चंडीगढ़: लॉकडाउन में ढील मिलते ही घर जाने की जल्दी, 15 हजार ने किया आवेदन, वेबसाइट भी क्रैश
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चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से प्रवासी मजदूर, छात्र, पयर्टकों को घर पहुंचाने के लिए शुरू की गई हेल्पलाइन पर पहले दिन 15 हजार से ज्यादा लोगों ने आवेदन कर दिया। इतनी भारी संख्या में लोगों ने आवेदन किया कि हेल्पलाइन सुबह ही जाम हो गई। इसके अलावा प्रशासन की वेबसाइट पर भी हजारों लोगों ने आवेदन किया, जिसके बाद वेबसाइट क्रैश हो गई।
लॉकडाउन की वजह से शहर में फंसे प्रवासी मजदूरों, छात्रों और पर्यटकों को घर भेजने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने आवदेन मांगे थे। ऐसे लोगों की सूची बनाने के लिए प्रशासन ने एक हेल्पलाइन नंबर 18001802067 जारी किया था और वेबसाइट पर भी आवेदन मांगे थे।
लोगों की शिकायत रही कि हेल्पलाइन नंबर बार-बार मिलाने पर नहीं मिला। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार कुछ घंटे यह समस्या आई, इसके बाद सिस्टम को दुरुस्त कर लिया गया। इस संबंध में नोडल ऑफिसर राजीव तिवारी ने बताया कि चंडीगढ़ प्रशासन को अपनी वेबसाइट व हेल्पलाइन नंबर पर करीब 15 हजार आवेदन मिले हैं। इसमें वह लोग हैं, जो चंडीगढ़ से अपने घरों को वापस जाना चाहते हैं।
इसके इलावा इनमें एक हजार ऐसे लोग हैं, जो दूसरे राज्यों से चंडीगढ़ वापस आना चाहते हैं। आवेदनों की भारी संख्या के चलते शाम 6 बजे से करीब 7.15 बजे तक वेबसाइट क्रैश कर गई। हेल्पलाइन नंबर में भी थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसा भारी संख्या में आवेदन आने के चलते हुआ। उन्होंने कहा कि शनिवार पहला दिन था और आगे पूरा सिस्टम ठीक हो जाएगा।
आंकड़े जुटाने के बाद राज्यों को भेजी जाएगी लिस्ट
प्रशासन अभी शहर में फंसे सभी मजदूरों का आंकड़ा जुटा रहा है। इसके बाद जिस राज्य के मजदूर ज्यादा होंगे, उस राज्य से संपर्क किया जाएगा और बातचीत के आधार पर यह तय होगा कि मजदूरों को उनके घर कैसे भेजा जाएगा।
ऐसे मजदूर, छात्र व पर्यटक प्रशासन की तरफ से जारी वेबसाइट http://admser.chd.nic.in/migrant/ पर आवेदन कर सकेंगे। जो मजदूर वेबसाइट पर आवेदन करने में सक्षम नहीं हैं, वो हेल्पलाइन नंबर पर सुबह 8 बजे से रात 8 बजे के बीच संपर्क कर सकते हैं।
गौरतलब है कि 24 मार्च को अचानक लॉकडाउन की घोषणा के बाद हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर, छात्र और पर्यटक शहर व अन्य राज्यों में फंस गए थे और उनकी घर वापसी एक बड़ी समस्या बनी हुई थी।