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Hindi News ›   Chandigarh ›   Om Prakash Dhankar in Amar Ujala dialogue program, talks on Peri-urban farming

किसानी का अगला लेवल, हरियाणा में बीजिंग जैसी पैरी-अर्बन खेती

Sat, 22 Oct 2016 12:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 22 Oct 2016 12:08 AM IST
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Om Prakash Dhankar in Amar Ujala dialogue program, talks on Peri-urban farming
गुजरात को पछाड़ने की तैयारी कर रहा हरियाणा - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने कहा है कि राज्य में खेतीबाड़ी की पैरी-अर्बन तकनीक को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत शहरों के करीब ग्रामीण इलाकों में ऐसी फसलों के उत्पादन किया जाएगा, जो शहरों में दैनिक आवश्यकता की वस्तुएं हैं। धनखड़ शुक्त्रस्वार को चंडीगढ़ स्थित अमर उजाला कार्यालय पहुंचे थे।
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उन्होंने स्टाफ के साथ औपचारिक बातचीत के दौरान जहां हरियाणा सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का जिक्त्रस् किया, वहीं अपने राजनीतिक जीवन के सफर की बातें भी साझा कीं। कृषि मंत्री के रूप में ओपी धनखड़ हरियाणा में कृषि के आधुनिकीकरण के लिए चीन समेत कई देशों की यात्रा कर चुके हैं। खास बात यह है कि उन्होंने विभिन्न देशों की कृषि पद्धतियों का अध्ययन करके उन्हें हरियाणा में लागू करने का जो अभियान शुरु किया है, पैरी-अर्बन तकनीक भी उसी का हिस्सा है।
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उन्होंने बताया कि बीजिंग (चीन) में बाहरी इलाके में 18000 किमी. क्षेत्र में पैरी-अर्बन तकनीक अपनाई गई है, जिसके तहत बीजिंग को हर रोज सब्जियों, फलों, फूलों आदि की सप्लाई होती है, जिससे वहां के किसान भी खुशहाल हुए हैं। उन्होंने बताया कि खेती की इस तकनीक को राजधानी दिल्ली से सटे जिलों में लागू करने का फैसला किया गया है। वर्तमान में दिल्ली से मुरथल पहुंचने तक खेतों में धान उगी हुई दिखाई देती है। अगर इन खेतों में दिल्ली की दैनिक जरूरतों की वस्तुओं उगाई जाएं और धान सुदूर क्षेत्र में उगाया जाए तो दिल्ली के सटे ग्रामीणों को लाभ होगा। धनखड़ ने कहा कि इस संबंध में हरियाणा सरकार की केंद्र के साथ दो बैठकें हो चुकी हैं और केंद्र ने भी इस तकनीक की खेत?ी पर सहमति जताते हुए मदद का भरोसा दिया है।
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'शहरों से सटे गांव उगाएंगे रोजमर्रा की जरूरी फसलें'

Om Prakash Dhankar in Amar Ujala dialogue program, talks on Peri-urban farming
गुजरात को पछाड़ने की तैयारी कर रहा हरियाणा - फोटो : अमर उजाला
कृषि मंत्री ने बताया कि हरियाणा को बागवानी विश्वविद्यालय मिल गया है और प्रत्येक जिले में एक्सीलेंसी सेंटरों की स्थापना का फैसला भी किया है। इसके अलावा 440 बागवानी गांव चुने गए हैं, जहां फूलों-फलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार बिजली, पानी, बीज व अन्य आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराएगी।

उन्होंने कहा कि बागवानी गांव चुनने का सबसे बड़ा फायदा यही है कि बागवानी किसानों को एक ही स्थान पर सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि गन्नौर में ?बन रही आधुनिक मंडी भी जल्दी ही बनकर तैयार हो जाएगी?।

किसान अपना ब्रांड बनाएं : धनखड़
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में प्रत्येक गांव का अपना ब्रांड हो और गांव की पहचान वहां होने वाले विशेष उत्पादन से हो। उन्होंने कहा कि किसान उपज तो उगाते हैं लेकिन उसकी बिक्त्रस्ी में कुशल नहीं हैं। उन्हें अपने उत्पादन की बिक्री के तौर तरीके भी सीखने होंगे। धनखड़ ने कहा कि वे चाहते हैं कि किसान अपने ब्रांड बनाएं।

 

इस संबंध में सरकार के ब्रांड हरियाणा फ्रैश का जिक्त्रस् करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार व्यापार नहीं कर सकती, बस ढांचा खड़ा कर सकती है। गांव के युवाओं को आगे आकर कृषि उत्पादों का बिजनेस संभालना होगा। किसान अपना माल खुद बेचना सीखें। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में एग्रीकल्चर बिजनेस स्कूल भी खोले जाएंगे, जहां किसानों और युवा ग्रामीणों को कृषि उत्पाद बेचने की शिक्षा दी जाएगी।
 

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