{"_id":"65dc2e398c8033f506011311","slug":"online-payment-scanners-installed-outside-around-shops-in-zirakpur-replaced-by-fraudsters-2024-02-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठगी का नया तरीका: दुकानों के बाहर लगे QR कोड रातों-रात बदल डाले, महिला ग्राहक की सतर्कता ने किया चौकन्ना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठगी का नया तरीका: दुकानों के बाहर लगे QR कोड रातों-रात बदल डाले, महिला ग्राहक की सतर्कता ने किया चौकन्ना
Mon, 26 Feb 2024 11:54 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, जीरकपुर (मोहाली)
संवाद न्यूज एजेंसी, जीरकपुर (मोहाली)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 26 Feb 2024 11:54 AM IST
सार
नाभा से भबात रोड पर बाईं तरफ करीब 100 सब्जी विक्रेताओं व करियाना स्टोर के अलावा मीट व जूस की दुकानें हैं। देर रात यहां लगे ऑनलाइन पेमेंट स्कैनर्स को ठगों ने बदल दिया। इससे कई दुकानदारों की पेमेंट ठगों के खाते में चली गई। एक महिला की वजह से बड़ी ठगी होने से बच गई।
विज्ञापन
दुकानों के आगे लगे स्कैनर पर चिपकाए गए नए स्कैनर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ऑनलाइन ठगी के लिए नए -नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। जीरकपुर के भबात एरिया में ऐसा ही एक मामला सामने आया। यहां करीब 100 दुकानों के बाहर लगे ऑनलाइन भुगतान वाले स्कैनर रातोंरात बदल दिए गए। कई जगह पुराने स्कैनर के ऊपर नया स्कैनर लगा दिया गया।
विज्ञापन
सुबह दुकानें खुलते ही ग्राहकों के दुकानदारों को किए जा रहे भुगतान ठग के खाते में जाने लगी। हालांकि बड़ी ठगी की वारदात होने से एक महिला की सतर्कता से बच गई। दरअसल एक सब्जी विक्रेता की दुकान पर रोज आने वाली एक महिला ग्राहक ने सामान खरीदने के बाद स्कैनर पर भुगतान किया। रिसीवर में किसी अन्य का नाम देख उसने दुकानदार को चौकन्ना किया। जब दुकानदार ने अपने स्कैनर को चेक किया तो पता लगा कि उसके असल स्कैनर पर ठग ने अपना स्कैनर चस्पा किया हुआ था। यह बात अन्य दुकानदारों में फैली तो काफी हद तक नुकसान होने से बचाव हो गया।
विज्ञापन
मामला गांव नाभा से भबात रोड पर बाईं तरफ बनी दुकानों में सामने आया है। यहां करीब 100 सब्जी विक्रेताओं व करियाना स्टोर के अलावा मीट व जूस की दुकानें हैं। सब्जी की दुकान करने वाले बंटी ने बताया कि शनिवार सुबह वह सब्जी लेने मंडी गया था, दुकान पर उसकी पत्नी विमल देवी थी। उनकी दुकान पर रोजाना आने वाली सरोज नाम की महिला ने दुकान से 310 रुपये की सब्जी खरीदी। महिला ने जब दुकान पर लगे स्कैनर पर पेमेंट ट्रांसफर करनी चाही तो ट्रांजेक्शन आईडी पर जतिंदर अमर सिंह का नाम शो हुआ, जबकि दुकानदार के पास लगा स्कैनर बंटी के नाम से रजिस्टर्ड है।
विज्ञापन
महिला सरोज रोजाना इसी स्कैनर पर पेमेंट करती थी। जितेंदर अमर सिंह का नाम देखकर उसने सब्जी विक्रेता की पत्नी से कहा कि उनके स्कैनर पर किसी जितेंदर का नाम शो हो रहा है।
सब्जी विक्रेता की पत्नी विमल देवी ने महिला को दोबारा से स्कैन करने को कहा तो दोबारा से जितेंदर अमर सिंह का नाम शो हुआ, जिस पर विमल देवी ने महिला से कहा कि वह पहले एक रुपया ट्रांसफर करके देखें। जब सब्जी खरीदने वाली महिला सरोज ने एक कृपया ट्रांसफर किया तो वह राशि बंटी के पेटीएम में नहीं आई और राशि जतिंदर अमर सिंह के खाते में ट्रांसफर हो गई।
इसी दौरान सब्जी विक्रेता बंटी भी सब्जी लेकर अपनी दुकान पर पहुंच गया। जब उसकी पत्नी ने सारी बात बताई तो बंटी ने अपने स्कैनर की गंभीरता से जांच की तो पता चला कि उसके पेटीएम स्कैनर पर जितेंदर अमर सिंह का स्कैनर चस्पा किया हुआ था। जब यह बात मार्केट में फैली तो पता चला कि ठगों ने पूरी मार्केट की दुकानों के बाहर लगे स्कैनर पर अपना स्कैनर लगाया हुआ था। सभी दुकानदार हरकत में आए और उन्होंने टेंपर किया हुआ स्कैनर उतार दिया।
दुकानदार अजय ने बताया कि उसकी करियाने की दुकान है। दुकान से किसी ने सामान खरीदा था। ग्राहक ने ऑनलाइन पेमेंट की। जिसका बिल 977 रुपये बना था, जो फर्जी स्कैनर से ठग के खाते में ट्रांसफर हो गया। इसी तरह एक दुकानदार भानु प्रताप ने बताया कि उसकी भी 290 रुपये की पेमेंट फर्जी स्कैनर में ट्रांसफर हुई है। जांच में सामने आया है कि यह स्कैनर दो व्यक्तियों के नाम पर रजिस्टर्ड है। इस मामले में दुकानदार पुलिस को शिकायत दे रहे हैं।