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नई व्यवस्थाः अब चंडीगढ़ में ऑन द स्पॉट भुगत पाएंगे ट्रैफिक चालान, लाइन का झंझट खत्म
Sat, 18 Jul 2020 01:08 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2020 01:08 PM IST
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चालान काटते हुए ट्रैफिक पुलिसकर्मी
- फोटो : फाइल फोटो
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ट्रैफिक नियमों की अवहेलना के बाद लाइन में लगकर चालान भुगतान करने का झंझट अब खत्म हो गया है। शुक्रवार को गवर्नर वीपी सिंह बदनौर ने पंजाब राज भवन में ई-चालान सिस्टम लांच किया। अब आपकी मर्जी है कि आप डेबिट व क्रेडिट कार्ड से मौके पर चालान का भुगतान करें या फिर सेक्टर-29 ट्रैफिक लाइन चालानिंग ब्रांच में जाएं।
एक्सिस बैंक ने ट्रैफिक पुलिस को 200 से ज्यादा डिवाइस दी हैं। इनसे ट्रैफिक नियमों की उल्लंघना करने पर कटे चालान का भुगतान मौके पर ही होगा। सिस्टम को लांच करते समय डीजीपी संजय बेनीवाल, एडवाइजर मनोज परिदा के अलावा कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, एक्सिस बैंक की ओर से ट्रैैफिक पुलिस को दी गई डिवाइस में पुराने चालान का डाटा भी पता चल पाएगा। शुक्रवार को ट्रैफिक पुलिस ने शहर के अलग-अलग जगहों से 57 चालान किए, जिनमें 31 लोगों ने मौके पर भुगतान किया।
9 साल बाद पुलिस ने पूरा किया प्रोजेक्ट
डिवाइस से सिर्फ वही चालान मौके पर भुगते जा सकेंगे, जिनका कोर्ट से कोई संबंध नहीं है। साल 2011 में इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी, जिसे ट्रैफिक पुलिस ने पूरा करने में करीब नौ साल का वक्त लगा दिया। करीब 55 लाख कीमत की लगभग 200 ई-डिवाइस को ट्रैफिक पुलिस विभाग ने ट्रेनिंग के बाद अपने मुलाजिमों को दे दिया है।
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एक्सिस बैंक ने ट्रैफिक पुलिस को 200 से ज्यादा डिवाइस दी हैं। इनसे ट्रैफिक नियमों की उल्लंघना करने पर कटे चालान का भुगतान मौके पर ही होगा। सिस्टम को लांच करते समय डीजीपी संजय बेनीवाल, एडवाइजर मनोज परिदा के अलावा कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, एक्सिस बैंक की ओर से ट्रैैफिक पुलिस को दी गई डिवाइस में पुराने चालान का डाटा भी पता चल पाएगा। शुक्रवार को ट्रैफिक पुलिस ने शहर के अलग-अलग जगहों से 57 चालान किए, जिनमें 31 लोगों ने मौके पर भुगतान किया।
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9 साल बाद पुलिस ने पूरा किया प्रोजेक्ट
डिवाइस से सिर्फ वही चालान मौके पर भुगते जा सकेंगे, जिनका कोर्ट से कोई संबंध नहीं है। साल 2011 में इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी, जिसे ट्रैफिक पुलिस ने पूरा करने में करीब नौ साल का वक्त लगा दिया। करीब 55 लाख कीमत की लगभग 200 ई-डिवाइस को ट्रैफिक पुलिस विभाग ने ट्रेनिंग के बाद अपने मुलाजिमों को दे दिया है।
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इनका चालान मौके पर होगा
ओवरस्पीडिंग, ड्राइव करते समय मोबाइल पर बात करना, बिना हेलमेट, ट्रिपलिंग, बिना सीट बेल्ट, बिना नंबर प्लेट, रॉन्ग पार्किंग, ट्रैफिक साइन, जेबरा क्रॉसिंग, साइड मिरर, लो बीम हेड लाइट, खतरनाक मोड़, बार-बार लेन बदलना, नो एंट्री में जाना, दोपहिया वाहनों में हैंड ग्रिप, रियर व्हील गार्ड, बाइक की फुट रेस्ट, वाहनों पर ब्लैक फिल्म लगाना, वाहनों पर एक्स्ट्रा लाइटों का इस्तेमाल करना, वाहन चलाते समय स्मोकिंग करना, तेज हॉर्न और बिना कागजात के मौके पर चालान भुगत सकते हैं।
ये चालान कोर्ट के जरिए भुगते जाएंगे
नाबालिग के बिना लाइसेंस वाहन चलाना, रेड लाइट जंप, खतरनाक ड्राइविंग, ओवरटेकिंग, रांग साइड ड्राइविंग, साइकिल ट्रैक ड्राइविंग, ड्रंकन ड्राइव, ऊंची आवाज में म्यूजिक बजाना समेत अन्य आफेंस के तहत चालान का भुगतान कोर्ट में किया जाएगा।
पहले कटे चालान का ब्योरा भी बताएगी डिवाइस
ट्रैफिक पुलिस नेे आरएलए समेत आरटीओ ऑफिस का चालान सॉफ्टवेयर भी कनेक्ट किया है। इसके चलते ट्रैफिक पुलिस जिन किन्हीं भी वाहन चालकों का चालान करेगी, उस वाहन चालक की नई, पुरानी सभी डिटेल इस ई-डिवाइस के जरिए पता लग जाएगी कि चालक का इससे पहले चालान कटा हुआ है या फिर नहीं। बार-बार ट्रैफिक वॉयलेशन करने वाले वाहन चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड कर दिया जाएगा।
ये चालान कोर्ट के जरिए भुगते जाएंगे
नाबालिग के बिना लाइसेंस वाहन चलाना, रेड लाइट जंप, खतरनाक ड्राइविंग, ओवरटेकिंग, रांग साइड ड्राइविंग, साइकिल ट्रैक ड्राइविंग, ड्रंकन ड्राइव, ऊंची आवाज में म्यूजिक बजाना समेत अन्य आफेंस के तहत चालान का भुगतान कोर्ट में किया जाएगा।
पहले कटे चालान का ब्योरा भी बताएगी डिवाइस
ट्रैफिक पुलिस नेे आरएलए समेत आरटीओ ऑफिस का चालान सॉफ्टवेयर भी कनेक्ट किया है। इसके चलते ट्रैफिक पुलिस जिन किन्हीं भी वाहन चालकों का चालान करेगी, उस वाहन चालक की नई, पुरानी सभी डिटेल इस ई-डिवाइस के जरिए पता लग जाएगी कि चालक का इससे पहले चालान कटा हुआ है या फिर नहीं। बार-बार ट्रैफिक वॉयलेशन करने वाले वाहन चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड कर दिया जाएगा।
ट्रैफिक स्टाफ का बोझ होगा कम
अब ट्रैफिक पुलिस वाहन चालकों से यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर मौके पर भुगतान राशि वसूलती दिखेगी। इसके साथ अगर कोई वाहन चालक मौके पर भुगतान नहीं कर सकता तो वह चालानिंग ब्रांच से भी भुगतान करवा सकता है। वहीं, अधिकारियों के अनुसार इस नई ई-डिवाइस के बाद ट्रैफिक लाइन में तैनात पुलिसकर्मियों का काम पहले के मुकाबले काफी हद तक कम हो जाएगा।
डीजी लॉकर और एमपरिवहन में रख सकते हैं दस्तावेज
अब वाहनों के कागजात की हार्ड कॉपी अपने पास रखने के साथ-साथ डिजिलॉकर और एम परिवहन एप में अपने वाहनों के कागजात की सॉफ्ट कॉपी भी रख सकते हैं। ट्रैफिक पुलिस मोबाइल पर ही इन दस्तावेज को देखने के बाद आपको छोड़ देगी। इसके अलावा ऑनलाइन चालान कटने के बाद अब ट्रैफिक लाइन में जाकर भुगतान करने की जरूरत नहीं है। ट्रैफिक पुलिस की ओर से जारी की गई वेबसाइट ( https:/chandigarhtrafficpolice) पर पोस्टल चालान की ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा हो गई है।
डीजी लॉकर और एमपरिवहन में रख सकते हैं दस्तावेज
अब वाहनों के कागजात की हार्ड कॉपी अपने पास रखने के साथ-साथ डिजिलॉकर और एम परिवहन एप में अपने वाहनों के कागजात की सॉफ्ट कॉपी भी रख सकते हैं। ट्रैफिक पुलिस मोबाइल पर ही इन दस्तावेज को देखने के बाद आपको छोड़ देगी। इसके अलावा ऑनलाइन चालान कटने के बाद अब ट्रैफिक लाइन में जाकर भुगतान करने की जरूरत नहीं है। ट्रैफिक पुलिस की ओर से जारी की गई वेबसाइट ( https:/chandigarhtrafficpolice) पर पोस्टल चालान की ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा हो गई है।