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Chandigarh News: मामन खान पर यूएपीए लगाने के विरोध में विपक्ष एकजुट

Fri, 23 Feb 2024 01:11 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 23 Feb 2024 01:11 AM IST
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Opposition united against imposition of UAPA on Maman
सीएम बोले, एजेंसी कर रही जांच, सरकार का कोई दखल नहीं
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हुड्डा बोले, जमानत मिलने के बाद यूएपीए लगाने को किया जाना चाहिए रि-कन्सीडर

अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। नूंह हिंसा मामले के आरोपी कांग्रेस विधायक मामन खान के खिलाफ यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम)लगाने मामला वीरवार को सदन में गूंजा। कांग्रेस के साथ-साथ इनेलो ने खान के खिलाफ यूएपीए लगाने का विरोध जताया है। विपक्षी विधायकों ने एक सुर में मांग रखी कि इस मामले पर दोबारा से विचार होना चाहिए और यूएपीए को हटाया जाए। जवाब में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यूएपीए लगाने पर स्पष्ट किया कि मामले की जांच एजेंसी कर रही है, सरकार का इसमें कोई दखल नहीं है। एजेंसी ने नई धारा जोड़ी है तो उस पर कोर्ट फैसला करेगा कि नई धारा सही है या नहीं। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान हुड्डा ने कहा कि जब एफआईआर दर्ज की गई उस समय ऐसा क्यों नहीं किया, अब जब विधायक को जमानत मिल गई तो सरकार नई धारा जोड़ रही है। इस मामले पर सरकार को पुर्नविचार करना चाहिए। यह संगीन धाराएं आतंकवादी विरोधी गतिविधियों में लगती हैं, मगर सरकार किसी मकसद से कांग्रेस विधायक को जानबूझकर फंसाना चाहती है। विधायक आफताब अहमद ने कहा कि इस मामले में चालान पेश किया जा चुका है, लेकिन धारा बाद में जोड़ी गई है। किरण चौधरी ने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधि के खिलाफ आतंकी धारा जोड़ने पर विचार करना चाहिए। बीबी बत्रा, विधायक गीता भुक्कल, वरुण चौधरी, शमशेर सिंह गोगी, जगबीर मलिक ने भी इसका विरोध जताते यूएपीए लगाने को असंवैधानिक करार दिया।

बाक्स

इमाम की हत्या मामले में क्यों नहीं लगी यह धारा : अभय चौटाला
इनेलो विधायक अभय चौटाला ने सरकार जाति और धर्म के आधार पर प्रदेश की जनता को बांटने की कोशिश कर रही है। एक विशेष धर्म का होने के चलते विधायक को निशाना बनाया जा रहा है। नूंह हिंसा वाले दिन ही गुरुग्राम में मस्जिद के इमाम की भी हत्या की गई थी, वहां पर यूएपीए क्यों नहीं लगाया। अभय ने सवाल उठाया कि ऐसा भेदभाव क्यों, क्या केवल एक समुदाय विशेष को टारगेट करना मकसद है।
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