दुष्यंत समर्थकों ने की अभय चौटाला पर हूटिंग, गुस्साए ओमप्रकाश चौटाला ने दी ये धमकी
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पूर्व उप-प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी देवीलाल की 105वीं जयंती पर रविवार को गोहाना में आयोजित इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) की सम्मान समारोह रैली में चौटाला परिवार की आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई। नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने करीब 18 मिनट भाषण दिया। इतनी ही देर तक सांसद दुष्यंत चौटाला के समर्थकों ने उनकी हूटिंग की। यही नहीं, इससे पहले मंच से वक्ताओं के भाषण के दौरान जब भी दुष्यंत का नाम आया युवा कार्यकर्ताओं ने जमकर तालियां बजाईं और नारेबाजी की।
इससे नाराज इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने हूटिंग करने वालों की लताड़ लगाई। चौटाला ने कहा कि मुझे अपनी याददाश्त पर पूरा भरोसा है। पार्टी में कौन क्या करता है और कौन क्या सोचता है, सब पता है। तालियां बजाकर और नारे लगाकर माहौल खराब किया जा रहा है। ऐसा करने वालों को पार्टी से बाहर कर देंगे। यह भी कहा कि तुम शोर मचा लो, हम चले जाते हैं। इसके अलावा, पोस्टरों में भी चाचा-भतीजे की कलह देखी गई। चाचा के पोस्टरों से भतीजा तो भतीजे के पोस्टरों से चाचा की तस्वीरें गायब थीं।
इस दौरान दुष्यंत समर्थक नारेबाजी करते रहे। इसी बीच बसपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. मेघराज ने मायावती का संदेश पढ़कर सुनाया। बसपा प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश भारती ने भाषण दिया। अभय चौटाला ने 2 बजकर 50 मिनट पर बोलना शुरू किया तो पंडाल में शोर बढ़ गया। अभय चौटाला ने माइक संभालते ही कहा कि सभी अनुशासन बनाकर रखें। उनके यह बोलते ही कार्यकर्ताओं ने हूटिंग तेज कर दी।
हू-हू और दुष्यंत-दुष्यंत के नारे लगने लगे। हाथों से अभय को मंच से जाने के इशारे होते रहे। अभय ने लगभग 18 मिनट तक भाषण दिया। इस दौरान दुष्यंत समर्थक कार्यकर्ता उनकी हूटिंग करते रहे। वहीं, दुष्यंत का भाषण पहले ही हो गया था। अभय के भाषण के बाद जब ओमप्रकाश चौटाला बोलने आए तो काफी गुस्से में थे।
उन्होंने बेहद तल्खी से कहा कि केवल ताली बजाने या नारे लगाने से राज नहीं मिलता। अगर नारे से राज मिलता तो मैं अकेला ही नारे लगा लेता। मुझे पता है कि कौन क्या कर रहा है। इस तरह तालियां बजाकर और नारे लगाकर माहौल खराब किया जा रहा है। कोई भी माहौल बिगाड़ने का प्रयास न करे नहीं तो उसे पार्टी से बाहर कर दिया जाएगा। इसके बाद चौटाला ने अपने जेल जाने पर पार्टी को मजबूत करने का श्रेय कार्यकर्ताओं को दिया।
किसी पोस्टर से अभय तो किसी से दुष्यंत की तस्वीर गायब
इनेलो की रैली में केवल कार्यकर्ताओं ने तालियां बजाकर या हूटिंग करके ही अभय व दुष्यंत के बीच तल्खी नहीं दिखाई, बल्कि पोस्टरों में भी ऐसा दिखा। युवा नेताओं की ओर से लगवाए गए पोस्टरों से अभय चौटाला गायब थे तो मुख्य पोस्टर से दुष्यंत गायब कर दिए गए। इस तरह किसी पोस्टर से चाचा की तो किसी से भतीजे की तस्वीर गायब थी।