{"_id":"59eb0a134f1c1b70548b8724","slug":"now-the-martyrdom-of-the-bsf-jawans-will-be-told-to-the-people","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"देश पर मर-मिटने वाले शहीदों को जनता से रू-ब-रू करवाएगी बीएसएफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देश पर मर-मिटने वाले शहीदों को जनता से रू-ब-रू करवाएगी बीएसएफ
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 21 Oct 2017 08:42 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीएसएफ अब देश पर मिटने वाले शहीदों को जनता से रू-ब-रू करवाएगी। जनता के बीच जाकर बीएसएफ शहीदों की शहादत को उनके साथ नमन करेगी। लोगों को यह भी बताया जाएगा कि ये शहीद कौन हैं? और किस तरह उन्होेंने सरहद की रक्षा के लिए अपनी जान दी।
इसके लिए इस साल बीएसएफ ने पूरे देशभर में शहीदों के नाम मैराथन दौड़ का फैसला लिया है। देशभर में सरहदों की रक्षा के लिए तैनात बीएसएफ की 186 बटालियनों और 40 सेक्टरों की ओर से इस मैराथन का आयोजन किया जाएगा।
इसी कड़ी में चंडीगढ़ में भी 22 अक्तूबर को शहीदों को समर्पित इस मैराथन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें चंडीगढ़ केप्रशासक एवं पंजाब के गर्वनर बीपी सिंह बदनौर मुख्यातिथि रहेंगे, जबकि भारी संख्या में किशोर से लेकर बुजुर्ग तक इसमें भाग लेंगे। उनके अनुसार पांच किलोमीटर की यह मैराथन 22 अक्तूबर को सुबह 7 बजे सुखना लेक खेल कांप्लेक्स से शुरू होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके लिए इस साल बीएसएफ ने पूरे देशभर में शहीदों के नाम मैराथन दौड़ का फैसला लिया है। देशभर में सरहदों की रक्षा के लिए तैनात बीएसएफ की 186 बटालियनों और 40 सेक्टरों की ओर से इस मैराथन का आयोजन किया जाएगा।
विज्ञापन
इसी कड़ी में चंडीगढ़ में भी 22 अक्तूबर को शहीदों को समर्पित इस मैराथन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें चंडीगढ़ केप्रशासक एवं पंजाब के गर्वनर बीपी सिंह बदनौर मुख्यातिथि रहेंगे, जबकि भारी संख्या में किशोर से लेकर बुजुर्ग तक इसमें भाग लेंगे। उनके अनुसार पांच किलोमीटर की यह मैराथन 22 अक्तूबर को सुबह 7 बजे सुखना लेक खेल कांप्लेक्स से शुरू होगी।
विज्ञापन
बीएसएफ वेस्टर्न कमांड हेडक्वार्टर के आईजी अभिनव कुमार ने बताया कि इस मैराथन में आमजन का सहयोग लिया जा रहा है। उनके अनुसार देश में बीएसएफ के गठन के बाद से अभी तक देश की सरहदों की रक्षा के लिए 52 साल में 1852 शहीदों ने अपनी जान दी है।
इन शहीदों को जहां हर साल बीएसएफ याद कर श्रद्धांजलि देता है, वहीं इस साल बीएसएफ देशभर में शहीदों की याद में आमजन के साथ एक बड़ी मैराथन का आयोजन करेगा। उन्होंने बताया कि बीएसएफ के जवानों ने देश की सरहद के लिए अपनी जान बाजी लगाई है, जिसका कर्ज देश कभी नहीं चुका सकता। घुसपैठ, नशा तस्करों, उग्रवाद और आतंकवाद से बीएसएफ के जवान लड़ने केलिए हमेशा तैयार थे और रहेंगे। उनके अनुसार इस साल भी बीएसफ के 5 जवान विभिन्न हमलों में शहीद हुए हैं और 37 घायल हुए हैं। डीआईजी हरबख्श सिंह ढिल्लों और सेकेंड इन कमांड अनुराग कपिला के अनुसार चंडीगढ़ मैराथन में भी भारी संख्या में लोग शहीदों को नमन करेंगे और उनकी शहादत से परिचित होंगे।
इन शहीदों को जहां हर साल बीएसएफ याद कर श्रद्धांजलि देता है, वहीं इस साल बीएसएफ देशभर में शहीदों की याद में आमजन के साथ एक बड़ी मैराथन का आयोजन करेगा। उन्होंने बताया कि बीएसएफ के जवानों ने देश की सरहद के लिए अपनी जान बाजी लगाई है, जिसका कर्ज देश कभी नहीं चुका सकता। घुसपैठ, नशा तस्करों, उग्रवाद और आतंकवाद से बीएसएफ के जवान लड़ने केलिए हमेशा तैयार थे और रहेंगे। उनके अनुसार इस साल भी बीएसफ के 5 जवान विभिन्न हमलों में शहीद हुए हैं और 37 घायल हुए हैं। डीआईजी हरबख्श सिंह ढिल्लों और सेकेंड इन कमांड अनुराग कपिला के अनुसार चंडीगढ़ मैराथन में भी भारी संख्या में लोग शहीदों को नमन करेंगे और उनकी शहादत से परिचित होंगे।