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अब चंडीगढ़ शिअद में भी शुरू हो गई गुटबाजी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 07 Feb 2014 12:08 PM IST
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शिरोमणि अकाली दल में सब कुछ ठीक नहीं है। चंडीगढ़ में भी इसके कई गुट बन गए हैं। एक गुट ने बैठक कर बचितर सिंह टिवाणा को प्रधान बना दिया। तो दूसरे दिन दूसरा गुट ने बैठक कर इसे नकार दिया और शिरोमणि अकाली दल की केंद्रीय नेतृत्व को शिकायत कर दी।
इसकी सुनवाई भी हो गई और नए चुने गए प्रधान को नकार दिया गया। बुधवार को चंडीगढ़ के एक होटल में बैठक कर बचितर सिंह को प्रधान बना दिया गया। यहां तक कि पार्षद हरजिंदर कौर को पार्टी की लोकसभा की प्रत्याशी बनाने की भी मांग कर दी गई।
एनएस मिन्हास की अध्यक्षता में बैठक हुई। अकाली दल के ज्वाइंट सेक्रेटरी सर्वजीत सिंह ने बचितर सिंह टिवाणा का नाम प्रस्तावित किया था। इसका हरजिंदर कौर ने समर्थन किया।
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हरचरण सिंह साहनी ने बताया कि मलकीत सिंह पार्षद हैं। पार्टी में उनके पास कोई पद नहीं है। साहनी ने बताया कि मुख्य मंत्री प्रकाश सिंह बादल से मिलकर यह बैठक बुलाई थी जिसमें बचितर सिंह टिवाणा को प्रधान बनाया गया है।
उधर, वीरवार को पार्षद मलकीत सिंह के अलावा शिअद के डेलीगेट जगजीत सिंह कंग सहित अन्य सदस्यों ने बैठक कर नए प्रधान को नकारते हुए केंद्रीय नेतृत्व को सूचित किया। मलकीत सिंह ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व को विश्वास में लिए बगैर यह बैठक बुलाई गई यह ठीक नहीं है।
शिरोमणि अकाली दल चंडीगढ़ इकाई का किसी को भी प्रधान नहीं बनाया गया। तीन सितंबर 2013 को जनरल इजलास के समय समूचे हाउस द्वारा पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल को पार्टी का संगठनात्मक ढांचा बनाने का अधिकार दे दिए गए थे। जिस किसी को भी प्रधान बनाया जाएगा उसकी घोषणा पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल करेंगे। पार्टी नेताओं और सदस्यों को अनुशासन में रहने की अपील की गई है।
डॉ दलजीत सिंह चीमा, सचिव एवं प्रवक्ता, शिरोमणि अकाली दल
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इसकी सुनवाई भी हो गई और नए चुने गए प्रधान को नकार दिया गया। बुधवार को चंडीगढ़ के एक होटल में बैठक कर बचितर सिंह को प्रधान बना दिया गया। यहां तक कि पार्षद हरजिंदर कौर को पार्टी की लोकसभा की प्रत्याशी बनाने की भी मांग कर दी गई।
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एनएस मिन्हास की अध्यक्षता में बैठक हुई। अकाली दल के ज्वाइंट सेक्रेटरी सर्वजीत सिंह ने बचितर सिंह टिवाणा का नाम प्रस्तावित किया था। इसका हरजिंदर कौर ने समर्थन किया।
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हरचरण सिंह साहनी ने बताया कि मलकीत सिंह पार्षद हैं। पार्टी में उनके पास कोई पद नहीं है। साहनी ने बताया कि मुख्य मंत्री प्रकाश सिंह बादल से मिलकर यह बैठक बुलाई थी जिसमें बचितर सिंह टिवाणा को प्रधान बनाया गया है।
उधर, वीरवार को पार्षद मलकीत सिंह के अलावा शिअद के डेलीगेट जगजीत सिंह कंग सहित अन्य सदस्यों ने बैठक कर नए प्रधान को नकारते हुए केंद्रीय नेतृत्व को सूचित किया। मलकीत सिंह ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व को विश्वास में लिए बगैर यह बैठक बुलाई गई यह ठीक नहीं है।
शिरोमणि अकाली दल चंडीगढ़ इकाई का किसी को भी प्रधान नहीं बनाया गया। तीन सितंबर 2013 को जनरल इजलास के समय समूचे हाउस द्वारा पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल को पार्टी का संगठनात्मक ढांचा बनाने का अधिकार दे दिए गए थे। जिस किसी को भी प्रधान बनाया जाएगा उसकी घोषणा पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल करेंगे। पार्टी नेताओं और सदस्यों को अनुशासन में रहने की अपील की गई है।
डॉ दलजीत सिंह चीमा, सचिव एवं प्रवक्ता, शिरोमणि अकाली दल