{"_id":"611a9d238ebc3e42b30885c2","slug":"orders-to-remove-hundreds-of-contract-employees-during-the-second-wave-chandigarh-news-pkl423612929","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरी लहर के दौरान अनुबंध पर रखे सैकड़ों कर्मचारियों को हटाने के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरी लहर के दौरान अनुबंध पर रखे सैकड़ों कर्मचारियों को हटाने के आदेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। एक तरफ तीसरी लहर की आशंका पर तैयारियों को पुख्ता करने का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ दूसरी लहर के दौरान अनुबंध पर रखे गए सैकड़ों कर्मचारियों की छटनी का आदेश दे दिया गया है। कारण, संक्रमण दर के साथ ही कोविड के लिए मिले बजट का तेजी से कम होना है। इससे अनुबंध पर रखे गये सैकड़ों कर्मचारी बेहद तनाव में हैं।
केंद्र ने तीसरी लहर के दौरान डॉक्टर की बजाय मेडिकल स्टूडेंट, नर्सिंग स्टाफ की जगह नर्सिंग छात्र को रखने का निर्देश दिया है। अगले चरण में मानव संसाधन की तैनाती का कोई प्रावधान ही नहीं रखा गया है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल व नर्सिंग छात्र के साथ डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को विकल्प के रूप में शामिल करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया है।
बॉक्स
फिर वेतन के लए भी नहीं बचेगा बजट
स्थिति यह है कि दूसरी लहर के दौरान काफी संख्या में रखे गए डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, लैब टेकभनीशियन, सफाई कर्मचारी, वार्ड आया और डाटा एंट्री ऑपरेटरों में से आधे से ज्यादा बेकाम हो गए हैं। केस कम होने के साथ ही कोविड से जुड़े विभिन्न स्थानों पर काम भी खत्म हो गया। स्वास्थ्य विभाग ने अपने नियमित कर्मचारियों और सामान्य तौर पर रखे गए अनुबंध कर्मचारियों को उनके पुराने काम पर लगा दिया। लेकिन अब कोविड वाले कर्मचारी खाली हो गए हैं। दूसरी तरफ इसके लिए मिला बजट भी खत्म होने की कगार पर है। अगर जल्द ही इनकी सेवा समाप्त नहीं की गई तो इनके वेतन के लिए भी पैसा नहीं बचेगा।
विज्ञापन
बॉक्स
हर संभव समायोजन जारी है
स्वास्थ्य विभाग ने आर्मी अस्पताल में रखे गए सभी कर्मचारियों क ो वापस बुला लिया है। ठीक ऐसे ही अन्य जगहों पर बनाये गए कोविड वार्ड से डॉक्टर भी बुला लिए गए हैं। बेरोजगारी की स्थिति से बचाने के लिए विभाग ने नर्सिंग स्टाफ को वैक्सीनेटर और डाटा एंट्री ऑपरेटर को वैरीफायर के काम में लगा दिया है। लैब टेक्नीशियन से फिलहाल उसी अनुपात में जांच का काम लिया जा रहा है, लेकिन सुरक्षा गार्ड, सफाई कर्मचारी, वार्ड अटेंडेंट को मर्ज करने क ा कोई विकल्प नहीं मिल रहा। इस कारण इनकी छटनी को कहा गया है।
कोट
स्वास्थ्य विभाग ने दूसरी लहर के दौरान सरकार के दिशा निर्देश के अनुसार तीन-तीन महीने के लिए अनुबंध पर कर्मचारी रखे थे। आगे भी जो निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार काम किया जाएगा।
-डॉ. अमनदीप कंग, स्वास्थ्य निदेशक
विज्ञापन
केंद्र ने तीसरी लहर के दौरान डॉक्टर की बजाय मेडिकल स्टूडेंट, नर्सिंग स्टाफ की जगह नर्सिंग छात्र को रखने का निर्देश दिया है। अगले चरण में मानव संसाधन की तैनाती का कोई प्रावधान ही नहीं रखा गया है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल व नर्सिंग छात्र के साथ डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को विकल्प के रूप में शामिल करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया है।
विज्ञापन
बॉक्स
फिर वेतन के लए भी नहीं बचेगा बजट
स्थिति यह है कि दूसरी लहर के दौरान काफी संख्या में रखे गए डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, लैब टेकभनीशियन, सफाई कर्मचारी, वार्ड आया और डाटा एंट्री ऑपरेटरों में से आधे से ज्यादा बेकाम हो गए हैं। केस कम होने के साथ ही कोविड से जुड़े विभिन्न स्थानों पर काम भी खत्म हो गया। स्वास्थ्य विभाग ने अपने नियमित कर्मचारियों और सामान्य तौर पर रखे गए अनुबंध कर्मचारियों को उनके पुराने काम पर लगा दिया। लेकिन अब कोविड वाले कर्मचारी खाली हो गए हैं। दूसरी तरफ इसके लिए मिला बजट भी खत्म होने की कगार पर है। अगर जल्द ही इनकी सेवा समाप्त नहीं की गई तो इनके वेतन के लिए भी पैसा नहीं बचेगा।
विज्ञापन
बॉक्स
हर संभव समायोजन जारी है
स्वास्थ्य विभाग ने आर्मी अस्पताल में रखे गए सभी कर्मचारियों क ो वापस बुला लिया है। ठीक ऐसे ही अन्य जगहों पर बनाये गए कोविड वार्ड से डॉक्टर भी बुला लिए गए हैं। बेरोजगारी की स्थिति से बचाने के लिए विभाग ने नर्सिंग स्टाफ को वैक्सीनेटर और डाटा एंट्री ऑपरेटर को वैरीफायर के काम में लगा दिया है। लैब टेक्नीशियन से फिलहाल उसी अनुपात में जांच का काम लिया जा रहा है, लेकिन सुरक्षा गार्ड, सफाई कर्मचारी, वार्ड अटेंडेंट को मर्ज करने क ा कोई विकल्प नहीं मिल रहा। इस कारण इनकी छटनी को कहा गया है।
कोट
स्वास्थ्य विभाग ने दूसरी लहर के दौरान सरकार के दिशा निर्देश के अनुसार तीन-तीन महीने के लिए अनुबंध पर कर्मचारी रखे थे। आगे भी जो निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार काम किया जाएगा।
-डॉ. अमनदीप कंग, स्वास्थ्य निदेशक