ब्यूटीफुल जरूर लिखा है, पर यातायात पुलिस के आंकड़ों को देखकर यही लग रहा है कि लोग इस पर ग्रहण लगा रहे हैं। पिछले साल के मुकाबले इस बार नवंबर तक यातायात पुलिस ने 58 हजार से अधिक लोगों के चालान किए हैं। 2280 लोगों के लाइसेंस जब्त किए। साथ ही ओवर स्पीड व अन्य कारणें से 86 लोगों की जान चली गईं। ये आंकड़े पिछले साल के चालान के मुकाबले करीब दोगुने हैं। 

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पिछले वर्ष 33 हजार 641 चालकों के ओवर स्पीड के चालान कर 6 हजार 510 के लाइसेंस जब्त किए गए थे। इन्हीं आंकड़ों से यातायात पुलिस डरी हुई और इन हादसों को रोकने के लिए और लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया है। यातायात पुलिस का दावा है कि लोगों ने विशेष अभियान को समझा तो न उनका चालान होगा और न उनकी जान जाएगी। इस विशेष अभियान के जरिए लोगों को यातायात नियमों का ज्ञान बांटा जा रहा है। स्पीड राडार गन से वाहनों की रफ्तार जांची जा रही है।

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शहर के पूर्व इलाकें में तीन गुणा बढ़ा मौत का आंकड़ा

सड़क हादसों का ग्राफ काफी बढ़ रहा है। इसी के तहत ट्रैफिक पुलिस की और से मेजर एक्सीडेंट प्रोन एरिया और ब्लैक स्पॉट की पहचान कर ओवर स्पीड वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है। स्पीड राडार गन से दूर से आने वाले वाहन को देखकर पता चल जाता है कि इसकी स्पीड कितनी है। ओवरस्पीड समेत कई कारणों से इस वर्ष 86 लोगों की जान गई जबकि पिछले साल मौत का आंकड़ा 46 था। शहर के पूर्वी इलाके में हुए हादसों में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। साल 2018 में पूर्वी इलाके में 18 लोगों की जान गई। जबकि 2021 में 36 लोगों की जान गई। साल 2020 में 43 घातक हादसों में 46 लोगों की मौत हुई है। 2021 में 84 ऐसे घातक हादसे हुए, जिसमें 86 लोगों की मौत हुई। इनमें से ज्यादातर हादसों का मुख्य कारण ओवरस्पीड सामने आया है। वहीं ज्यादातर मौतें बिना हेलमेट पहने दो पहिया वाहन चालकों की मौत हुई है।

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साल 2021 में हादसों में 70 पुरुष और 16 महिलाओं की हुई मौत

पैदल                              22
साइकिल सवार                14
रेहड़ी चालक                      1
दो पहिया वाहन सवार        37
चार पहिया वाहन               6
ऑटो रिक्शा                      6

                              2020        2021
सड़क हादसे              143           185     
हादसों में हुई मौतें       46             86
कितने हुए घायल      133            158   

इस स्पीड पर चलाए वाहन

डिवाइडिंग रोड वाली मुख्य सड़कों पर कार (एलएमवी) की स्पीड 60, दो पहिया वाहन और तीन पहिया वाहन की स्पीड 45 और मीडियम और हैवी पैसेंजर वाहन की स्पीड 50 रखी गई है। जैसे 17/9 18/8 27/ 28, 23 / 24 / 15 / 16 16 / 17 9/  10 डिवाइडिंग रोड वाली सड़कें हैं। बिना डिवाइडर वाली मुख्य सड़कों पर कार (एलएमवी) की स्पीड 50, दो पहिया वाहन और तीन पहिया वाहन की 40 और मीडियम और हैवी पैसेंजर वाहन की 40 स्पीड तय की गई है। जैसे राजभवन से पेक रोड, सेक्टर 25/58 लाइट प्वाइंट से मोहाली जाने वाली सड़क और सीएम हाउस से सुखना लेक वाली सड़क है। इसी तरह शहर के अन्य डिवाइडर रोड पर यही स्पीड तय की हुई है। इसके अलावा सेक्टर रोड वाली सड़कों पर कार (एलएमवी), दो पहिया वाहन, तीन पहिया वाहन और मीडियम और हैवी पैसेंजर वाहन की 40 स्पीड तय की गई है।

तस्वीर, गाड़ी नंबर के साथ मोबाइल पर मिलेगा लिंक

राडार स्पीड गन में सड़क पर तय की गई अधिकतम स्पीड को सेट किया जाता है। उससे अधिक की स्पीड पर वाहन चलाने पर स्पीड गन में रफ्तार कैद हो जाएगी। जिसके बाद वाहन चालक का ई चालान का लिंक उसके मोबाइल पर भेजा जाएगा। लिंक को खोलकर चालक अपनी तस्वीर, वाहन नंबर और स्पीड को देख पाएगा। जिसका भुगतान वह ऑनलाइन कर सकता है।

दूसरी बार में लाइसेंस जब्त, चालान भरने के लिए जाना पड़ेगा ट्रैफिक लाइन

डीएसपी जसविंदर सिंह ने बताया कि पहली बार ओवर स्पीड का चालान किया जाएगा, लेकिन दूसरी बार चालक चालान ऑनलाइन नहीं भर सकता। इसके लिए उसे ट्रैफिक पुलिस लाइन आना पड़ेगा और अपना लाइसेंस समर्पण करना पड़ेगा। इसके बाद तीन महीने के लिए लाइसेंस जब्त कर दिया जाएगा। 

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