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जरूरत से कई गुना ज्यादा ऑक्सीजन के इस्तेमाल पर ईडन अस्पताल के खिलाफ जांच के आदेश
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चंडीगढ़। जरूरत से ज्यादा मेडिकल ऑक्सीजन का इस्तेमाल करने का आरोप लगने केबाद शनिवार को यूटी प्रशासन ने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित ईडन अस्पताल के खिलाफ जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उधर, एक विज्ञप्ति जारी कर प्रशासक के सलाहकार ने कहा है कि जो भी ऑक्सीजन का गलत इस्तेमाल करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई जाएगी।
यूटी प्रशासन के अनुसार ईडन अस्पताल 50 कोविड बेड के लिए रोजाना 350 से 400 ऑक्सीजन सिलिंडरों की रिफिलिंग करा रहा था, जबकि 40 कोविड बेड वाला दूसरा निजी अस्पताल 90 सिलिंडरों में काम चला रहा था। ऑक्सीजन सिलिंडरों के इस्तेमाल में भारी अंतर की वजह से प्रशासन को गड़बड़ी का शक था। इस वजह से प्रशासन इस पूरे मामले की जांच करेगा।
सूत्रों के अनुसार यूटी प्रशासन कोे कुछ अन्य निजी अस्पतालों पर भी शक है, जो ऑक्सीजन की खपत में गड़बड़ी कर रहे हैं। दरअसल, प्रशासन के अधिकारियों के पास कुछ निजी अस्पतालों में जरूरत से ज्यादा मेडिकल ऑक्सीजन की खपत की शिकायतें आ रही थीं, जिसके बाद शुक्रवार को एक बैठक कर सभी निजी अस्पतालों के मेडिकल ऑक्सीजन का रोजाना के लिए कोटा तय कर दिया गया। कोटा तय होने के बाद भी कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए यह भी तय कर दिया गया है कि कौन सा निजी अस्पताल किस एजेंसी से रोजाना ऑक्सीजन भरवाएगा और किसकी देखरेख में भरवाएगा। शहर के ऑक्सीजन सप्लाई के नोडल अधिकारी यशपाल गर्ग की तरफ से शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी किया गया है।
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वर्जन--
अस्पताल में कोरोना के गंभीर मरीज ज्यादा हैं, इसलिए ऑक्सीजन की खपत भी ज्यादा हो रही है। अस्पताल में जितने भी बेड हैं, सभी ऑक्सीजन की सुविधा के साथ हैं, इसलिए ऑक्सीजन का इस्तेमाल ज्यादा होता है।
-डॉ. संजय बंसल, ईडन अस्पताल
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यूटी प्रशासन के अनुसार ईडन अस्पताल 50 कोविड बेड के लिए रोजाना 350 से 400 ऑक्सीजन सिलिंडरों की रिफिलिंग करा रहा था, जबकि 40 कोविड बेड वाला दूसरा निजी अस्पताल 90 सिलिंडरों में काम चला रहा था। ऑक्सीजन सिलिंडरों के इस्तेमाल में भारी अंतर की वजह से प्रशासन को गड़बड़ी का शक था। इस वजह से प्रशासन इस पूरे मामले की जांच करेगा।
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सूत्रों के अनुसार यूटी प्रशासन कोे कुछ अन्य निजी अस्पतालों पर भी शक है, जो ऑक्सीजन की खपत में गड़बड़ी कर रहे हैं। दरअसल, प्रशासन के अधिकारियों के पास कुछ निजी अस्पतालों में जरूरत से ज्यादा मेडिकल ऑक्सीजन की खपत की शिकायतें आ रही थीं, जिसके बाद शुक्रवार को एक बैठक कर सभी निजी अस्पतालों के मेडिकल ऑक्सीजन का रोजाना के लिए कोटा तय कर दिया गया। कोटा तय होने के बाद भी कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए यह भी तय कर दिया गया है कि कौन सा निजी अस्पताल किस एजेंसी से रोजाना ऑक्सीजन भरवाएगा और किसकी देखरेख में भरवाएगा। शहर के ऑक्सीजन सप्लाई के नोडल अधिकारी यशपाल गर्ग की तरफ से शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी किया गया है।
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अस्पताल में कोरोना के गंभीर मरीज ज्यादा हैं, इसलिए ऑक्सीजन की खपत भी ज्यादा हो रही है। अस्पताल में जितने भी बेड हैं, सभी ऑक्सीजन की सुविधा के साथ हैं, इसलिए ऑक्सीजन का इस्तेमाल ज्यादा होता है।
-डॉ. संजय बंसल, ईडन अस्पताल