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डंपिंग ग्राउंड का विरोध : लोकल कमिश्नर ने लिया जायजा, कहा- हाईकोर्ट के समक्ष रखेंगे समस्या

Mon, 18 Aug 2025 11:51 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 18 Aug 2025 11:51 PM IST
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Opposition to dumping ground: Local commissioner took stock, said- will put the problem before the High Court
मोहाली। सेक्टर-74, 90 और 91 के निवासियों का डंपिंग ग्राउंड के विरोध में दिया जा रहा धरना सोमवार को भी जारी रहा। इसी बीच हाईकोर्ट से नियुक्त लोकल कमिश्नर अर्शदीप सिंह बराड़ शाम करीब 4:30 बजे मौके पर पहुंचे। उन्होंने डंपिंग ग्राउंड का जायजा लिया और लोगों की शिकायतें सुनीं। बराड़ ने कहा कि वह क्षेत्र के निवासियों की सभी आपत्तियों और परेशानियों को विस्तार से अपनी रिपोर्ट में शामिल करेंगे और इसे हाईकोर्ट के समक्ष पेश करेंगे। धरने पर मौजूद लोगों ने बताया कि रिहायशी इलाकों के बीच डंपिंग ग्राउंड बनाने से हजारों परिवारों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम न केवल हाईकोर्ट के आदेशों की अनदेखी है बल्कि प्रशासन की लापरवाही भी उजागर करता है।
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लोग बोले- बदबू और मच्छरों से जीना हुआ मुश्किल
स्थानीय निवासियों ने बताया कि जब-जब इस साइट पर कचरा डाला गया, हवा दूषित हो गई। आसपास बदबू फैल गई और मच्छरों-मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया। बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। डेंगू, मलेरिया समेत सांस संबंधी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। जॉइंट एक्शन कमेटी के चेयरमैन ने लोकल कमिश्नर को बताया कि हाईकोर्ट पहले ही आदेश दे चुका है कि सितंबर तक इस साइट पर कचरा डालना पूरी तरह बंद होना चाहिए। इसके बावजूद निगम और प्रशासन आदेशों को ताक पर रखकर काम आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अदालत की सीधी अवमानना है और लोग इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। निवासियों का कहना है कि इतने स्पष्ट आदेशों के बावजूद डंपिंग ग्राउंड न हटाना अदालत की अवमानना और जनता के साथ धोखा है
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जन आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे
धरने पर मौजूद क्षेत्र के लोगों ने कहा कि अगर तुरंत काम नहीं रोका गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन बड़ा होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रशासन बार-बार रिहायशी इलाकों के बीच ही डंपिंग ग्राउंड क्यों चुनता है? लोगों का कहना था कि वे अपने परिवारों और आने वाली पीढ़ियों की सेहत से कोई समझौता नहीं करेंगे।
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2006 से जारी है संघर्ष
स्थानीय निवासियों ने बताया कि सेक्टर-74 के पास डंपिंग ग्राउंड को लेकर विरोध कोई नया नहीं है। यह समस्या साल 2006 से चली आ रही है। 2012 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी सरकार को आदेश दिया था कि वैकल्पिक जगह पर कचरा निपटान प्लांट विकसित किया जाए। लेकिन इतने सालों बाद भी न तो नगर निगम नई साइट तय कर सका और न ही वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन की योजना बनाई गई। साल 2017-18 में प्रशासन की लापरवाही के चलते लोगों ने दोबारा केस डाला। साल 2024 में हाईकोर्ट ने हालात की गंभीरता देखते हुए एक कमिश्नर नियुक्त किया।
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