{"_id":"6ad77aece03655c8a90f0ce5","slug":"electricity-workers-staged-a-protest-against-the-granting-of-a-parallel-license-to-a-private-company-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1095-1154845-2026-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: निजी कंपनी को समानांतर लाइसेंस देने के विरोध में बिजली कर्मियों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: निजी कंपनी को समानांतर लाइसेंस देने के विरोध में बिजली कर्मियों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
कल से तीन दिवसीय हड़ताल पर जाएंगे कर्मचारी, कई संगठन समर्थन में आए
अमर उजाला ब्यूरो,
चंडीगढ़। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) के गुरुग्राम व नूंह में निजी कंपनी को बिजली वितरण का समानांतर लाइसेंस देने के फैसले के खिलाफ बिजली कर्मचारियों ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया। बिजली कर्मचारियों ने 22 अक्तूबर से तीन दिवसीय हड़ताल पर जाने का फैसला भी लिया है। 24 अक्तूबर को आंदोलन पर आगामी निर्णय लिया जाएगा। बिजली कर्मचारियों के समर्थन में सर्व कर्मचारी संघ, राजस्व कर्मचारी, संयुक्त किसान मोर्चा व अन्य संगठन भी आ गए हैं।
हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने मंगलवार को उपमंडल स्तर पर पुतले फूंककर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री, मुख्यमंत्री और कमीशन के अध्यक्ष के खिलाफ प्रदर्शन किया। मोर्चा के सदस्य देवेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम और बिजली के सभी हितधारकों जैसे बिजली कर्मचारी, किसान व उपभोक्ता फोरम, ट्रेड यूनियन और सभी विपक्षी दलों के लिखित विरोध के बावजूद आयोग ने एकतरफा समानांतर लाइसेंस देने का आदेश दिया है। इसका चौतरफा विरोध हो रहा है और यहां तक कि बिजली मंत्री भी इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। बुधवार को भी सभी सब डिवीजन में प्रदर्शन होंगे। इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईईएफआई) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि यह क्षेत्र निजी हाथों में सौंपने से निगम को भारी आर्थिक नुकसान होगा। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि समानांतर लाइसेंस के आदेश रद नहीं हुए तो 24 अक्तूबर को आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी। संयुक्त किसान मोर्चा, किसान सभा, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) और अन्य मजदूर संगठनों ने भी इस फैसले की निंदा की है। उन्होंने बिजली कर्मियों की तीन दिवसीय हड़ताल का समर्थन किया है।
इन संगठनों ने दिया बिजली कर्मियों को समर्थन
सर्व कर्मचारी संघ के महासचिव कृष्ण नैन ने कहा कि बीएसएनएल की तर्ज पर बिजली विभाग को धन्ना सेठों के कब्जे में नहीं जाने देंगे। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मियों की हड़ताल को समर्थन दिया जाएगा। सभी संगठनों से इस लड़ाई में एकजुट होने का आह्वान किया। दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा के राज्य महासचिव सन्नी दहिया ने बताया कि आंदोलन को गांवों के सरपंच, नंबरदार व किसानों तक लेकर जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर हड़ताल से भी पीछे नहीं हटेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा के घटक संगठन किसान सभा के उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के अध्यक्ष रतन सिंह मान, बीकेयू (घासी राम नैन) अध्यक्ष जोगेंद्र नैन, क्रांतिकारी किसान यूनियन के राज्य अध्यक्ष सतीश आजाद आदि ने भी बिजली कर्मियों को समर्थन दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो,
चंडीगढ़। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) के गुरुग्राम व नूंह में निजी कंपनी को बिजली वितरण का समानांतर लाइसेंस देने के फैसले के खिलाफ बिजली कर्मचारियों ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया। बिजली कर्मचारियों ने 22 अक्तूबर से तीन दिवसीय हड़ताल पर जाने का फैसला भी लिया है। 24 अक्तूबर को आंदोलन पर आगामी निर्णय लिया जाएगा। बिजली कर्मचारियों के समर्थन में सर्व कर्मचारी संघ, राजस्व कर्मचारी, संयुक्त किसान मोर्चा व अन्य संगठन भी आ गए हैं।
हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने मंगलवार को उपमंडल स्तर पर पुतले फूंककर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री, मुख्यमंत्री और कमीशन के अध्यक्ष के खिलाफ प्रदर्शन किया। मोर्चा के सदस्य देवेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम और बिजली के सभी हितधारकों जैसे बिजली कर्मचारी, किसान व उपभोक्ता फोरम, ट्रेड यूनियन और सभी विपक्षी दलों के लिखित विरोध के बावजूद आयोग ने एकतरफा समानांतर लाइसेंस देने का आदेश दिया है। इसका चौतरफा विरोध हो रहा है और यहां तक कि बिजली मंत्री भी इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। बुधवार को भी सभी सब डिवीजन में प्रदर्शन होंगे। इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईईएफआई) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि यह क्षेत्र निजी हाथों में सौंपने से निगम को भारी आर्थिक नुकसान होगा। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि समानांतर लाइसेंस के आदेश रद नहीं हुए तो 24 अक्तूबर को आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी। संयुक्त किसान मोर्चा, किसान सभा, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) और अन्य मजदूर संगठनों ने भी इस फैसले की निंदा की है। उन्होंने बिजली कर्मियों की तीन दिवसीय हड़ताल का समर्थन किया है।
विज्ञापन
इन संगठनों ने दिया बिजली कर्मियों को समर्थन
सर्व कर्मचारी संघ के महासचिव कृष्ण नैन ने कहा कि बीएसएनएल की तर्ज पर बिजली विभाग को धन्ना सेठों के कब्जे में नहीं जाने देंगे। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मियों की हड़ताल को समर्थन दिया जाएगा। सभी संगठनों से इस लड़ाई में एकजुट होने का आह्वान किया। दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा के राज्य महासचिव सन्नी दहिया ने बताया कि आंदोलन को गांवों के सरपंच, नंबरदार व किसानों तक लेकर जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर हड़ताल से भी पीछे नहीं हटेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा के घटक संगठन किसान सभा के उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के अध्यक्ष रतन सिंह मान, बीकेयू (घासी राम नैन) अध्यक्ष जोगेंद्र नैन, क्रांतिकारी किसान यूनियन के राज्य अध्यक्ष सतीश आजाद आदि ने भी बिजली कर्मियों को समर्थन दिया है।
विज्ञापन