राज्यसभा प्रत्याशियों पर विपक्ष ने आप को घेरा: शिअद ने चार उम्मीदवारों को बताया बाहरी, कांग्रेस ने भी निशाना साधा
कांग्रेस विधायक और पूर्व परिवहन मंत्री अमरिंदर राजा वड़िंग ने भी इस पर आपत्ति जताई है। वड़िंग ने इस मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर कहा है कि पंजाब के लोगों ने बड़े भरोसे के साथ उन्हें विधानसभा भेजा है।
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पंजाब में राज्यसभा के लिए आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा घोषित प्रत्याशियों के नामों पर विपक्ष हमलावर हो गया है। शिअद ने आप के प्रत्याशियों में चार को बाहरी बताया और पंजाबियत के लिए खतरा कहा। कांग्रेस ने भी विरोध प्रकट किया है। पार्टी के विधायक सुखपाल खैरा का कहना है कि राज्यसभा में पंजाबियों को राज्य की आवाज उठानी चाहिए।
अकाली विधायक दल के नेता मनप्रीत सिंह अयाली ने कहा, क्या यह वही बदलाव है, जिसके बारे में आप बात कर रही थी। पंजाब समर्थक तथा पंजाबियत समर्थक बदलाव लाना तो कोसों दूर की बात है, आप ने राज्यसभा की टिकटें अपने गुर्गों को दीं और पीछे रहकर रणनीति बनाने वालों को भी पुरस्कृत किया है। इस प्रक्रिया में आप ने प्रसिद्ध पंजाबियों के अलावा हजारों योग्य कार्यकर्ताओं की अनदेखी की है, जो सम्मान के अधिक योग्य थे।
अयाली ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि आप को राज्यसभा भेजने के लिए पंथक प्रतिनिधि नहीं मिला। आम आदमी पार्टी द्वारा सदन में महिलाओं को समान रूप से नामांकित करना तो भूल ही जाइए, पार्टी ने एक भी महिला को नामांकित नहीं किया है। पंजाबियत के समर्थक या यहां तक कि एक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता या पंजाब के अधिकारों के लिए लड़ने के ट्रैक रिकॉर्ड वाले किसी भी व्यक्ति को इस सूची में शामिल नहीं किया गया है, जो भाई-भतीजावाद और राज्य के लोगों की पूरी तरह से उपेक्षा करता है। कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा के साथ शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल के राजनीतिक सलाहकार हरचरण सिंह बैंस ने भी विरोध प्रकट किया है।
प्रकाश सिंह बादल ने की आलोचना
राज्यसभा में कुछ नामों पर राज्य के पांच बार मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल ने भी कड़ी आपत्ति जताई है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि वह चुनाव के दौरान ही कह रहे थे कि आप की सरकार आई तो दिल्ली से राज चलेगा। अब वही हो रहा है। आप ने यह फैसला लेकर पंजाब का हक छीना है। राज्यसभा के सभी सदस्य पंजाब से ही होने चाहिए।
वड़िंग ने मान को लिखी चिट्ठी
कांग्रेस विधायक और पूर्व परिवहन मंत्री अमरिंदर राजा वड़िंग ने भी इस पर आपत्ति जताई है। वड़िंग ने इस मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर कहा है कि पंजाब के लोगों ने बड़े भरोसे के साथ उन्हें विधानसभा भेजा है। ऐसे फैसले लेकर वे उनका भरोसा न तोड़ें।
आम आदमी को नहीं दिया टिकट: भाजपा
भारतीय जनता पार्टी की पंजाब इकाई ने भी इस मामले में आपत्ति प्रकट की है। भाजपा के नेताओं का कहना है कि ‘आप’ आम आदमी की पार्टी होने का दम भरती है लेकिन किसी भी आम आदमी को टिकट नहीं दी। यह पंजाब के आम लोगों के साथ नाइंसाफी है।
राज्यसभा चुनाव: मुख्य निर्वाचन अधिकारी पर्यवेक्षक नियुक्त
निर्वाचन आयोग ने 31 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. एस करुणा राजू को पंजाब में पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। निर्वाचन आयोग ने पत्र में कहा है कि आयोग ने जन प्रतिनिधित्व एक्ट 1951 की धारा बी के अंतर्गत दी शक्ति का इस्तेमाल कर मतदान के लिए अपना पर्यवेक्षक नियुक्त करने का फैसला किया है।
नामांकन दस्तावेजों की पड़ताल, पोलिंग और वोटों की संख्या की प्रक्रिया के दौरान आपको मौजूद रहने की जरूरत है, जिससे यह निरीक्षण किया जा सके कि आयोग के कानून और मौजूदा हिदायतों के अनुसार निर्धारित प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन किया गया है। अगर कोई उल्लंघन नजर आता है, तो उसे तुरंत आयोग के ध्यान में लाया जाए। निर्वाचन आयोग ने सीईओ डॉ. राजू को मतदान पूरे होने के बाद रिपोर्ट पेश करने के लिए भी कहा है।