फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Open PGi inn for common people with patients and recessors

बड़ी राहतः मरीज व तीमारदारों के साथ आम लोगों के लिए खुली पीजीआई की सराय

Fri, 29 Jun 2018 09:38 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 29 Jun 2018 09:38 AM IST
विज्ञापन
Open PGi inn for common people with patients and recessors
पीजीआई
रेडक्रास और इंफोसिस की मदद से पीजीआई में बनाई गई तीन मंजिला वातानुकूलित सराय को घाटे से उबारने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने यहां ठहरने के नियमों में बदलाव कर दिए हैं। इसके तहत सराय में मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ अब आम लोग भी ठहर सकेंगे। इनमें वह भी मरीज शामिल होंगे, जो नॉन कम्युनिकेबल डिजीज से पीड़ित होंगे। नॉन कम्युनिकेबल डिजीज में डायबिटीज, हार्ट पेशेंट, कैंसर व अन्य मरीज आते हैं। इसके लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने हिमाचल, पंजाब और हरियाणा के सभी जनपदों के डीसी को पत्र भेजकर अवगत करा दिया है। 
विज्ञापन


प्रशासन के इस निर्णय से उन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो मरीज को लेकर चंडीगढ़ में आते हैं, मगर उन्हें ठहरने के लिए कम पैसों में कमरा नहीं मिल पाता। अमर उजाला ने बीते सोमवार के अंक में ‘प्रशासन के लिए घाटे का सौदा साबित हो रही सराय’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर इस मुद्दे को उठाया था। उसके बाद प्रशासन हरकत में आया और सराय में ठहरने वालों के लिए नियमों में बदलाव किया।
विज्ञापन


इसके तहत पंजाब यूनिवर्सिटी और पीजीआई परिसर के साथ-साथ सराय के आसपास यातायात के प्रमुख जगहों पर बैनर व पोस्टर लगवाए जाएंगे, जिससे मरीजों के साथ आने लोग सराय में जाकर आसानी से ठहरने के लिए कमरा ले सकें। प्रशासन स्तर पर इसका मसौदा तैयार हो गया है। जल्द ही आपको पीयू और पीजीआई के आसपास सराय के प्रचार प्रसार के बैनर व पोस्टर लगे दिखाई पड़ जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


मेंटेनेंस का खर्च भी नहीं निकल पा रहा था
प्रशासन के मुताबिक 21 करोड़ की लागत से निर्मित पीजीआई के सराय में अब तक केवल मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों को ठहरने के लिए रूम उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान रहा है लेकिन बीते चार महीने से सराय में सन्नाटा पसरा हुआ था। हालात यह हो गई थी कि सराय से इनकम होना तो दूर की बात प्रतिदिन की देखरेख का खर्च तक निकालना भारी पड़ रहा था।

इसी को देखते हुए प्रशासन ने निर्णय लिया कि सराय में मरीज और तीमारदारों के अतिरिक्त किसी अन्य काम से चंडीगढ़ आने वाले आम लोगों को भी ठहरने की अनुमति होगी। वहीं, वह मरीज भी सराह में ठहर सकेंगे, जिनसे किसी तरह के संक्रमण का खतरा नहीं होगा।  

एक ही रेट पर मिलेंगे रूम
ठहरने के नियम में बदलाव हो प्रशासन ने किया है लेकिन सराय में कमरों के किराए को नहीं बढ़ाया है। पुराने रेट पर सभी को कमरे किराए पर दिए जाएंगे। सराय में इस समय करीब 300 बेड हैं। सराय में ग्राउंड फ्लोर और दूसरी व तीसरी मंजिल के साधारण कमरों का किराया 100 रुपये है। सराय की तीसरी मंजिल में 18 एसी रूम हैं। एक एसी रूम का किराया 500 रुपये है।

चार माह से चल रही सराय में अब तक केवल 125 लोग ही ठहरे हैं। मरीज और उनके तीमारदार के साथ बाहर से आने वाले लोगों को भी एक ही रेट में सराय में कमरा मिल जाएगा। इसके लिए उन्हें कोई दौड़भाग नहीं करनी होगी। वहीं, किसी अन्य काम से आने वाले मरीजों को भी यहां आसानी से कमरा मिल जाएगा।

लिफ्ट से लेकर केमिस्ट शॉप तक है सराय में
सराय के निर्माण कार्य को वर्ष 2016 में मंजूरी मिली थी। पीजीआई परिसर के करीब 6500 स्क्वायर फुट में फैली सराय का मार्च 2018 में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुभारंभ किया था। ग्राउंड फ्लोर से लेकर तीसरी मंजिल तक आने के लिए लिफ्ट है। इसके अलावा पूरी बिल्डिंग्स में शानदार लाइटिंग लगी हुईं हैं। सराय के निर्माण कार्य का पूरा खर्च इंफोसिस ने उठाया था। सराय में वेटिंग लॉज, क्लॉक रूम, किचन, डाइनिंग, केमिस्ट शॉप व फार्मेसी आदि की व्यवस्था है।


एडीसी चंडीगढ़ सचिन राणा ने बताया कि, सराय के प्रचार-प्रसार के लिए पीजीआई और इसके आसपास के क्षेत्रों में पोस्टर लगवाए जाएंगे। इसके अलावा पंजाब, हरियाण और हिमाचल के सभी जिलों में पत्र भेजकर मरीजों के साथ आने वाले लोगों और आम पब्लिक को सराय में ठहरने के लिए कहा गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed