{"_id":"efff614e758260e1b3cde18181e34aa1","slug":"opening-of-an-art-exhibition-eksapresansa-2014","type":"story","status":"publish","title_hn":"लकड़ी, कांच, स्टील और लोहे पर उकेरी भावनाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लकड़ी, कांच, स्टील और लोहे पर उकेरी भावनाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 29 Apr 2014 12:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब कला भवन की आर्ट गैलरी में सोमवार शाम कला प्रदर्शनी एक्सप्रेशन्स-2014 का उद्घाटन डिप्टी कमिश्नर पंचकूला डा. एसएस फुलिया शामिल हुए। प्रदर्शनी में देशभर के 31 कलाकारों ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन
स्टील और लेदर से होती है प्रदर्शनी की शुरुआत
प्रदर्शनी में जैसे ही दाखिल होते है तो सामने नजर आती है स्टील की शीट पर लेदर और ड्राइंग से बनाई हुई कुछ आंखें। इन्हें बंगलुरू के कलाकार पुरनेश पामार्थी ने बनाई है।
विज्ञापन
प्रदर्शनी में चंडीगढ़ के नरिंदरजीत सिंह ने स्टील और ब्रांज की मदद से विशेष स्कलपचर तैयार किए। नरिंदरजीत ने बताया उन्हें यह आइडिया रविवार रात को ही आया, जिसमें उन्होंने कुछ स्टील से डिजाइन कुछ बड़ी चीटियां और छोटी चीटियां ली और उनसे आजकल की राजनीतिक हालात को तैयार किया।
विज्ञापन
वहीं, लकड़ी के ऊपर डिजाइन किया हुआ गर्भ दिखेगा जिसे दो चेहरों में बांटा गया है। एक अपने बचने की गुहार लगा रहा है और दूसरा अपनी आंखों में पट्टी डाले हुए। इसको पंचकूला के श्याम चौधरी ने तैयार किया है। श्याम ने अपने इस कार्य के बारे में बताते हुए कहा कि इस वह लकड़ी पर ही कार्य करते है।
उन्होंने लकड़ी को पहले स्ट्राइप की शेप में काटा फिर उस बड़े से लकड़ी के स्पाट फ्लोर पर चिपकाया। साथ ही उसमें कार्डबॉर्ड से गर्भ बनाया और उसी के साथ बगल में एक लड़की का चेहरा जो अपनी जान की भीख मांग रही है। श्याम ने गर्भ को एक ऐसे चेहरे के रूप में बनाया है जिसपर सोने की बालियां भी पहनाई गईं, जिसके बारे में बताते हुए श्याम ने कहा कि उन्होंने इसे पीले रंग से इसलिए पेंट किया क्योंकि लड़कों को लोग सोना समझते है।
एक और पंचकूला की कलाकार अक्शी ने शीशे पर फैशन नुमा लड़कियों को पेंट किया, जिसमें इंडो वेस्टर्न ड्रेस पहनाई गई। प्रदर्शनी में एक और पंचकूला के ही शिव सिंह ने लोहे के द्वारा किताबों का रूप देकर उसे अलग की कलाकृति प्रदान की। प्रदर्शनी में कुल 31 कलाकारों की 87 पेंटिंग लगवाई गई है। यह प्रदर्शनी 30 अप्रैल तक पंजाब कला भवन की आर्ट गैलरी में सुबह ग्यारह से शाम सात बजे तक चलेगी।