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Chandigarh News: पीयू में केंद्रीय सेवा नियम का प्रस्ताव बनाने के लिए नहीं मिला अधिकारिक नोटिस
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में वाइस चांसलर की ओर से इसी हफ्ते केंद्रीय फंडिंग और केंद्रीय सेवा नियम लागू करने के लिए कमेटी की घोषणा की गई थी हालांकि कमेटी के सदस्यों को अभी तक अधिकारिक तौर पर प्रस्ताव तैयार करने की सूचना नहीं मिली है। सीनेटर ने बताया कि मुख्य लक्ष्य यूजीसी के सभी नियमों को पीयू पर लागू करवाना रहेगा। इसे प्रस्ताव में प्रमुखता से शामिल करना है। इसे लेकर अन्य यूनिवर्सिटियों की व्यवस्था को भी देखा जाएगा। पीयू की मौजूदा ढांचागत व्यवस्था में खासा बदलाव नहीं किया जाएगा। केंद्रीय फंडिंग को बढ़ाने पर लक्ष्य रहेगा जिससे पीयू के वित्तीय हालातों में सुधार हो सके।
वीसी की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय सेवा नियमों के लिए पीयू सीनेटर और शिक्षक प्रो. गुरमीत, प्रो.जतिंदर ग्रोवर, प्रो. दविंदर और प्रो. रजत को जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि इनके पास अभी तक कमेटी को लेकर लिखित नोटिस नहीं आया है। पीयू में केंद्रीय सेवा नियम लागू करवाने को लेकर पिछले कई सालों से मसला चल रहा है। इसे लेकर सीनेट में प्रो. गुरमीत प्रमुखता से इस मुद्दे को उठाते रहे हैं। बैठक में लगभग 18 के करीब शिक्षक सीनेट सदस्य मौजूद रहे थे। इस दौरान ग्रेजुएट कांस्टीट्यूएंसी के सीनेट सदस्यों को नहीं बुलाया गया था। बैठक में पीयू की रैंकिंग को लेकर भी चर्चा हुई। पीयू की रैंकिंग में पिछले सालों में गिरावट आई है। रैंकिंग में सुधारात्मक तरीकों को लेकर प्रस्ताव बनाने की जिम्मेदारी बैठक के दौरान प्रो. दत्ता को दी गई थी।
पीयू की वेबसाइट में किया जाए सुधार
वीसी की अध्यक्षता में हुई बैठक में पंजाब यूनिवर्सिटी की वेबसाइट में सुधार पर चर्चा की गई। वेबसाइट को समय पर अपडेट किया जाए और अधिक से अधिक जानकारी को डिजिटलाइज्ड किया जाए जिससे छात्रों और शिक्षकों के साथ अन्य लोगों को सहूलियत हो। वेबसाइट की फंक्शनिंग में भी सुधार किया जाए। बैठक के दौरान प्रो. योजना रावत, प्रो. सविता गुप्ता, प्रो. एसके कंसल, प्रो. सुखबीर कौर, प्रो. प्रशांत गौतम, डॉ. निधि गौतम, प्रो. हेमंत बत्रा, डॉ. प्रियतोष, प्रो. लतिका, डॉ. गौरव गौड़, डॉ. जयंती दत्ता इत्यादि सीनेट सदस्य व शिक्षक मौजूद थे।
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वीसी की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय सेवा नियमों के लिए पीयू सीनेटर और शिक्षक प्रो. गुरमीत, प्रो.जतिंदर ग्रोवर, प्रो. दविंदर और प्रो. रजत को जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि इनके पास अभी तक कमेटी को लेकर लिखित नोटिस नहीं आया है। पीयू में केंद्रीय सेवा नियम लागू करवाने को लेकर पिछले कई सालों से मसला चल रहा है। इसे लेकर सीनेट में प्रो. गुरमीत प्रमुखता से इस मुद्दे को उठाते रहे हैं। बैठक में लगभग 18 के करीब शिक्षक सीनेट सदस्य मौजूद रहे थे। इस दौरान ग्रेजुएट कांस्टीट्यूएंसी के सीनेट सदस्यों को नहीं बुलाया गया था। बैठक में पीयू की रैंकिंग को लेकर भी चर्चा हुई। पीयू की रैंकिंग में पिछले सालों में गिरावट आई है। रैंकिंग में सुधारात्मक तरीकों को लेकर प्रस्ताव बनाने की जिम्मेदारी बैठक के दौरान प्रो. दत्ता को दी गई थी।
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पीयू की वेबसाइट में किया जाए सुधार
वीसी की अध्यक्षता में हुई बैठक में पंजाब यूनिवर्सिटी की वेबसाइट में सुधार पर चर्चा की गई। वेबसाइट को समय पर अपडेट किया जाए और अधिक से अधिक जानकारी को डिजिटलाइज्ड किया जाए जिससे छात्रों और शिक्षकों के साथ अन्य लोगों को सहूलियत हो। वेबसाइट की फंक्शनिंग में भी सुधार किया जाए। बैठक के दौरान प्रो. योजना रावत, प्रो. सविता गुप्ता, प्रो. एसके कंसल, प्रो. सुखबीर कौर, प्रो. प्रशांत गौतम, डॉ. निधि गौतम, प्रो. हेमंत बत्रा, डॉ. प्रियतोष, प्रो. लतिका, डॉ. गौरव गौड़, डॉ. जयंती दत्ता इत्यादि सीनेट सदस्य व शिक्षक मौजूद थे।
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