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प्रशासन की नई पहल: पर्यावरण रहेगा स्वच्छ, अब चंडीगढ़ में सिर्फ ई-रिक्शा और ई-ऑटो को ही मिलेगा परमिट

Sun, 29 Aug 2021 02:08 PM IST
ajay kumar रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 29 Aug 2021 02:08 PM IST
सार

  • शहर में चल रहे करीब 6000 सीएनसी-एलपीजी ऑटो को ई-रिक्शा और ई-ऑटो से बदलने की तैयारी
  • पंजाब और हरियाणा के 1000 ऑटो को चंडीगढ़ में चलाने की मंजूरी, संख्या न बढ़ाने का आदेश

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Only E-rickshaw and E-auto will get permit in Chandigarh
ई-रिक्शा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ में प्रदूषण मुक्त ई-वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में चंडीगढ़ प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। सेक्टर-18 स्थित राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) द्वारा सिर्फ ई-रिक्शा और ई-ऑटो को पंजीकृत किया जाएगा और उन्हें शहर में सवारियों को ढोने के लिए परमिट दिए जाएंगे। साथ ही शहर में चल रहे करीब 6000 सीएनसी-एलपीजी ऑटो को भी धीरे-धीरे ई-रिक्शा और ई-ऑटो से बदलने की तैयारी है।

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प्रशासन ने यह भी फैसला लिया है कि पंजाब और हरियाणा से कुल 1000 ऑटो चलाने की जो मंजूरी दी गई है, उस संख्या को अब बढ़ाया नहीं जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि शहर की सड़कों पर पहले से ही काफी संख्या में ऑटो चल रहे हैं। ऐसे में इनकी संख्या अब और बढ़ाई नहीं जाएगी। हाल ही में प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल की अध्यक्षता में हुई प्रशासकीय सलाहकार परिषद की परिवहन उपसमिति में भी इस मुद्दे पर चर्चा की गई थी। 
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बैठक में परिवहन विभाग के अधिकारियों की ओर से बताया गया कि एसटीए कार्यालय ने सीएनजी और एलपीजी ऑटो को पंजीकृत करने की प्रथा को पूरी तरह से त्याग दिया है और ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए एसटीए द्वारा केवल ई-रिक्शा और ई-ऑटो को पंजीकृत किया जा रहा है, ताकि शहर को प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके। 

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यूटी प्रशासन का फोकस ई-बसों के साथ-साथ ई-टू व्हीलर और थ्री व्हीलर पर भी है। परिवहन विभाग के पूर्व निदेशक उमाशंकर गुप्ता ने भी कुछ महीने पहले शहर में ई-ऑटो को हरी झंडी दिखाई थी। उन्होंने कहा था कि ई-ऑटो ही भविष्य है। इसी तरह देश के अन्य राज्य भी अब एलपीजी और सीएनजी ऑटो के बजाय सिर्फ ई-रिक्शा और ई-ऑटो को ही परमिट दे रहे हैं। हालांकि ऑटो चालकों का मानना है कि ई-रिक्शा और ई-ऑटो को प्रोत्साहित करने के साथ प्रशासन को शहर में चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग की व्यवस्था भी करनी होगी अन्यथा उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित होगा।

पंजाब और हरियाणा से आने वाले ऑटो चालकों की जुटाई जा रही जानकारी 
एसटीए की ओर से पंजाब के मोहाली में पंजीकृत 500 ऑटो के प्रति हस्ताक्षर पहले ही किए जा चुके हैं और अब एसटीए कार्यालय ने पंचकूला के 500 ऑटो के प्रति हस्ताक्षर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके माध्यम से विभाग द्वारा ऑटो चालकों की जानकारी जुटाई जा रही है। ट्रैफिक पुलिस की ओर से समय-समय पर कार्यशाला भी आयोजित किए जा रहे हैं। 

बता दें कि शहर में डीजल- ऑटो पर कई साल पहले ही पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। पंजाब और हरियाणा से आने वाले डीजल ऑटो का भी चंडीगढ़ में चालान किया जाता है। हालांकि अभी भी लोगों की शिकायत रहती है कि रात के समय में अभी भी डीजल ऑटो चलाए जाते हैं। गौरतलब है कि वर्तमान में, शहर में चलने वाले ऑटो की संख्या 6000 सीमित की गई है और लगभग इतने ही परमिट जारी भी किए गए हैं।

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