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Hindi News ›   Chandigarh ›   Once there were supporters of e-rickshaws, now demanded government car

कभी थे ई-रिक्शा के समर्थक, अब मांग डाली सरकारी कार

Wed, 19 Feb 2020 02:21 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 19 Feb 2020 02:21 AM IST
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Once there were supporters of e-rickshaws, now demanded government car
मनीमाजरा।
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जो पहले पार्षद होते हुए ई-रिक्शा और साइकिल चलाने की सिफारिश करते थे। वे पार्षद आज डिप्टी मेयर बनने के बाद सरकारी कार की मांग करने लग गए। यही नहीं सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर ने इस प्रस्ताव को निगम की बैठक में पास करवाकर प्रशासक को भी भेज दिया। यह बात आजाद वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष वसीम मीर ने कही। वसीम मीर ने बुधवार को भाजपा के पार्षद पर कटाक्ष करते हुए कहा कि दो साल पहले भाजपा के सभी पार्षद साइकिल को प्रमोट करने का दावा कर रहे थे जबकि अब वे अपने दावे को भूल कर निगम से सरकारी कारों की मांग करने लग गए हैं।
दो साल पहले ई-रिक्शा चलाकर आए थे डिप्टी मेयर
वसीम मीर ने कहा कि मौजूदा डिप्टी मेयर जगतार सिंह ढिल्लों द्वारा अपने लिए गाड़ी को मांगना शर्मनाक बात है, क्योंकि आज से दो साल पहले 27 मार्च 2018 को डिप्टी मेयर जगतर सिंह ढिल्लों ई-रिक्शा को खुद चलाकर नगर निगम के ऑफिस पहुंचे थे। यही नहीं उस समय उनके साथ ई-रिक्शा पर पार्षद शक्ति देवशाली और भरत कुमार भी उसी रिक्शा बैठे हुए थे। दो साल के अंतराल में पार्षद अपनी ही प्रतिज्ञा को भूल गए और अब खुद के लिए कार की मांग करने लगे।
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करदाता के पैसे कर रहे दुरुपयोग
इस बारे में ब्लॉक कांग्रेस के प्रधान संजय भजनी, सीनियर नेता रामेश गोयल, सुरजीत ढिल्लोें ने कहा कि सीनियर मेयर रविकांत शर्मा और डिप्टी मेयर जगतार सिंह जग्गा को गाड़ी देना गलत है। जहां पहले ही निगम के पास वेतन देने और अन्य कार्य के लिए पैसा नहीं है। ऐसे में इन दोनों नेताओं द्वारा गाड़ी की मांग करना भी गलत है। यह दोनों नेता निगम से गाड़ी लेकर शहर के करदाता के पैसे का दुरुपयोग करेंगे।
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कोट्स
प्रशासक ने चंडीगढ़ के सभी 13 गांवों की जिम्मेदारी दी है। उन 13 गांव में काम को लेकर अक्सर चक्कर लगने शुरू हो गए हैं। अगर निगम के एसडीओ और जेई को गाड़ियां दी जा सकती है, तो सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर को गाड़ी देने में क्या हर्ज है। इसके साथ अगर उनके पास गाड़ियां हो गईं तो वे हर गांव और इलाके में जाकर वहां हो रहे कामों को जांच करेंगे। इससे काम भी उनकी देखरेख में ठीक होंगे और साथ ही भ्रष्टाचार भी कम होगा। -जगतार सिंह जग्गा, डिप्टी मेयर नगर निगम चंडीगढ़
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