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NRI महिला को इंसाफ, 29 लाख की धोखाधड़ी में अकाली नेता गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, मालेरकोटला (संगरूर)
Updated Thu, 29 Sep 2016 12:26 AM IST
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29 लाख की धोखाधड़ी में अकाली नेता गिरफ्तार
- फोटो : Demo Pic
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आखिरकार ढाई साल की भागदौड़ के बाद एनआरआई महिला को इंसाफ दिलवाते हुए मालेरकोटला सिटी पुलिस ने अकाली नेता को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि गांव अलीपुर के पूर्व सरपंच हरदेव सिंह ने मालेरकोटला के अंतिम नवाब के मुबारक मंजिल महल के साथ सटे अपने प्लाट को एनआरआई महिला जसवीर कौर को 29 लाख रुपये में बेच दिया और मालेरकोटला फर्द केंद्र की फर्जी मुहर तैयार कर प्लाट की झूठी फर्द बनाकर पेश कर दी। महीनों चली पुलिस जांच में सब कुछ फर्जी निकलने पर 17 मार्च 2016 को इस शातिर नेता के खिलाफ एफआईआर तो दर्ज कर ली गई परंतु गिरफ्तारी नहीं हुई ।
14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए शातिर नेताजी
मामले के जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर प्रितपाल सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी पूर्व सरपंच हरदेव सिंह को सिविल जज मालेरकोटला प्रीती सुखेजा की कोर्ट में पेश किया गया है जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है ।
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14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए शातिर नेताजी
मामले के जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर प्रितपाल सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी पूर्व सरपंच हरदेव सिंह को सिविल जज मालेरकोटला प्रीती सुखेजा की कोर्ट में पेश किया गया है जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है ।
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ये है पूरा मामला
29 लाख की धोखाधड़ी में अकाली नेता गिरफ्तार
- फोटो : Demo Pic
कैनेडा में रहने वाली जिला मोगा की निवासी एनआरआई महिला जसवीर कौर ने आरोप लगाया था कि अकाली नेता और पूर्व सरपंच हरदेव सिंह ने मालेरकोटला में नवाब के खंडहर नुमा महल के साथ लगते प्लाट का सौदा 29 लाख में तय करके रजिस्ट्री 18 मार्च 2014 को करवा दी थी, किंतु जब वह कब्जा लेने गई तो पता चला कि वह प्लाट बिका हुआ है ।
महिला ने जमीन का इंतकाल हुई फर्द दिखाई तो जांच में आया कि इसपर भी फर्द केंद्र की फर्जी मुहरें लगाई गई हैं । एफआईआर के बावजूद गिरफ्तारी न होने के कारणों पर पुलिस अधिकारी प्रितपाल सिंह ने बताया कि आरोपी ने एक झूठा समझौता पत्र भी एनआरआई महिला के हवाले से तैयार करवाया था कि मामले में समझौता हो गया है किंतु यह भी फर्जी निकला ।
महिला ने जमीन का इंतकाल हुई फर्द दिखाई तो जांच में आया कि इसपर भी फर्द केंद्र की फर्जी मुहरें लगाई गई हैं । एफआईआर के बावजूद गिरफ्तारी न होने के कारणों पर पुलिस अधिकारी प्रितपाल सिंह ने बताया कि आरोपी ने एक झूठा समझौता पत्र भी एनआरआई महिला के हवाले से तैयार करवाया था कि मामले में समझौता हो गया है किंतु यह भी फर्जी निकला ।