{"_id":"63487afc3fb6b2777f6537ea","slug":"now-amreen-will-be-treated-under-the-supervision-of-the-department-in-charge-chandigarh-news-pkl4653796120","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब विभाग प्रभारी की देखरेख में होगा अमरीन का इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब विभाग प्रभारी की देखरेख में होगा अमरीन का इलाज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। सेक्टर-39 निवासी 6.5 वर्षीय बच्ची अमरीन का इलाज अब दंत विभाग की प्रभारी डॉ. आशिमा गोयल की देखरेख में किया जाएगा। इसके लिए उसे सोमवार को बुलाया गया है। डॉ. आशिमा ने बच्ची की मां डॉ. जसप्रीत से फोन पर बात कर इलाज में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिया। कहा कि कहा कि त्वचा सुन्न रहने के दौरान कभी-कभी जीभ कट जाती है जिससे अल्सर जैसा बन जाता है। इस कारण दर्द होने लगता है।
डॉ. आशिमा ने अमरीन की मां से अब तक की इलाज की प्रक्रिया को समझा। उसके बाद जीभ और मुंह की स्थिति को फोटो के माध्यम से देखा। उन्होंने उन्हें समझाया कि डॉ. ऋचा ने आरसीटी के लिए निचले जबड़े में लोकल एनेस्थीसिया दिया था जो एक नियमित प्रक्रिया है। इससे जीभ का पार्श्व भाग 3 से 4 घंटे तक सुन्न रहता है। कभी-कभी छोटे बच्चे इस अवधि में अनजाने में जीभ काट लेते हैं और सुन्न होने की स्थिति में उन्हें कुछ पता नहीं चलता। इससे अल्सर बन जाता है। एक बार एनेस्थीसिया का प्रभाव समाप्त हो जाने पर अल्सर दर्दनाक हो जाता है। इसे ठीक होने में 3 से 4 दिन लगते हैं। इस दौरान कभी-कभी बुखार भी आ जाता है। ज्ञात हो कि अमरीन का 7 अक्तूबर को पीजीआई के दंत विभाग में रूट कैनाल ट्रीटमेंट किया गया था। उस दौरान दिए गए एनेस्थीसिया की डोज से उसकी जीभ चार सेमी त सूज गई और जीभ पर अल्सर बन गया।
विज्ञापन
डॉ. आशिमा ने अमरीन की मां से अब तक की इलाज की प्रक्रिया को समझा। उसके बाद जीभ और मुंह की स्थिति को फोटो के माध्यम से देखा। उन्होंने उन्हें समझाया कि डॉ. ऋचा ने आरसीटी के लिए निचले जबड़े में लोकल एनेस्थीसिया दिया था जो एक नियमित प्रक्रिया है। इससे जीभ का पार्श्व भाग 3 से 4 घंटे तक सुन्न रहता है। कभी-कभी छोटे बच्चे इस अवधि में अनजाने में जीभ काट लेते हैं और सुन्न होने की स्थिति में उन्हें कुछ पता नहीं चलता। इससे अल्सर बन जाता है। एक बार एनेस्थीसिया का प्रभाव समाप्त हो जाने पर अल्सर दर्दनाक हो जाता है। इसे ठीक होने में 3 से 4 दिन लगते हैं। इस दौरान कभी-कभी बुखार भी आ जाता है। ज्ञात हो कि अमरीन का 7 अक्तूबर को पीजीआई के दंत विभाग में रूट कैनाल ट्रीटमेंट किया गया था। उस दौरान दिए गए एनेस्थीसिया की डोज से उसकी जीभ चार सेमी त सूज गई और जीभ पर अल्सर बन गया।
विज्ञापन