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तैयारियां अधूरी, अभी नहीं बढ़ेगा गांवों का लाल डोरा, बाहरी निर्माण भी नहीं हो पाएंगे रेगुलर

Wed, 07 Nov 2018 02:14 AM IST
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 07 Nov 2018 02:14 AM IST
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Now lal dora of villages will not increase in haryana
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हरियाणा के गांवों में फिलहाल लाल डोरा बढ़ने की अभी कोई उम्मीद नहीं है। लाल डोरे के संबंध में होने वाले बंदोबस्त (पैमाइश व निशानदेही) की भी तैयारियां फिलहाल अधूरी हैं। लिहाजा गांवों के लाल डोरे के बाहर जो निर्माण है, उनके रेगुलर होने की संभावनाएं भी फिलहाल क्षीण बनी हुई हैं।

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दरअसल, हरियाणा के गांवों का लाल डोरा बढ़ाने को लेकर वरिष्ठ समाज सेवी विजय बंसल ने वर्ष 2010 हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका भी दाखिल की थी। 24 मार्च 2014 को फैसले में हरियाणा सरकार द्वारा विधानसभा में पास गए फैसले के संबंध में दिए शपथ पत्र के आधार पर कहा कि गांव की बाहरी सीमा (फिरनी) तक लाल डोरा बढ़ाया गया है। इस जनहित याचिका में याचिकाकर्ता विजय बंसल द्वारा ये मांग की गई थी कि हरियाणा के गांवों में लगातार बढ़ती आबादी के मद्देनजर गांवों का लाल डोरा भी बढ़ना चाहिए ताकि लाल डोरे के बाहर बन चुके ग्रामीणों के मकानों व अन्य निर्माणों को नियमित किया जा सके।

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हाईकोर्ट के इन्हीं निर्देशानुसार हरियाणा सरकार ने इस संदर्भ में वर्ष 2015 में वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु, हरियाणा शहरी विकास निकाय मंत्री कविता जैन और पंचायत विकास मंत्री ओपी धनखड़ समेत अन्य की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी का गठन किया। कमेटी ने हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में लाल डोरा बढ़ाने के संदर्भ में अपनी सिफारिश देनी थी। इस प्रक्रिया के अंतर्गत कमेटी ने लोगों के सुझाव व आपत्तियां मांगीं थी। तभी से मंत्रियों व अफसरों की बैठकों का दौर जारी है।

इस तरह होगा अवैध निर्माणों का निपटारा
अब तमाम सुझावों पर चर्चा करने के बाद यह तय हुआ है कि फिलहाल गांवों का लाल डोरा बढ़ाने को लेकर किए जाने वाले बंदोबस्त की कोई तैयार नहीं है और बंदोबस्त के बिना गांवों का लाल डोरा बढ़ने की कोई गुंजाइश नहीं है। साथ ही यह भी तय किया गया है कि गांवों में लाल डोरे के बाहर बने अवैध निर्माणों का फैसला पंजाब शेड्यूल रोड एंड कंट्रोल्ड एरिया रिसट्रिक्शन ऑफ अनरेगुलेटिड डेवलपमेंट एक्ट 1963 के अनुसार ही होगा। दूसरा, जो गांव नगरपालिका, नगर परिषद और नगर निगमों की हद में शामिल हो चुके है, उनके लाल डोरे से बाहर बने अवैध निर्माणों का फैसला हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन ऑफ अर्बन एरिया एक्ट 1975 के अंतर्गत होगा।

110 साल पहले हुआ था बंदोबस्त
रेवेन्यू रिकार्ड के अनुसार संयुक्त पंजाब (नवंबर 1966 में हरियाणा बना) का आखिरी बंदोबस्त वर्ष 1902 से 1909 तक किया गया। इसी दौरान लाल डोरा बढ़ाया गया था। इसके बाद न ही बंदोबस्त हुआ ना ही लाल डोरा बढ़ाया गया। शिवालिक विकास मंच के प्रदेशाध्यक्ष विजय बंसल ने कहा कि सरकार को लाल डोरा बढ़ाने के लिए गंभीर कदम उठाने चाहिए।

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