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चंडीगढ़ को स्मार्ट बनाने के लिए मिले सिर्फ 50 करोड़, सांसद बोलीं- मैं संतुष्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 02 Feb 2018 09:35 AM IST
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Chandigarh Smart city
- फोटो : File Photo
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फाइनेंस डिपार्टमेंट के मुताबिक स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत चंडीगढ़ को इस बार 50 करोड़ रुपये दिए गए हैं। पिछले साल स्मार्ट सिटी के तहत 100 करोड़ रुपये दिए गए थे जोकि प्रशासन व निगम अब तक पूरी तरह खर्च नहीं कर सके हैं। स्मार्ट सिटी के तहत कई प्रोजेक्टों के एस्टीमेट तैयार किए जा चुके हैं। विभाग का कहना है कि स्मार्ट सिटी के नाम पर जो फंड बनाया है, उसमें इस वित्तीय वर्ष करीब 70 प्रतिशत बजट उपयोग में लाया जाएगा।
इन पांच क्षेत्रों को मिला सबसे ज्यादा बजट
केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए दिए गए बजट में पांच क्षेत्रों पर खास फोकस किया गया है। इनमें बिजली एवं ऊर्जा, हाउसिंग एवं शहरी विकास, शिक्षा, पुलिस और स्वास्थ्य को सबसे ज्यादा बजट दिया गया है। बिजली एवं ऊर्जा क्षेत्र के लिए 943.28 करोड़, हाउसिंग एवं शहरी विकास के लिए 826.31 करोड़ रुपये, शिक्षा क्षेत्र के लिए 827.90 करोड़ रुपये, पुलिस विभाग को 497 करोड़ और स्वास्थ्य विभाग को 478.92 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
केंद्र से यूटी को मिला नेट बजट 4084 करोड़
वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए चंडीगढ़ को केंद्र सरकार से नेट बजट 4084 करोड़ रुपये मिले हैं जबकि 427 करोड़ रुपये रिकवरी पेंडिंग पड़ी है। इस लिहाज से यूटी को वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए ग्रास बजट 4511.91 करोड़ रुपये बजट मिला है। नेट बजट की अगर बात करें तो इस लिहाज से रेवेन्यू हेड में 3739 करोड़ और कैपिटल हेड में 345 (नेट बजट-4084) करोड़ रुपये मिले हैं जोकि पिछले वित्तीय वर्ष 2017-18 में मिले नेट बजट 4277 करोड़ रुपये से कम है।
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इन पांच क्षेत्रों को मिला सबसे ज्यादा बजट
केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए दिए गए बजट में पांच क्षेत्रों पर खास फोकस किया गया है। इनमें बिजली एवं ऊर्जा, हाउसिंग एवं शहरी विकास, शिक्षा, पुलिस और स्वास्थ्य को सबसे ज्यादा बजट दिया गया है। बिजली एवं ऊर्जा क्षेत्र के लिए 943.28 करोड़, हाउसिंग एवं शहरी विकास के लिए 826.31 करोड़ रुपये, शिक्षा क्षेत्र के लिए 827.90 करोड़ रुपये, पुलिस विभाग को 497 करोड़ और स्वास्थ्य विभाग को 478.92 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
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केंद्र से यूटी को मिला नेट बजट 4084 करोड़
वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए चंडीगढ़ को केंद्र सरकार से नेट बजट 4084 करोड़ रुपये मिले हैं जबकि 427 करोड़ रुपये रिकवरी पेंडिंग पड़ी है। इस लिहाज से यूटी को वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए ग्रास बजट 4511.91 करोड़ रुपये बजट मिला है। नेट बजट की अगर बात करें तो इस लिहाज से रेवेन्यू हेड में 3739 करोड़ और कैपिटल हेड में 345 (नेट बजट-4084) करोड़ रुपये मिले हैं जोकि पिछले वित्तीय वर्ष 2017-18 में मिले नेट बजट 4277 करोड़ रुपये से कम है।
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चंडीगढ़ को इस बार 200 करोड़ अधिक मिले : सांसद
सांसद किरण खेर
- फोटो : File Photo
चंडीगढ़ को इस बार 200 करोड़ अधिक मिले : सांसद
केंद्र सरकार से चंडीगढ़ को मिले बजट से मैं पूरी तरह संतुष्ट हूं। पिछले वर्ष के मुकाबले चंडीगढ़ को करीब 200 करोड़ रुपये अधिक मिले हैं। चंडीगढ़ के बजट में इस बार खास फोकस स्वास्थ्य, शिक्षा एवं ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र पर रखा गया है इसलिए पिछले वर्ष के मुकाबले इन तीनों क्षेत्रों में अतिरिक्त बजट पास किया गया है।
जहां तक निगम के बजट में कटौती का सवाल है तो इसके लिए अतिरिक्त बजट की मांग की जाएगी। दोबारा प्रस्ताव बनाकर कें द्र सरकार को भेजा जाएगा। चंडीगढ़ को जो बजट मिला है, उसका एक बड़ा हिस्सा हाउसिंग और अर्बन डेवलपमेंट पर खर्च किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी के 2022 तक हर जरूरतमंद को घर मुहैया कराने के सपने को पूरा करने व डेवलपमेंट के कार्य इस फंड के जरिए किए जाएंगे। केंद्र सरकार का बजट मध्यमवर्गीय परिवार को एक बड़ी राहत देगा। केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में गरीब लोगों के लिए मेडिकल कवर की जो इस बार घोषणा की है, वह काफी फायदेमंद साबित होने वाली है।
केंद्र सरकार से चंडीगढ़ को मिले बजट से मैं पूरी तरह संतुष्ट हूं। पिछले वर्ष के मुकाबले चंडीगढ़ को करीब 200 करोड़ रुपये अधिक मिले हैं। चंडीगढ़ के बजट में इस बार खास फोकस स्वास्थ्य, शिक्षा एवं ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र पर रखा गया है इसलिए पिछले वर्ष के मुकाबले इन तीनों क्षेत्रों में अतिरिक्त बजट पास किया गया है।
जहां तक निगम के बजट में कटौती का सवाल है तो इसके लिए अतिरिक्त बजट की मांग की जाएगी। दोबारा प्रस्ताव बनाकर कें द्र सरकार को भेजा जाएगा। चंडीगढ़ को जो बजट मिला है, उसका एक बड़ा हिस्सा हाउसिंग और अर्बन डेवलपमेंट पर खर्च किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी के 2022 तक हर जरूरतमंद को घर मुहैया कराने के सपने को पूरा करने व डेवलपमेंट के कार्य इस फंड के जरिए किए जाएंगे। केंद्र सरकार का बजट मध्यमवर्गीय परिवार को एक बड़ी राहत देगा। केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में गरीब लोगों के लिए मेडिकल कवर की जो इस बार घोषणा की है, वह काफी फायदेमंद साबित होने वाली है।