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घोर लापरवाही : चंडीगढ़-दिल्ली रेल ट्रैक पर वेल्डिंग से जोड़ा लोहे का टुकड़ा, भारी पड़ सकती है रेलवे की गलती
Thu, 01 Apr 2021 11:49 AM IST
निवेदिता वर्मा
दीपक शाही, अमर उजाला, जीरकपुर (पंजाब)
दीपक शाही, अमर उजाला, जीरकपुर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 01 Apr 2021 11:49 AM IST
सार
- चंडीगढ़-घग्गर ट्रैक पर फाटक नंबर-122 पर करीब 25 एमएम ऊपर उठा है टुकड़ा
- खतरे में चंडीगढ़ से दिल्ली के बीच आने-जाने वाले हजारों यात्रियों की जिंदगी
- पीएमओ व रेलमंत्री को ट्वीट करने के बाद डीआरएम ने जांच के आदेश दिए
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चंडीगढ़ घग्गर रेलवे ट्रैक पर वेल्ड किया गया लोहे का टुकड़ा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रेलवे की बड़ी लापरवाही से चंडीगढ़-दिल्ली के बीच दौड़ती ट्रेन में सफर करने वाले हजारों यात्रियों की जिंदगी खतरे में है। चंडीगढ़-घग्गर रेलवे स्टेशन के बीच पंचकूला में सेक्टर-19 के पास फाटक नंबर-122 के रेलवे ट्रैक पर लोहे का टुकड़ा वेल्डिंग से जोड़ा गया है। यह टुकड़ा करीब 25 मिलीमीटर तक ऊंचा उठा हुआ है।
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इस रूट पर करीब 36 स्पेशल ट्रेनें रोजाना गुजर रही हैं। पंचकूला सेक्टर-10 निवासी मनीष ने इसकी तस्वीर खींचकर दो अलग अलग ट्विटर अकाउंट से पीएमओ और रेलमंत्री को ट्वीट कर इस लापरवाही की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने संबंधित विभाग पर कार्रवाई की गुहार भी लगाई।
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इसके जवाब में मनीष के पास संदेश आया कि वह 139 नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करवाएं और अपना मोबाइल नंबर डीएम के माध्यम से साझा करें। जब मनीष ने यात्रियों की सुरक्षा का हवाला दिया तो यह मामला डीआरएम अंबाला के पास भेज दिया गया।
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सेमी हाईस्पीड ट्रेन दौड़ाने का सपना अधूरा न रह जाए
एक तो पहले ही चंडीगढ़ से अंबाला के बीच रेलवे ट्रैक पर पांच यू कर्व (घुमाव) हैं, जो सेमी हाई स्पीड ट्रेन की राह में रोड़ा बने हुए हैं। इतने घुमाव होने के कारण 90 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेन चलाना मुश्किल है। दूसरी ओर, इस तरह की लापरवाही वेल्डिंग के दौरान की जाएगी तो यह घातक साबित हो सकती है। यदि तीव्र गति से दौड़ती ट्रेन का निचला हिस्सा लोहे के इस टुकड़े से टकरा जाए तो हादसे की कल्पना ही की जा सकती है।
कैसे खतरनाक हो सकता है यह लोहे का टुकड़ा
विशेषज्ञ का कहना है कि बेशक इसके साथ वाले ट्रैक से ट्रेनें गुजरती हैं, लेकिन फासला मात्र दो से ढाई इंच का होता है। अगर ट्रेन की रफ्तार तेज है निचला हिस्सा दबेगा। इंजन और डिब्बों के नीचे कई मशीनरी पुर्जे जुड़े होते हैं। यदि कोई लटका हुआ पार्ट इस लोहे के टुकड़े में फंस गया तो ट्रेन पटरी से उतर सकती है।
कैसे खतरनाक हो सकता है यह लोहे का टुकड़ा
विशेषज्ञ का कहना है कि बेशक इसके साथ वाले ट्रैक से ट्रेनें गुजरती हैं, लेकिन फासला मात्र दो से ढाई इंच का होता है। अगर ट्रेन की रफ्तार तेज है निचला हिस्सा दबेगा। इंजन और डिब्बों के नीचे कई मशीनरी पुर्जे जुड़े होते हैं। यदि कोई लटका हुआ पार्ट इस लोहे के टुकड़े में फंस गया तो ट्रेन पटरी से उतर सकती है।
इस मामले की शिकायत ट्विटर पर मिली थी। मौके पर जाकर जांच के लिए इंजीनियरिंग विभाग को ट्वीट कर दिया गया है। रेलवे ट्रैक पर खामियां पाने जाने पर संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी। - जीएम सिंह, डीआरएम अंबाला।