खिलाड़ियों की राशि काटने पर सियासत तेज, विपक्ष ने घेरा तो अनिल विज बोले- नहीं काटी गई इनाम राशि
हरियाणा में खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि में कटौती के मामले को लेकर जबरदस्त सियासत शुरू हो गई है। इस मामले में जहां आम आदमी पार्टी और जननायक जनता पार्टी के नेता दोनों ही सरकार के खिलाफ मुखर हो गए हैं। वहीं उन्होंने सरकार को खिलाड़ी विरोधी भी करार दे दिया है। लेकिन सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
सीएम मनोहर लाल ने इस मसले पर ज्यादा कुछ न कहते हुए सिर्फ यही हरियाणा की खेल नीति देश में सबसे बेहतर खेल नीति है, जो युवाओं, छात्रों व किशोरों को खेलों की ओर खींच रही है।
सीएम ने कहा कि इस मामले को भी देखा जा रहा है। दूसरी ओर, इसी विवाद पर खेल मंत्री अनिल विज ने भी स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी भी खिलाड़ी की इनामी राशी में किसी भी प्रकार की कटौती नहीं की गई है।
विज ने कहा कि खिलाड़ियों को इस मसले पर समझने में कोई चूक हो रही है। उन्होंने कहा कि जैसे कि कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स एक साथ आ गई थी और किसी खिलाड़ी ने अगर दो खेलों में स्वर्ण पदक जीते हैं, तो एक खेल की इनामी राशि पूरी दी गई है और दूसरे में आधी दी गई है। इसमें कोई गफलत नहीं है, खिलाड़ी बात को केवल समझें और फिर भी कोई गफलत हो तो सीनियर खेल अधिकारियों से बात करें।
विरोधी सरकार पर साध रहे निशाना
इसी मुद्दे पर जननायक जनता पार्टी के नेता एवं पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला ने जूनियर प्रतियोगिताओं के लिए हरियाणा सरकार की खेल नीति पर कड़ा एतराज जताया हैं। पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रदेश खेल व खिलाड़ियों को पूरी तरह से बर्बाद करने पर तुली हुई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में जननायक जनता पार्टी की सरकार बनने पर पदक विजेता खिलाड़ियों की इनाम राशि को दोगुना किया जाएगा। साथ ही हर स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ी को उचित सम्मान राज्य सरकार की तरफ से दिया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।
उधर, आप के प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद ने कहा कि खेल मंत्री अनिल विज ने शायद खिलाड़ियों को अपमान करने की ट्रेनिंग ले रखी है। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी अपना सब कुछ दावं पर लगा कर देश व प्रदेश का परचम पूरे विश्व में लहराता है। लेकिन भाजपा सरकार इनाम में उसका मनोबल बढ़ाने की बजाये तोड़ने का काम कर रही है।