{"_id":"67833105c171fe3c20043358","slug":"on-the-lines-of-gift-city-mp-demanded-to-establish-an-international-financial-center-in-chandigarh-wrote-a-letter-to-the-administrator-chandigarh-news-c-16-pkl1043-605972-2025-01-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: गिफ्ट सिटी की तर्ज पर सांसद ने चंडीगढ़ में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र स्थापित करने की रखी मांग, प्रशासक को लिखा पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: गिफ्ट सिटी की तर्ज पर सांसद ने चंडीगढ़ में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र स्थापित करने की रखी मांग, प्रशासक को लिखा पत्र
विज्ञापन
चंडीगढ़। सांसद मनीष तिवारी ने चंडीगढ़ में गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) की तर्ज पर एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र (आईएफसी) स्थापित करने की मांग को लेकर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखा है। तिवारी ने कहा कि चंडीगढ़ में बड़े कारखानों की स्थापना संभव नहीं है, ऐसे में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सेवा क्षेत्र का विस्तार ही सबसे उपयुक्त उपाय है। उन्होंने प्रशासक से आग्रह किया है कि वे इस प्रस्ताव पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से चर्चा करें।
तिवारी ने अपने पत्र में कहा है कि चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला और न्यू चंडीगढ़ जैसे क्षेत्रों के लिए एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र आर्थिक विकास का एक बेहतरीन अवसर होगा। पर्यावरणीय कारणों से चंडीगढ़ में बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित नहीं की जा सकतीं। ऐसे में सेवा क्षेत्र का विस्तार रोजगार के अवसर पैदा करने का एकमात्र व्यावहारिक तरीका है। उनका मानना है कि आईएफसी चंडीगढ़ और पूरे उत्तर भारत में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक क्रांतिकारी पहल साबित हो सकता है। उन्होंने प्रशासक से आग्रह किया है कि वे इस प्रस्ताव को साकार करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से चर्चा करें। आईएफसी की स्थापना से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और यह चंडीगढ़ को एक वित्तीय हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। पत्र में उनकी ओर से वित्त मंत्री को लिखे गए एक अन्य पत्र की प्रतिलिपि भी शामिल की गई है, जिसमें आईएफसी के आर्थिक लाभों और चंडीगढ़ के उपयुक्त स्थान होने के कारणों का विवरण दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
तिवारी ने अपने पत्र में कहा है कि चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला और न्यू चंडीगढ़ जैसे क्षेत्रों के लिए एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र आर्थिक विकास का एक बेहतरीन अवसर होगा। पर्यावरणीय कारणों से चंडीगढ़ में बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित नहीं की जा सकतीं। ऐसे में सेवा क्षेत्र का विस्तार रोजगार के अवसर पैदा करने का एकमात्र व्यावहारिक तरीका है। उनका मानना है कि आईएफसी चंडीगढ़ और पूरे उत्तर भारत में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक क्रांतिकारी पहल साबित हो सकता है। उन्होंने प्रशासक से आग्रह किया है कि वे इस प्रस्ताव को साकार करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से चर्चा करें। आईएफसी की स्थापना से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और यह चंडीगढ़ को एक वित्तीय हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। पत्र में उनकी ओर से वित्त मंत्री को लिखे गए एक अन्य पत्र की प्रतिलिपि भी शामिल की गई है, जिसमें आईएफसी के आर्थिक लाभों और चंडीगढ़ के उपयुक्त स्थान होने के कारणों का विवरण दिया गया है।
विज्ञापन

11सीटीके02 : किला रोड बाजार के सामने बने सार्वजनिक शौचालय के बाहर लगी महिलाओं की लाइन।

11सीटीके02 : किला रोड बाजार के सामने बने सार्वजनिक शौचालय के बाहर लगी महिलाओं की लाइन।

11सीटीके02 : किला रोड बाजार के सामने बने सार्वजनिक शौचालय के बाहर लगी महिलाओं की लाइन।

11सीटीके02 : किला रोड बाजार के सामने बने सार्वजनिक शौचालय के बाहर लगी महिलाओं की लाइन।
विज्ञापन