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लाइब्रेरियन को बताए गए ओपन सॉर्स साल्यूशन
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चंडीगढ़। पीयू के पुस्तकालय और सूचना विज्ञान विभाग की ओर से वेबिनार की श्रृंखला में सोमवार को तीसरा वेबिनार आयोजित किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने लॉकडाउन के दौरान सूचना उत्पादन, प्रसार और उपयोग विषय पर मंथन किया गया। लाइब्रेरियन को ओपन सॉर्स प्लेटफॉर्म का ज्ञान बांटा गया। इस ऑनलाइन प्रोग्राम में 120 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।
एनआईटी राउरकेला के डॉ. डीपी त्रिपाठी ने लाइब्रेरियन के लिए ओपन सोर्स सॉल्यूशन विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपयोग के लिए उपलब्ध विभिन्न ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर्स की जानकारी दी। पुस्तकालयों, उन्हें कैसे चुनना है और क्या सावधानियां बरतनी हैं, यह भी जानकारी दी। स्टूडेंट्स तक आसानी से किताबों की पहुंच कैसे बन सकती है, यह भी बताया। इसके अलावा लॉकडाउन में स्टूडेंट्स किस तरह ओपन सॉर्स का लाभ उठा सकते हैं, यह भी बताया। लाइब्रेरी की ऑनलाइन बुक्स के बारे में भी जानकारी दी गई।
वेबिनार की अध्यक्षता करते हुए डीयूआई प्रोफेसर शंकरजी झा ने एक प्रासंगिक विषय पर वेबिनार के आयोजन के लिए विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इसके जरिये सबको लाभ होगा। हर किसी को ओपन सॉर्स प्लेटफार्म की जानकारी नहीं होती है। विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर प्रीति महाजन ने वेबिनार के महत्व के बारे में बताया। साथ ही विभाग की ओर से किए जाने वाले कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समय-समय पर ऐसे प्रोग्राम होते रहेंगे। उन्होंने सभी का आभार जताया। इस दौरान पुस्तकालय से जुड़े 120 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जो देशभर से थे।
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एनआईटी राउरकेला के डॉ. डीपी त्रिपाठी ने लाइब्रेरियन के लिए ओपन सोर्स सॉल्यूशन विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपयोग के लिए उपलब्ध विभिन्न ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर्स की जानकारी दी। पुस्तकालयों, उन्हें कैसे चुनना है और क्या सावधानियां बरतनी हैं, यह भी जानकारी दी। स्टूडेंट्स तक आसानी से किताबों की पहुंच कैसे बन सकती है, यह भी बताया। इसके अलावा लॉकडाउन में स्टूडेंट्स किस तरह ओपन सॉर्स का लाभ उठा सकते हैं, यह भी बताया। लाइब्रेरी की ऑनलाइन बुक्स के बारे में भी जानकारी दी गई।
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वेबिनार की अध्यक्षता करते हुए डीयूआई प्रोफेसर शंकरजी झा ने एक प्रासंगिक विषय पर वेबिनार के आयोजन के लिए विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इसके जरिये सबको लाभ होगा। हर किसी को ओपन सॉर्स प्लेटफार्म की जानकारी नहीं होती है। विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर प्रीति महाजन ने वेबिनार के महत्व के बारे में बताया। साथ ही विभाग की ओर से किए जाने वाले कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समय-समय पर ऐसे प्रोग्राम होते रहेंगे। उन्होंने सभी का आभार जताया। इस दौरान पुस्तकालय से जुड़े 120 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जो देशभर से थे।
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