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Hindi News ›   Chandigarh ›   Now the government speaks of the Journal of Power Corporation

अब बिजली निगम की पत्रिका में सरकार का बखान

Sat, 27 Sep 2014 12:38 AM IST
अमर उजाला/ ब्यूरो, कुरुक्षेत्र
अमर उजाला/ ब्यूरो, कुरुक्षेत्र Updated Sat, 27 Sep 2014 12:38 AM IST
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चुनाव आचार संहिता लागू होने के बावजूद बिजली निगम हरियाणा सरकार की उपलब्धियों का प्रचार कर रहा है। हैरत की बात ये है कि प्रदेश में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हुए आधा माह गुजर चुका है।
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इसके बावजूद बिजली निगम चुनाव आयोग के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए हरियाणा सरकार की उपलब्धियों वाली 76 पन्नों की आकर्षक पत्रिका का मुफ्त वितरण अपने उपभोक्ताओं को कर रहा है।
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‘अमर उजाला’ ने जब मामले की पड़ताल की तो निगम के अधिकारियों के पास इसका जवाब देते नहीं बना। बता दें कि बिजली निगम के दफ्तरों में हरियाणा सरकार की उपलब्धियों वाली प्रचार सामग्री का धड़ल्ले से वितरण हो रहा है।
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बताया गया है कि बिजली निगम के दफ्तरों में आने वाले उपभोक्ताओं को बिल भरने और अन्य कारणवश काम से आने पर यह 76 पन्नों वाली गलेज पेपर से तैयार आकर्षक पत्रिका मुफ्त में दी जा रही है।

कई उपभोक्ताओं ने बताया कि जब वे बिजली का बिल भरने और अन्य काम से बिजली निगम के दफ्तर में गए यहां बिल के भुगतान के बाद उन्हें जहां रसीद दी, वहीं रसीद के साथ उन्हें एक पत्रिका भी निगम ने मुफ्त में दी।

पत्रिका में सीएम और हरियाणा के सरकार के मंत्रियों और विधायकों के अलावा कांग्रेसी नेताओं के बड़े-बड़े फोटो, कट आउट और उपकरण और प्लांट दिखाए गए हैं।

इस पत्रिका में इस बात का भी उल्लेख है कि हरियाणा में कांग्रेस की सरकार के दौरान कहां-कहां कितनी क्षमता के प्लांट लगाए गए।

सवाल ये है कि हरियाणा के वित्तमंत्री हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा जिस क्षेत्र से विधायक हैं सबसे ज्यादा पत्रिका वितरण की शिकायत वहीं से मिली है।

जबकि ये मामला सीधे तौर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का है। वहीं कुछ राजनीतिक दलों का आरोप है कि वित्तमंत्री चट्ठा के पुत्र मनदीप चट्ठा पहली बार पिहोवा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं।

निगम के अधिकारी मंत्री के पुत्र को लाभ दिलाने के लिए आचार संहिता का उल्लंघन करके सरकार की उपलब्धियों वाली पत्रिका का वितरण कर रहे हैं।

सर थोड़ा देख लेना कहीं प्रॉब्लम न हो जाए
एसडीओ, जेई फील्ड में थे, जब बिजली निगम के दफ्तर दी जा रही पत्रिकाओं और बड़ी मात्रा में  इनके यहां होने की जानकारी मौजूद स्टाफ से मांगी गई तो उन्होंने सबसे पहले आनन-फानन में इन्हें उठवाने का काम शुरू किया।

भले ही इन कर्मचारियों का इस पत्रिका और इसके वितरण से कोई लेना-देना न हो। लेकिन एक बात इनके समझ आ रही थी कि कुछ गलत हो रहा है। लिहाजा इन्होंने ज्यादा जानकारी तो नहीं दी। सिर्फ इतना ही कहा सर, देख लेना कहीं प्रॉब्लम न हो जाए।

इसके हर पन्ने पर उपलब्धियों का ब्योरा
बिजली निगम के उपभोक्ता गिन्नी चक्रपाणी, अमरजीत सिंह सैनी एवं वीके शर्मा जैसे उपभोक्ताओं के अनुसार उन्हें ये पत्रिका निशुल्क दी गई है।

अपने हाथ में ली हुई पत्रिका को दिखाते हुए इन्होंने बताया कि इसके हर पन्ने पर सरकार की उपलब्धियों का लंबा-चौड़ा ब्योरा चित्रों के साथ दिया है।

हालांकि निगम के जिस कर्मचारी ने उन्हें ये पत्रिका दी थी उसने ये नहीं बताया कि इस पत्रिका को मुफ्त में किसलिए दे रहे हैं।

अब जरा एसडीओ साहब का जवाब सुनिए
पिहोवा बिजली निगम के एसडीओ एमएस धीमान ने इस बोर में बताया कि ये पत्रिका हर दूसरे, तीसरे महीने में छपती है। इसलिए ग्राहकों को इसका निशुल्क वितरण रुटीन मैटर है।

जब अधिकारी को बताया है कि ऐसा करना चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। इस पर धीमान ने कहा कि ये पत्रिका वे देते नहीं हैं।

बल्कि दफ्तर में रखी है जो चाहे वह ले जा सकता है। आश्चर्य ये है कि दफ्तर में रखी किसी सामग्री को उपभोक्ता बगैर पूछे या बिना दिए उठाकर कैसे ले जा सकते हैं। वैसे भी पत्रिका कार्यालय में रखी ही क्या गई है।

मेरे नोटिस में नहीं है मामला : एसई
कुरुक्षेत्र बिजली निगम के एसई डीवीएस धनखड़ ने बताया कि ये मामला नोटिस में नहीं है। धनखड़ ने सवाल भी किया कि इस पत्रिका में क्या है।

जब उन्हें पत्रिका में प्रकाशित सामग्री के बारे में जानकारी दी तो तपाक से कहा कि ये पत्रिका तो बिजली निगम के स्टाफ मेंबर के लिए मंगाई जाती है। अगर आम उपभोक्ताओं को दी जा रही है तो गलत है। उनके संज्ञान में ये मामला अब आया है। इसकी जांच कराएंगे।

यह तो आचार संहिता का उल्लंघन है
पिहोवा विधानसभा क्षेत्र का निर्वाचन अधिकारी धर्मवीर के मुताबिक अगर बिजली बिल से अलग कोई ऐसी सामग्री वितरण की जा रही है, जिसमें सरकार की उपलब्धियों का ब्योरा है, तो ये सरासर आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है।


वे इसकी जांच कराएंगे और इस दिशा में प्रभावी कदम उठाते हुए संबंधित विभाग को कारण बताओ नोटिस भेजेंगे। अगर सरकार की ओर से अधिकृत स्टीकर के बिना किसी गाड़ी पर पार्टी झंडी लगी है तो ये भी आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है।
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