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गजब, मेयर का अपना ही वार्ड बदहाल
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 06 Jan 2014 10:13 AM IST
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प्रशासन और स्थानीय पार्षद की उदासीनता को झेल रहे सेक्टर-51 में बेशुमार असुविधाएं हैं। इस सेक्टर को बने अभी 10 साल ही हुए हैं, लेकिन इसमें रहने वाली 15 हजार से अधिक की आबादी सुख-सुविधाओं को तरस रही है।
प्रशासन ने वर्ष 2004 में इस सेक्टर को बसाया था, लेकिन दोबारा मुड़कर इसकी ओर नहीं देखा। यहां न कोई स्कूल बना है और न ही कोई डिस्पेंसरी।
कम्यूनिटी सेंटर और ई-संपर्क केंद्र की बात तो बड़ी दूर है। सड़कों पर हर समय गंदगी फैली रहती है। इस सेक्टर में विकास के नाम पर कुछ भी नहीं हो रहा है।
यह सेक्टर पार्षद हरफूलचंद्र कल्याण के वार्ड में आता है, लेकिन हैरानी की बात है कि आज तक कल्याण इस सेक्टर में कभी लोगों की समस्याएं सुनने नहीं पहुंचे। कई लोग तो ऐसे भी हैं, जिन्हें पता ही नहीं यहां का पार्षद कौन है।
अब जबकि पार्षद कल्याण शहर के मेयर बन चुके हैं और ऐसे में लोगों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि उनके इलाके का विकास होगा।
मार्केट बनी, लेकिन दुकानें बंद
सेक्टर-51 ए में वर्ष 2006 में यूटी प्रशासन ने 28 दुकानें बनवाई थीं, लेकिन इनमें से 25 दुकानें आज तक बंद पड़ी हैं। केवल तीन दुकानों की ही निलामी हुई थी। हालत ये हैं कि लोगों को अगर एक मामूली सी दवा भी लेनी हो तो सेक्टर-44 या फिर 7 फेस जाना पड़ता है।
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70 फीसदी लाइटें पड़ी हैं बंद
स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां करीब 70 फीसदी लाइटें बंद पड़ी हैं। इस वजह से आए दिन यहां चोरियां हो रही हैं। सेक्टर-51 और 44 के चौक पर तो कई महीनों से अंधेरा पड़ा हुआ है।
यहां की स्ट्रीट लाइटें ही नहीं ठीक करवाई गईं। वहीं कजेहड़ी व सेक्टर-51 के बीच बने मेन रोड पर कोई रेलिंग नहीं लगी है, जिस कारण आवारा पशु यहां आ जाते हैं।
इस मौके पर गुनवंत सिंह और सुरेंद्र पाल दुग्गल ने कहा कि सेक्टर में बेहद समस्याएं हैं, जिन्हें गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने यूटी प्रशासन और पार्षद से गुहार लगाई कि समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए।
ये हैं सेक्टर-51 की दिक्कतें
- कोई सरकारी स्कूल नहीं है।
- सेक्टर में डिस्पेंसरी की सुविधा नहीं है।
- कोई ईं-संपर्क सेंटर नहीं बनाया है।
- लोगों को कम्यूनिटी सेंटरकी सुविधा नहीं मिली।
- सेक्टर में कोई धार्मिक स्थल नहीं है।
कोट
दक्षिणी सेक्टरों के लोगों के लिए डिस्पेंसरियां बनाई जा रही हैं। इससे इन इलाके के लोगों की समस्याएं हल होंगी। सेक्टर-51 में लोगों को जो भी समस्याएं हैं, उसे जल्द से जल्द ही दूर करवाया जाएगा।
- हरफूलचंद्र कल्याण, मेयर
सेक्टर-51 में समस्याओं के ढेर से रोजाना लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। यहां घूमने वाले लावारिस पशु कई बार हादसों का कारण बनते हैं। स्ट्रीट लाइटें खराब होने के कारण रात के समय दिक्कत होती है। प्रशासन को इन असुविधाओं का हल करने के लिए शीघ्र कदम उठाने चाहिए।
जनकराज शर्मा, वाइस चेयरमैन रेजीडेंस वेलफेयर एसोसिएशन-
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प्रशासन ने वर्ष 2004 में इस सेक्टर को बसाया था, लेकिन दोबारा मुड़कर इसकी ओर नहीं देखा। यहां न कोई स्कूल बना है और न ही कोई डिस्पेंसरी।
कम्यूनिटी सेंटर और ई-संपर्क केंद्र की बात तो बड़ी दूर है। सड़कों पर हर समय गंदगी फैली रहती है। इस सेक्टर में विकास के नाम पर कुछ भी नहीं हो रहा है।
यह सेक्टर पार्षद हरफूलचंद्र कल्याण के वार्ड में आता है, लेकिन हैरानी की बात है कि आज तक कल्याण इस सेक्टर में कभी लोगों की समस्याएं सुनने नहीं पहुंचे। कई लोग तो ऐसे भी हैं, जिन्हें पता ही नहीं यहां का पार्षद कौन है।
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अब जबकि पार्षद कल्याण शहर के मेयर बन चुके हैं और ऐसे में लोगों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि उनके इलाके का विकास होगा।
मार्केट बनी, लेकिन दुकानें बंद
सेक्टर-51 ए में वर्ष 2006 में यूटी प्रशासन ने 28 दुकानें बनवाई थीं, लेकिन इनमें से 25 दुकानें आज तक बंद पड़ी हैं। केवल तीन दुकानों की ही निलामी हुई थी। हालत ये हैं कि लोगों को अगर एक मामूली सी दवा भी लेनी हो तो सेक्टर-44 या फिर 7 फेस जाना पड़ता है।
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70 फीसदी लाइटें पड़ी हैं बंद
स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां करीब 70 फीसदी लाइटें बंद पड़ी हैं। इस वजह से आए दिन यहां चोरियां हो रही हैं। सेक्टर-51 और 44 के चौक पर तो कई महीनों से अंधेरा पड़ा हुआ है।
यहां की स्ट्रीट लाइटें ही नहीं ठीक करवाई गईं। वहीं कजेहड़ी व सेक्टर-51 के बीच बने मेन रोड पर कोई रेलिंग नहीं लगी है, जिस कारण आवारा पशु यहां आ जाते हैं।
इस मौके पर गुनवंत सिंह और सुरेंद्र पाल दुग्गल ने कहा कि सेक्टर में बेहद समस्याएं हैं, जिन्हें गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने यूटी प्रशासन और पार्षद से गुहार लगाई कि समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए।
ये हैं सेक्टर-51 की दिक्कतें
- कोई सरकारी स्कूल नहीं है।
- सेक्टर में डिस्पेंसरी की सुविधा नहीं है।
- कोई ईं-संपर्क सेंटर नहीं बनाया है।
- लोगों को कम्यूनिटी सेंटरकी सुविधा नहीं मिली।
- सेक्टर में कोई धार्मिक स्थल नहीं है।
कोट
दक्षिणी सेक्टरों के लोगों के लिए डिस्पेंसरियां बनाई जा रही हैं। इससे इन इलाके के लोगों की समस्याएं हल होंगी। सेक्टर-51 में लोगों को जो भी समस्याएं हैं, उसे जल्द से जल्द ही दूर करवाया जाएगा।
- हरफूलचंद्र कल्याण, मेयर
सेक्टर-51 में समस्याओं के ढेर से रोजाना लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। यहां घूमने वाले लावारिस पशु कई बार हादसों का कारण बनते हैं। स्ट्रीट लाइटें खराब होने के कारण रात के समय दिक्कत होती है। प्रशासन को इन असुविधाओं का हल करने के लिए शीघ्र कदम उठाने चाहिए।
जनकराज शर्मा, वाइस चेयरमैन रेजीडेंस वेलफेयर एसोसिएशन-