रोहतक में सीवर पाइप डालते समय हादसा, दबने से एक मजदूर की मौत, दो ट्रामा सेंटर में भर्ती
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रोहतक में गांव बोहर स्थित स्टेडियम के नजदीक करीब पांच मीटर गहरे गड्ढे में सीवरेज पाइप लाइन दबाने का काम कर रहे तीन मजदूरों के ऊपर मिट्टी गिर गई, जिससे एक मजदूर की मौत हो गई और दो गंभीर घायल हो गए। घटना मंगलवार सुबह 10:30 से 11 बजे के बीच की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अमरुत योजना के तहत चार माह से सीवरेज की पाइप लाइन दबाने का काम चल रहा है, जिस मैनहोल में यह हादसा हुआ वह 5 मीटर गहरा और 3 मीटर चौड़ा है।
उसके अंदर राजस्थान के सीकर रहने वाले 40 वर्षीय श्रमिक दीपेंद्र, 46 वर्षीय कैलाश और 40 वर्षीय विक्रम काम कर रहे थे। वहीं, बाहर दो अन्य श्रमिक खैलीराम व जितेंद्र खडे़ होकर मेनहोल के भीतर काम रहे तीनों श्रमिकों को सामान आदि पकड़ा रहे थे। इसी दौरान अचानक मेनहोल के भीतर मिट्टी खिसक गई और काफी बड़ा टिला तीनों मजदूरों के ऊपर गिर गया।
बाहर खड़े दोनों श्रमिकों ने हादसे की सूचना तत्काल अन्य श्रमिकों और ठेकेदार को दी। सूचना मिलते ही सभी मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया, जिस दौरान सभी ने मिट्टी को फावड़े सहित अन्य औजारों से हटाते हुए एक श्रमिक को तुरंत ही बाहर निकाल लिया। इसके ठीक 3 मिनट बाद दूसरे श्रमिक को बाहर निकाला गया।
बाहर निकालते ही दोनों श्रमिकों दीपेंद्र और कैलाश को ट्रामा सेंटर ले जाया गया। तीसरा श्रमिक विक्रम गड्ढे में सबसे नीचे की ओर दबा हुआ था, जिसे निकालने में करीब आधे घंटे का वक्त लग गया। उसको बाहर निकालने के बाद ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने विक्रम को मृत घोषित कर दिया। मृतक सहित घायल के परिजनों को सूचना दे दी गई, जो देर रात तक रोहतक पहुंचे। दीपेंद्र और कैलाश ट्रामा सेंटर में उपचाराधीन हैं।
सोमवार को ही 10 दिन की छुट्टी के बाद लौटकर आए थे तीनों
राजस्थान के सीकर निवासी नागर मल जाखड़ ने बताया कि वह उक्त प्रोजेक्ट में बतौर ठेकेदार हैं। उनके पास करीब 10 मजदूर काम करते हैं। इन्हीं मजदूरों में ये तीनों मजदूर भी काम कर रहे थे, जो कि उसी के जिले से संबंधित हैं। प्रोजेक्ट 4 माह से चल रहा है। ठेकेदार ने बताया कि ये तीनों सोमवार को ही 10 दिन की छुट्टी के बाद काम पर लौटे थे। मंगलवार सुबह साढ़े 10 से 11 बजे के बीच यह हादसा हो गया।
तीनों ने पहनी हुई थी सेफ्टी किट, मिट्टी में दम घुटने से हुई एक की मौत
घायल दीपेंद्र और कैलाश ने बताया कि साइट पर काम करने से पहले वे सेफ्टी किट पहनते हैं। इसी के तहत मंगलवार को भी सभी श्रमिकों ने सेफ्टी किट पहनी हुई थी। किट में सिर पर हेलमेट, पेट तक एक जैकेट प्रमुख रूप से होते हैं। दोनों घायल श्रमिकों का कहना है कि विक्रम मिट्टी में काफी नीचे की ओर दब गया था, जिससे उसकी दम घुटने से मौत हो गई।