{"_id":"5e9c2abc8ebc3e6fed1328f0","slug":"nursing-officer-share-experience-of-corona-dedicated-hospital-and-family-life","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना फाइटर अंजू बोलीं- हमें न अपनी फिक्र है न परिवार की.. ये घड़ी है असली इम्तिहान की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना फाइटर अंजू बोलीं- हमें न अपनी फिक्र है न परिवार की.. ये घड़ी है असली इम्तिहान की
Sun, 19 Apr 2020 04:15 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 19 Apr 2020 04:15 PM IST
विज्ञापन
कोरोना डेडिकेटेड अस्पताल में तैनात अंजू बाला।
- फोटो : अमर उजाला
ऐसा भयानक मंजर मैंने अपनी 15 साल की नौकरी में कभी नहीं देखा। सच कहूं मुझे न तो अपने जान की फिक्र है न ही अपने परिवार की, इस समय तो हमें अपने देश को कोरोना से बचाना है। यह कहना है पीजीआई नर्सिंग ऑफिसर अंजू बाला का, जो इस समय पीजीआई कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल की इमरजेंसी में ड्यूटी कर रही हैं।
विज्ञापन
अंजू ने बताया कि कोरोना का कोई भी मरीज जैसे ही पॉजिटिव घोषित होता है उसे सबसे पहले इमरजेंसी में भेजा जाता है। हमारे पास आने के बाद उसकी मौजूदा स्थिति की जांच कर तत्काल उसका इलाज शुरू किया जाता है। ज्यादा गंभीर मरीज को आईसीयू में शिफ्ट किया जाता है। इस दौरान मरीजों से संक्रमण का खतरा बना रहता है। लेकिन अपनी सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था कर ड्यूटी पर डटे रहते हैं।
विज्ञापन
बेटा पूछता है- मम्मी कब आओगी... मेरा जवाब होता है कोरोना को इंडिया से भगाकर जल्दी आऊंगी
अंजू के पति विवेक जिंदल एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। इन्हें 6 साल का एक बेटा भी है जिसका नाम रिधान जिंदल है। अंजू ने बताया कि कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल में ड्यूटी लगने के 21 दिन बाद ही अपने पति और बेटे से मिल पाएंगी।
विज्ञापन
सात दिन की लगातार ड्यूटी के बाद उन्हें 14 दिन तक क्वारंटीन रहना होगा। बेटे से जब भी मोबाइल पर बात होती है वो सबसे पहले यही पूछता है कि मम्मा घर कब आओगी। मेरा बस एक ही जवाब होता है कि कोरोना को इंडिया से भगाकर जल्दी से आती हूं, तब तक अपना और अपने पापा का ख्याल रखना।