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व्हाट्सएप पर अब डीजीपी की फोटो लगाकर पुलिस अफसरों से मांगे गिफ्ट कार्ड
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चंडीगढ़। ठगों ने अब व्हाट्सएप पर डीजीपी प्रवीर रंजन की फोटो लगाकर पुलिस विभाग के ही अधिकारियों को ठगने की कोशिश की। विभाग की वेबसाइट पर मौजूद डीएसपी रैंक के सभी अधिकारियों के नंबरों पर मैसेज भेजा और अमेजन गिफ्ट कार्ड की मांग की। हालांकि अधिकारियों ने समझदारी दिखाई और झांसे में नहीं आए। इसकी जानकारी जैसे ही डीजीपी को हुई उन्होंने तत्काल ट्वीट कर ऐसे किसी भी मैसेज का जवाब न देने की अपील की।
नंबर की जांच करने पर पता चला कि वह नोएडा के एक बिरयानी बेचने वाले का है। चंडीगढ़ पुलिस ने तत्काल नोएडा पुलिस को सूचना दी। स्थानीय पुलिस ने जब बिरयानी वाले से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसका नंबर काफी समय से बंद है। मैसेज कैसे भेजा गया, उसे नहीं पता। पुलिस के अनुसार ठगों ने व्हाट्सएप पर डीजीपी की तस्वीर के साथ स्टेटस पर श्री प्रवीर रंजन लिखा था, जिसे देखकर अधिकारियों को शक हुआ। उन्हें लगा कि कोई व्यक्ति अपने ही स्टेटस पर नाम के आगे श्री क्यों लगाएगा। जांच में पता चला कि जिन अधिकारियों के नंबर पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर थे, ठगों ने उन्हें ही मैसेज भेजा है।
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साइबर सेल की डीएसपी का नंबर कर दिया ब्लॉक
ठगों ने मैसेज भेजकर पुलिस विभाग के सभी अधिकारियों से अमेजन गिफ्ट कार्ड मांगे। साइबर सेल की प्रभारी डीएसपी रश्मि शर्मा यादव को भी मैसेज भेजा लेकिन उसे तुरंत डिलीट कर नंबर ब्लॉक कर दिया। पुलिस को शक है कि ठगों को यह जानकारी हो गई कि नंबर साइबर सेल की प्रभारी का है इसलिए उन्होंने मैसेज डिलीट कर नंबर ब्लॉक किया।
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साइबर सेल ने सभी विभागों को जारी की एडवाइजरी
साइबर सेल ने सभी विभागों को एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने को कहा है। साथ ही अपने विभाग को भी अलर्ट कर दिया है। साइबर सेल ने पीजीआई समेत अन्य अस्पतालों, स्कूल-कॉलेज और प्रशासन के उन सभी विभागों को एडवाइजरी जारी की है, जिनकी अपनी वेबसाइट है ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।
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प्रशासक के प्रधान सचिव की डीपी लगाकर एसपी से ठगे थे एक लाख
18 अप्रैल को प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित के प्रधान सचिव जेएम बालामुरुगन की फोटो व्हाट्सएप पर लगाकर शातिरों ने एसपी जसदेव सिंह से एक लाख रुपये ठग लिए थे। जसदेव सिंह प्रशासक पुरोहित की सुरक्षा दस्ते के प्रभारी हैं। प्रधान सचिव की डीपी देखकर वह शातिरों के झांसे में आ गए और उन्हें अमेजन कंपनी के ई-वाउचर खरीदकर भेज दिए। जेएम बालामुरुगन की डीपी वाले नंबर से प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी मैसेज भेजा गया था।
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नंबर किसी का, व्हाट्सएप कोई और चला रहा
शातिर ठग जानते हैं की एक नंबर पर दो व्हाट्सएप नहीं चल सकते इसलिए ठग पहले पता लगाते हैं की किन-किन नंबरों पर व्हाट्सएप नहीं चल रहा। व्हाट्सएप तभी चलेगा जब उस नंबर पर आए ओटीपी को व्हाट्सएप पर डाला जाएगा। इसके लिए ठग उस व्यक्ति को कॉल कर झांसे में लेते हैं और ओटीपी पूछ लेते हैं या कोई लिंक भेजकर ओटोपी हासिल कर लेते हैं। उसके बाद संबंधित व्यक्ति को पता नहीं चलता कि उसके नंबर से व्हाट्सएप चला रहा है।
वर्जन-
मेरी या किसी अन्य अधिकारी की डीपी लगाकर अगर कोई गिफ्ट कार्ड की मांग करता है तो इसकी शिकायत तुरंत पुलिस और साइबर सेल को दें।
-प्रवीर रंजन, डीजीपी, चंडीगढ़
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नंबर की जांच करने पर पता चला कि वह नोएडा के एक बिरयानी बेचने वाले का है। चंडीगढ़ पुलिस ने तत्काल नोएडा पुलिस को सूचना दी। स्थानीय पुलिस ने जब बिरयानी वाले से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसका नंबर काफी समय से बंद है। मैसेज कैसे भेजा गया, उसे नहीं पता। पुलिस के अनुसार ठगों ने व्हाट्सएप पर डीजीपी की तस्वीर के साथ स्टेटस पर श्री प्रवीर रंजन लिखा था, जिसे देखकर अधिकारियों को शक हुआ। उन्हें लगा कि कोई व्यक्ति अपने ही स्टेटस पर नाम के आगे श्री क्यों लगाएगा। जांच में पता चला कि जिन अधिकारियों के नंबर पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर थे, ठगों ने उन्हें ही मैसेज भेजा है।
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साइबर सेल की डीएसपी का नंबर कर दिया ब्लॉक
ठगों ने मैसेज भेजकर पुलिस विभाग के सभी अधिकारियों से अमेजन गिफ्ट कार्ड मांगे। साइबर सेल की प्रभारी डीएसपी रश्मि शर्मा यादव को भी मैसेज भेजा लेकिन उसे तुरंत डिलीट कर नंबर ब्लॉक कर दिया। पुलिस को शक है कि ठगों को यह जानकारी हो गई कि नंबर साइबर सेल की प्रभारी का है इसलिए उन्होंने मैसेज डिलीट कर नंबर ब्लॉक किया।
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साइबर सेल ने सभी विभागों को जारी की एडवाइजरी
साइबर सेल ने सभी विभागों को एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने को कहा है। साथ ही अपने विभाग को भी अलर्ट कर दिया है। साइबर सेल ने पीजीआई समेत अन्य अस्पतालों, स्कूल-कॉलेज और प्रशासन के उन सभी विभागों को एडवाइजरी जारी की है, जिनकी अपनी वेबसाइट है ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।
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प्रशासक के प्रधान सचिव की डीपी लगाकर एसपी से ठगे थे एक लाख
18 अप्रैल को प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित के प्रधान सचिव जेएम बालामुरुगन की फोटो व्हाट्सएप पर लगाकर शातिरों ने एसपी जसदेव सिंह से एक लाख रुपये ठग लिए थे। जसदेव सिंह प्रशासक पुरोहित की सुरक्षा दस्ते के प्रभारी हैं। प्रधान सचिव की डीपी देखकर वह शातिरों के झांसे में आ गए और उन्हें अमेजन कंपनी के ई-वाउचर खरीदकर भेज दिए। जेएम बालामुरुगन की डीपी वाले नंबर से प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी मैसेज भेजा गया था।
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नंबर किसी का, व्हाट्सएप कोई और चला रहा
शातिर ठग जानते हैं की एक नंबर पर दो व्हाट्सएप नहीं चल सकते इसलिए ठग पहले पता लगाते हैं की किन-किन नंबरों पर व्हाट्सएप नहीं चल रहा। व्हाट्सएप तभी चलेगा जब उस नंबर पर आए ओटीपी को व्हाट्सएप पर डाला जाएगा। इसके लिए ठग उस व्यक्ति को कॉल कर झांसे में लेते हैं और ओटीपी पूछ लेते हैं या कोई लिंक भेजकर ओटोपी हासिल कर लेते हैं। उसके बाद संबंधित व्यक्ति को पता नहीं चलता कि उसके नंबर से व्हाट्सएप चला रहा है।
वर्जन-
मेरी या किसी अन्य अधिकारी की डीपी लगाकर अगर कोई गिफ्ट कार्ड की मांग करता है तो इसकी शिकायत तुरंत पुलिस और साइबर सेल को दें।
-प्रवीर रंजन, डीजीपी, चंडीगढ़