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Hindi News ›   Chandigarh ›   Offered sub-inspector in ten millions, without posting A friendly interview

दस लाख में बनाते थे सब इंसपेक्टर, बिना इंटरव्यू पोस्टिंग मनमाफिक

Fri, 20 Jan 2017 11:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर Updated Fri, 20 Jan 2017 11:21 PM IST
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Offered sub-inspector in ten millions, without posting A friendly interview
पु‌लिस - फोटो : अमर उजाला

दस लाख में सब इंसपेक्टर वह भी बिना किसी इंटरव्यू के। घर बैठे नौकरी पाने का इससे आसान तरीका शायद ही कोई हो। यही बात लोगों को बताकर अपनी ऊंची पहुंच तक हाथ मिलने का दावा करके पंजाब पुलिस के हेडकांस्टेबल ने सैकड़ों लोगों को चूना लगाया।

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यह गिरोह पंजाब के साथ लगते राज्यों के साथ-साथ दिल्ली तक फैला हुआ था। गिरोह सब इंसपेक्टर की नौकरी के साथ-साथ मनमाफिक थानों में पोस्टिंग लगवाने का भी दावा करता था। कहानी इतनी लंबी और होती अगर स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) ने सूचना मिलने का बाद जाल न बिछाया होता। 
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यह जाल इतना सटीक था कि शिकारी खुद-ब-खुद जाल में आ फंसा। गुरप्रीत सिंह (45) वर्ष पंजाब पुलिस में हेडकांस्टेबल था। अमृतसर के कई थानों में तैनात रहा है। गुरप्रीत सिंह का दिमाग बहुत तेज चलता है। 
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गुरप्रीत सिंह ने अपने ही रिश्तेदारों से पहले कहा कि उसकी ऊंची जान पहचान है, सीधे पुलिस में सब इंसपेक्टर भर्ती करवा देगा। अगर ग्रेजुएट की डिग्री नही है तो उसका इंतजाम वह कर देगा। गुरप्रीत के झांसे में एक एक करके रिश्तेदारों के बाद आम लोग आने लगे। 

हेड कांस्टेबल निकला सरगना

Offered sub-inspector in ten millions, without posting A friendly interview
पुलिस - फोटो : Demo Pic

गुरप्रीत इतने शातिर थे कि पंजाब पुलिस के लेटरपैड को स्कैन करके उस पर सब इंसपेक्टर की नौकरी पाने वालों से पैसा लेने के बाद पत्र भेजता था, जो खुद पटियाला और चंडीगढ़ जाकर पोस्ट कर देता था। लेटर पाने वालों की आस बंधी रहती थी।

दूसरी तरफ गुरप्रीत सिंह सभी को जुबान बंद रखने के लिए कहता था जिससे बना बनाया काम न खराब हो जाए। गुरप्रीत की इन्हीं बातों पर लोग विश्वास कर लेते और गुरप्रीत अपने साथियों के साथ यह गोरखधंधा चला रहा था। 

एसटीएफ को गुरप्रीत के बारे में जानकारी मिली तो एसटीएफ चीफ कुंवर विजय प्रताप सिंह ने गुरप्रीत को फांसने के लिए मजबूत नेटवर्क बनाया। गुरप्रीत एसटीएफ के जाल में फंसा तो उसके दो साथी हरचरण सिंह हैरी और दलजीत सिंह निवासी बटाला को गिरफ्तार कर लिया। 

कुंवर विजय प्रताप सिंह ने कहा कि अभी तक सौ से ज्यादा लोगों को शहिकार बनाने की बात कबूल की है, वैसे यह नेटवर्क हिमाचल, हरियाणा, राजस्थान , दिल्ली से लेकर राजधानी चंडीगढ़ तक फैला है। इस गिरोह की और गिरफ्तारियां जल्द होंगी।

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