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Hindi News ›   Chandigarh ›   Number of Electricity Defaulters increased in Corona Period in Haryana

हरियाणा: कोरोना काल में घटी लोगों की आमदनी, बढ़ गए आठ लाख बिजली डिफाल्टर

Tue, 01 Jun 2021 11:19 AM IST
निवेदिता वर्मा सोम दत्त, अमर उजाला, चंडीगढ़
सोम दत्त, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 01 Jun 2021 11:19 AM IST
सार

निगम के आंकड़ों के मुताबिक कुल बकाया राशि में से सबसे अधिक बकाया राशि घरेलू ग्रामीण उपभोक्ताओं पर 3626 करोड़ रुपये है। खास बात यह है कि किसानों से अधिक राशि उद्योगपतियों पर बकाया है।

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Number of Electricity Defaulters increased in Corona Period in Haryana
हरियाणा में बढ़े बिजली डिफाल्टर। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

कोरोना काल में हरियाणा के लोगों की आमदनी घटने का असर बिजली निगमों पर पड़ा है। करीब सवा साल के दौरान 8 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता समय पर बिल भुगतान नहीं करने पर डिफाल्टर हो गए। साथ ही निगमों की बकाया राशि 1855 करोड़ रुपये बढ़ गई, जिससे कुल बकाया राशि 6814 करोड़ पहुंच गई है।

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खास बात यह है कि डिफाल्टरों में ग्रामीण, शहरी, उद्योगपतियों समेत सरकारी विभाग भी शामिल हैं। पहले जहां करीब 16 लाख उपभोक्ता डिफाल्टर थे, अब इनकी संख्या बढ़कर 2361610 हो गई है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम पर 2104 करोड़ और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम पर 4707 करोड़ रुपये की बकाया राशि है। प्रदेश में करीब 76 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं।
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सवा साल पहले 1558232 उपभोक्ताओं पर बिजली निगमों के 4959.61 करोड़ रुपये बकाया थे। शहरी घरेलू उपभोक्ताओं पर 593.37 करोड़ रुपये, ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं पर 2779.66 करोड़, कृषि उपभोक्ताओं पर 177.73 करोड़, गैर घरेलू उपभोक्ताओं पर 487.98 करोड़, इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं पर 572.96 करोड़, सरकारी विभागों पर 347.91 करोड़ रुपये बकाया थे।   
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खेती से चार गुना अधिक इंडस्ट्रीज पर बकाया है राशि
निगम के आंकड़ों के मुताबिक कुल बकाया राशि में से सबसे अधिक बकाया राशि घरेलू ग्रामीण उपभोक्ताओं पर 3626 करोड़ रुपये है। खास बात यह है कि किसानों से अधिक राशि उद्योगपतियों पर बकाया है। खेती पर 168 करोड़, जबकि इंडस्ट्रीज पर चार गुना अधिक 768 करोड़ रुपये की राशि बकाया है। वहीं, घरेलू शहरी उपभोक्ता 865 करोड़, नॉन डोमेस्टिक उपभोक्ता 677 करोड़ रुपये के देनदार हैं। इसके अलावा, सिंचाई विभाग, पंचायती राज विभाग, निकाय और शिक्षा विभाग समेत अन्य सरकारी विभागों पर 707 करोड़ रुपये बकाया हैं। 


                     यूएचबीवीएन बकाया                 डीएचबीवीएन बकाया
घरेलू अर्बन :               261                                      604
घरेलू ग्रामीण :            1018                                    2608
खेती :                         86                                        82
नान डोमेस्टिक :          208                                      469
इंडस्ट्रियल :                337                                      431
सरकारी विभाग :        194                                      513
(राशि करोड़ में)

बिजली चोरी रोकने पर फोकस : मंत्री
विभाग ने गत दिनों 236 टीमें गठित करके उद्योगों, गेस्ट हाउस, रिजॉर्ट, मॉल और ईंट-भट्ठों पर छापे मारकर 2600 बिजली चोरी के मामले दर्ज किए। इसकी वजह से एक महीने में ही बिजली राजस्व बढ़कर 536 करोड़ रुपये हो गया। बिजली चोरी रोकने को पूरे प्रयास किए जा रहे हैं, इससे रिकवरी बढ़ेगी। - रणजीत सिंह, बिजली मंत्री

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