{"_id":"6aa4648393ba628bd70a7ca8","slug":"now-a-smart-product-will-indicate-the-machines-health-chandigarh-news-c-16-pkl1079-1120943-2026-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: अब स्मार्ट प्रोडक्ट बताएगा मशीन की तंदुरुस्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: अब स्मार्ट प्रोडक्ट बताएगा मशीन की तंदुरुस्ती
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। अब एक सॉफ्टवेयर और इंजीनियर्ड प्रोडक्ट इंडस्ट्रियल मशीनों की तंदरुस्ती और उसके नियमित प्रोडक्शन की जानकारी देगा। इस स्मार्ट प्रोडक्ट को मशीन पर इंस्टाल करते ही वह काम करना शुरू कर देगा। इस प्रोडक्ट को तैयार किया है पीयू के सक्षम शुक्ला और मोहित डावर ने।
पंजाब विश्वविद्यालय के इस इनक्यूबेटेड स्टार्टअप ने देश के एमएसएमई और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को डिजिटल बनाने का बीड़ा उठाया है। पीयू से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर्स करने वाले सक्षम और बीटेक छात्र मोहित डावर ने अप्रैल 2025 में इस कंपनी की नींव रखी। सक्षम ने बताया कि पीयू में वह डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के साथ प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। यह प्रोजेक्ट इंडस्ट्री की समस्याओं को हल करने के लिए था। इसी दौरान सक्षम का औद्योगिक जगत से एक्सपोजर बढ़ा। उन्होंने महसूस किया कि भारत के बाजार में बड़ी कंपनियां तो करोड़ों रुपये खर्च करके विदेशी तकनीकों से अपनी फैक्ट्रियों को स्मार्ट बना लेती हैं पर छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए यह संभव नहीं है। इसी से उनके मन में एक प्रोजेक्ट तक सीमित न रहकर खुद की एक बड़ी इंडस्ट्री और कस्टमाइजेबल सॉल्यूशन तैयार करने का विचार आया।
बाजार की समस्या को समझने के बाद सक्षम ने अपनी सोच को हकीकत में बदलने के लिए बीटेक थर्ड ईयर के होनहार छात्र मोहित डावर को अप्रोच किया। मोहित डावर कंपनी में पार्टनर बने। सक्षम और मोहित ने इस स्वदेशी और आसान तकनीक को पूरी तरह विकसित किया।
विज्ञापन
क्या है यह तकनीक और कैसे करती है काम
यह प्रोडक्ट इंडस्ट्री 4.0 टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर पर आधारित है। इसको फैक्ट्री की मशीनों पर आसानी से इंस्टॉल किया जाता है। जिससे पूरी मशीन का डिजिटलाइजेशन हो जाता है। मशीन कितना काम कर रही है, उसमें क्या खराबी है या उसकी क्षमता क्या है। यह सारी लाइव जानकारी सीधे फैक्ट्री मालिक के मोबाइल फोन पर आ जाती है। इससे उत्पादन बढ़ता है और समय व पैसे की भारी बचत होती है।
पीयू कैंपस का मिला सहयोग, 8 ग्राहकों तक पहुंचे
यह स्टार्टअप पूरी तरह से पंजाब विश्वविद्यालय बेस्ड है और यूनिवर्सिटी के इनक्यूबेशन सेंटर में ही काम कर रहा है। पीयू द्वारा इन्हें कैंपस में वर्किंग स्पेस और अत्याधुनिक लैब फैसिलिटी उपलब्ध कराई गई है। अपनी शुरुआत के महज डेढ़ साल के भीतर ही यह स्टार्टअप 8 बड़े ग्राहक बनाने में सफल रहा है।
छात्रों को दे रहे हैं मौका, बढ़ा रहे हैं स्किल
इस स्टार्टअप ने 8 छात्रों को अपने साथ जोड़ा है। कंपनी इन छात्रों को इंडस्ट्री 4.0 की बारीकियां सिखाती है और लाइव इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स में शामिल करती है। भारतीय उद्योगों को वैश्विक मानकों पर ले जाने के लिए यह स्टार्टअप अलग-अलग बजट और जरूरत के हिसाब से कस्टमाइज्ड इंडस्ट्री डिजाइन ट्रायल भी ऑफर कर रहा है।
पंजाब विश्वविद्यालय के इस इनक्यूबेटेड स्टार्टअप ने देश के एमएसएमई और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को डिजिटल बनाने का बीड़ा उठाया है। पीयू से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर्स करने वाले सक्षम और बीटेक छात्र मोहित डावर ने अप्रैल 2025 में इस कंपनी की नींव रखी। सक्षम ने बताया कि पीयू में वह डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के साथ प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। यह प्रोजेक्ट इंडस्ट्री की समस्याओं को हल करने के लिए था। इसी दौरान सक्षम का औद्योगिक जगत से एक्सपोजर बढ़ा। उन्होंने महसूस किया कि भारत के बाजार में बड़ी कंपनियां तो करोड़ों रुपये खर्च करके विदेशी तकनीकों से अपनी फैक्ट्रियों को स्मार्ट बना लेती हैं पर छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए यह संभव नहीं है। इसी से उनके मन में एक प्रोजेक्ट तक सीमित न रहकर खुद की एक बड़ी इंडस्ट्री और कस्टमाइजेबल सॉल्यूशन तैयार करने का विचार आया।
विज्ञापन
बाजार की समस्या को समझने के बाद सक्षम ने अपनी सोच को हकीकत में बदलने के लिए बीटेक थर्ड ईयर के होनहार छात्र मोहित डावर को अप्रोच किया। मोहित डावर कंपनी में पार्टनर बने। सक्षम और मोहित ने इस स्वदेशी और आसान तकनीक को पूरी तरह विकसित किया।
विज्ञापन
क्या है यह तकनीक और कैसे करती है काम
यह प्रोडक्ट इंडस्ट्री 4.0 टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर पर आधारित है। इसको फैक्ट्री की मशीनों पर आसानी से इंस्टॉल किया जाता है। जिससे पूरी मशीन का डिजिटलाइजेशन हो जाता है। मशीन कितना काम कर रही है, उसमें क्या खराबी है या उसकी क्षमता क्या है। यह सारी लाइव जानकारी सीधे फैक्ट्री मालिक के मोबाइल फोन पर आ जाती है। इससे उत्पादन बढ़ता है और समय व पैसे की भारी बचत होती है।
पीयू कैंपस का मिला सहयोग, 8 ग्राहकों तक पहुंचे
यह स्टार्टअप पूरी तरह से पंजाब विश्वविद्यालय बेस्ड है और यूनिवर्सिटी के इनक्यूबेशन सेंटर में ही काम कर रहा है। पीयू द्वारा इन्हें कैंपस में वर्किंग स्पेस और अत्याधुनिक लैब फैसिलिटी उपलब्ध कराई गई है। अपनी शुरुआत के महज डेढ़ साल के भीतर ही यह स्टार्टअप 8 बड़े ग्राहक बनाने में सफल रहा है।
छात्रों को दे रहे हैं मौका, बढ़ा रहे हैं स्किल
इस स्टार्टअप ने 8 छात्रों को अपने साथ जोड़ा है। कंपनी इन छात्रों को इंडस्ट्री 4.0 की बारीकियां सिखाती है और लाइव इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स में शामिल करती है। भारतीय उद्योगों को वैश्विक मानकों पर ले जाने के लिए यह स्टार्टअप अलग-अलग बजट और जरूरत के हिसाब से कस्टमाइज्ड इंडस्ट्री डिजाइन ट्रायल भी ऑफर कर रहा है।