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अब बिल के भुगतान के लिए नहीं आना होगा पीजीआई
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अब बिल भुगतान के लिए नहीं आना होगा पीजीआई एडवांस कार्डियक सेंटर
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। पीजीआई के एडवांस कार्डियक सेंटर ने लॉकडाउन के दौरान मरीजों को एक और सुविधा प्रदान की है। अब कार्डियक सेंटर के मरीजों को अपने मेडिकल बिल के रिंबर्समेंट (वापसी) के लिए संस्थान में नहीं आना पड़ेगा। कार्डियोलॉजी विभाग ने डाक सेवाओं के माध्यम से आवश्यक दवाओं के बिल का रिंबर्समेंट (वापसी) करने का फैसला किया है। इसके लिए रोगियों को अपने ओरिजिनल बिल, डिस्चार्ज बुकलेट/ओपीडी कार्ड की फोटोकॉपी के साथ लास्ट डिटेल भेजनी होगी। साथ में डाक टिकट चिपका हुआ लिफाफा भी भेजना होगा, जिस पर बोल्ड अक्षर में अपना पता लिखना होगा। उसमें कांटेक्ट नंबर भी दर्ज करना होगा। कार्डियोलॉजी विभाग द्वारा सभी कारवाई पूरी होने के बाद, हस्ताक्षरित बिल 7-10 दिन के भीतर रजिस्टर्ड डाक/ स्पीड पोस्ट के माध्यम से वापस भेज दिए जाएगा। यह प्रक्रिया महामारी के खतरे को रोकने में मदद करेगी। मरीजों के पैसे और यात्रा बचाएगी। यह सुविधा उन सभी हृदय रोगियों पर लागू होगी जो कार्डियोलॉजी विभाग में पंजीकृत हैं।
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माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। पीजीआई के एडवांस कार्डियक सेंटर ने लॉकडाउन के दौरान मरीजों को एक और सुविधा प्रदान की है। अब कार्डियक सेंटर के मरीजों को अपने मेडिकल बिल के रिंबर्समेंट (वापसी) के लिए संस्थान में नहीं आना पड़ेगा। कार्डियोलॉजी विभाग ने डाक सेवाओं के माध्यम से आवश्यक दवाओं के बिल का रिंबर्समेंट (वापसी) करने का फैसला किया है। इसके लिए रोगियों को अपने ओरिजिनल बिल, डिस्चार्ज बुकलेट/ओपीडी कार्ड की फोटोकॉपी के साथ लास्ट डिटेल भेजनी होगी। साथ में डाक टिकट चिपका हुआ लिफाफा भी भेजना होगा, जिस पर बोल्ड अक्षर में अपना पता लिखना होगा। उसमें कांटेक्ट नंबर भी दर्ज करना होगा। कार्डियोलॉजी विभाग द्वारा सभी कारवाई पूरी होने के बाद, हस्ताक्षरित बिल 7-10 दिन के भीतर रजिस्टर्ड डाक/ स्पीड पोस्ट के माध्यम से वापस भेज दिए जाएगा। यह प्रक्रिया महामारी के खतरे को रोकने में मदद करेगी। मरीजों के पैसे और यात्रा बचाएगी। यह सुविधा उन सभी हृदय रोगियों पर लागू होगी जो कार्डियोलॉजी विभाग में पंजीकृत हैं।