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एक दिन में डेढ़ सौ मरीज वारयल के
अमर उजाला/ ब्यूरो, कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 27 Aug 2014 01:11 AM IST
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इस्माईलाबाद कस्बे व क्षेत्र में वायरल बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। वायरल बुखार के सैकड़ों मरीज रोज सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।
इसकी पुष्टि सरकारी अस्पताल के डॉ. तुलित छाबड़ा ने करते हुए बताया कि इस समय अस्पताल में करीब 250 मरीजों की ओपीडी है। इसमें से करीब डेढ़ सौ मरीज वायरल बुखार के होते हैं।
इस बुखार में मरीज की छाती में जकड़न और सांस लेने में तकलीफ होती है। ऐसा होने पर मरीज को तुरंत अस्पताल में जाकर खून की जांच करानी चाहिए।
इस बुखार में ज्यादा एंटिबायोटिक दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि वायरल बुखार के मरीजों को फल ज्यादा खाने चाहिए और अधिक पानी पीना चाहिए।
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शरीर को पूरी तरह कपड़ों से ढक कर रखना चाहिए। वायरल बुखार के मरीज को शरीर को खुला नहीं छोड़ें। इस बुखार से मरीजों को घबराना नहीं चाहिए।
वहीं चिकित्सक द्वारा बताई गई दवाई का पूरा कोर्स करना चाहिए। ऐसे मरीज जो खेतीबाड़ी का कार्य करते हैं। वे इस बुखार के दौरान खेतों में न जाएं। यदि जाना ही पड़े तो मुंह पर कपड़ा बांधकर जाएं।
मरीज को ज्यादातर आराम ही करना चाहिए। इस बुखार के मरीजों की संख्या सरकारी अस्पताल से ज्यादा प्राइवेट अस्पताल में पहुंच रही है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि इस बुखार को नियंत्रण करने के लिए संबंधित विभाग को कारगर कदम उठाने चाहिए। वहीं कस्बे व क्षेत्र में मच्छरों की भरमार की रोकथाम के भी प्रबंध करने चाहिए ताकि लोग इस बुखार व अन्य किसी भी बुखार की चपेट में आने से बच सकें।
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इसकी पुष्टि सरकारी अस्पताल के डॉ. तुलित छाबड़ा ने करते हुए बताया कि इस समय अस्पताल में करीब 250 मरीजों की ओपीडी है। इसमें से करीब डेढ़ सौ मरीज वायरल बुखार के होते हैं।
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इस बुखार में मरीज की छाती में जकड़न और सांस लेने में तकलीफ होती है। ऐसा होने पर मरीज को तुरंत अस्पताल में जाकर खून की जांच करानी चाहिए।
इस बुखार में ज्यादा एंटिबायोटिक दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि वायरल बुखार के मरीजों को फल ज्यादा खाने चाहिए और अधिक पानी पीना चाहिए।
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शरीर को पूरी तरह कपड़ों से ढक कर रखना चाहिए। वायरल बुखार के मरीज को शरीर को खुला नहीं छोड़ें। इस बुखार से मरीजों को घबराना नहीं चाहिए।
वहीं चिकित्सक द्वारा बताई गई दवाई का पूरा कोर्स करना चाहिए। ऐसे मरीज जो खेतीबाड़ी का कार्य करते हैं। वे इस बुखार के दौरान खेतों में न जाएं। यदि जाना ही पड़े तो मुंह पर कपड़ा बांधकर जाएं।
मरीज को ज्यादातर आराम ही करना चाहिए। इस बुखार के मरीजों की संख्या सरकारी अस्पताल से ज्यादा प्राइवेट अस्पताल में पहुंच रही है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि इस बुखार को नियंत्रण करने के लिए संबंधित विभाग को कारगर कदम उठाने चाहिए। वहीं कस्बे व क्षेत्र में मच्छरों की भरमार की रोकथाम के भी प्रबंध करने चाहिए ताकि लोग इस बुखार व अन्य किसी भी बुखार की चपेट में आने से बच सकें।