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Hindi News ›   Chandigarh ›   Operation Sindoor devastated Pakistan Several major strategies compelled Pakistan to its knees

Operation Sindoor: सिर्फ ने सेना नहीं, भारत के हर वासी ने लड़ी थी लड़ाई; तभी घुटनों पर आया था पाकिस्तान

Thu, 07 May 2026 03:56 PM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Thu, 07 May 2026 03:56 PM IST
सार

ऑपरेशन सिंदूर की आज पहली वर्षगांठ है। यह ऑपरेशन पहलगाम के उस आतंकी हमले के बाद किया गया था, जिसमें 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे।

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Operation Sindoor devastated Pakistan Several major strategies compelled Pakistan to its knees
ऑपरेशन सिंदूर - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर ने बुरी तरह बर्बाद कर दिया था। कई बड़ी रणनीतियों ने पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर किया था। यही वजह है कि उन रणनीतियों के तहत पाकिस्तान आज तक ऑपरेशन सिंदूर के नाम से कराह उठता है।

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रक्षा मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन का उद्देश्य आतंकवादी ढांचे और उनके समर्थकों को निशाना बनाना था, जबकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की क्षति से बचाने पर विशेष जोर दिया गया। इस ऑपरेशन में देश का हर व्यक्ति शामिल था।

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पीओके के कई आतंकी लांचपैड तबाह किए

रक्षा मामलों के जानकार रिटायर्ड ब्रिगेडियर गुरप्रीत सिंह ढिल्लों कहते हैं कि पाकिस्तान जब तक समझता तब तक भारत ने अपने सैन्य उद्देश्यों को पूरा करते हुए यह कार्रवाई समाप्त कर दी थी। वह कहते हैं कि सैन्य त्वरित कार्रवाई में हमारी सेना ने पीओके में मौजूद कई आतंकी लॉन्च पैड तथा सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। इसमें सियालकोट, बहावलपुर, नूर खान एयरबेस और सरगोधा एयरबेस जैसे कई अन्य पाकिस्तानी ठिकाने शामिल थे। 

चंडीगढ़ स्थित पश्चिमी कमान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमने इस अभियान में आतंकवादी संगठनों के ढांचे को न सिर्फ ध्वस्त किया बल्कि कई बड़े आतंकियों को भी मार गिराया। उनका कहना है कि भारत ने न्यूक्लियर ब्लैकमेल की पाकिस्तान की धमकी को भी पूरी तरीके से ध्वस्त कर दिया।

रक्षा मामलों के विशेषज्ञ बताते हैं कि राफेल, स्कैल्प और हैमर बम ने पाकिस्तान के भीतर बहुत कम वक्त में बहुत बड़ी कार्रवाई पूरी की है। रिटायर्ड ब्रिगेडियर ढिल्लों कहते हैं कि हमारे एयर डिफेंस सिस्टम ने ड्रोन और मिसाइल हमलों को निष्क्रिय करते हुए पाकिस्तान की कार्रवाई को हवा में ही मार गराया था। 

रक्षा विशेषज्ञ डॉक्टर हरमीत सिंह ने बताया कि आकाशतीर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम ने हमारी स्वदेशी रक्षा क्षमता का नायाब नमूना पेश किया था। आत्मनिर्भर भारत और हमारी संयुक्त सैन्य ताकत के जोर पर ही इस ऑपरेशन को सफलता मिली थी।

इसमें सेना, वायुसेना और नौसेना ने समन्वय के साथ काम किया और दुश्मन को घुटने पर ला दिया। हरमीत सिंह कहते हैं कि बीते वर्षों में रक्षा उत्पादन में बड़ा इजाफा हुआ और अब बड़ी मात्रा में सैन्य उपकरण देश में ही तैयार हो रहे हैं। ब्रह्मोस, आकाश, तेजस और ड्रोन भारत की रक्षा में सबसे मजबूत बनकर उभरे हैं। 

राजनीतिक इच्छाशक्ति भी महत्वपूर्ण

विदेशी मामलों की जानकार और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में सेवाएं देने वाले रिटायर्ड अधिकारी आलोक सिंह कहते हैं कि हमारी सैन्य ताकत के साथ-साथ राजनीतिक इच्छाशक्ति और कूटनीति ने भी ऑपरेशन सिंदूर को सफल बनाया था। वह कहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जिस तरीके से तुरंत फैसले लिए गए और कूटनीतिक रणनीतियां बनाई गई, उसी का नतीजा है कि पाकिस्तान को उसके घर में घुसकर न सिर्फ मारा गया बल्कि हम लोग ऑपरेशन सिंदूर में सफल हुए। 

रिटायर्ड ब्रिगेडियर ढिल्लों कहते हैं कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य अभियान नहीं था बल्कि भारत के हर नागरिक की भावनाओं से जुड़ा हुआ बड़ा सैन्य अभियान था। यही वजह रही कि ऐसे अभियान में सिर्फ सेना ही नहीं बल्कि निजी उद्योग, स्टार्टअप, अंतरिक्ष एजेंसियां और नागरिक प्रशासन भी शामिल रहे। वह कहते हैं कि सैटेलाइट निगरानी, ड्रोन तकनीक और सूचना युद्ध से निपटने के प्रयास भी अभियान का हिस्सा बने।

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