वन रैंक -वन पेंशन: जानिए कितना होगा फायदा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वन रैंक वन पेंशन के फैसले से 2006 से पूर्व रिटायर हुए करीब तीस लाख सैन्यकर्मियों को लाभ होगा। रिटायर सैन्यकर्मी 1981 से वन रैंक वन पेंशन की मांग करते रहे हैं। सरकार की अनदेखी का विरोध करते हुए फौज के कई अधिकारियों ने सेना अध्यक्ष को अपने मेडल तक लौटा दिए थे। आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल में भी कई केस डाले गए।
2006 से पहले रिटायर्ड कर्मियों को लाभ
आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल के वरिष्ठ एडवोकेट कैप्टन संदीप बंसल ने बताया कि वन रैंक-वन पेंशन की घोषणा से सबसे ज्यादा फायदा 1-1-2006 से पहले रिटायर्ड सैनिकों को होगा। दरअसल, इन पूर्व सैनिकों को पुराने स्केल के अनुसार बेसिक पेंशन दी जा रही थी, जबकि इसके बाद रिटायर्ड सैनिकों को नए स्केल के अनुसार पेंशन मिल रही है।
वन रैंक वन पेंशन के मुताबिक यूं होगा फायदा
तिलकराज गुप्ता साल 1998 से नेवी के चीफ पैटी आफिसर पद से रिटायर हुए थे। यह पद आर्मी के सूबेदार मेजर के बराबर होता है। इस समय उनकी बेसिक पेंशन आठ हजार 80 रुपये है। मौजूदा समय में सूबेदार मेजर को करीब 12 हजार पेंशन मिल रही है। वन रैंक वन पेंशन के मुताबिक, अब उन्हें 12 हजार रुपये ही पेंशन मिलेगी।
जानिए अभी किस रैंक को कितनी पेंशन
पद---------------------पेंशन
चीफ आर्मी स्टाफ-------45 हजार
लेफ्टिनेंट जनरल (कमांडर)--40 हजार
लेफ्टिनेंट जनरल--------36500
मेजर जनरल----------30350
बिग्रेडियर------------29145
कर्नल--------------27795
लेफ्टिनेंट कर्नल--------26265
मेजर--------------18205
कैप्टन-------------16145
लेफ्टिनेंट------------15465
हवलदार-------------5301
नायक--------------5156
सिपाही--------------5120
राजनीतिक फायदा और चुनावी मुद्दा
अब इस बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करने का सेहरा कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के सिर बांधने के लिए वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने लोकसभा में सोमवार को अंतरिम बजट के दौरान इसका ऐलान कर दिया। इस फैसले से सरकार ने नरेंद्र मोदी के कांग्रेस के खिलाफ इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिशों को फिलहाल थाम लिया है।