{"_id":"694c53657bfdcc3e3e06d68a","slug":"now-10-policemen-are-deployed-with-the-encroachment-removal-team-challans-were-issued-to-110-people-chandigarh-news-c-16-pkl1091-906052-2025-12-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: अतिक्रमण हटाने वाली टीम के साथ अब 10 पुलिसकर्मी तैनात, 110 लोगों के काटे चालान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: अतिक्रमण हटाने वाली टीम के साथ अब 10 पुलिसकर्मी तैनात, 110 लोगों के काटे चालान
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। अतिक्रमण और अवैध वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ने पुलिस की मदद मांगी है। निगम के इस अभियान के दौरान अब 10 पुलिसकर्मी निगम के अतिक्रमण हटाने वाली टीम के साथ तैनात रहेंगे। बुधवार को भी शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए 110 लोगों के चालान काटे गए।
संयुक्त नगर आयुक्त हिमांशु गुप्ता ने अतिक्रमण हटाओ दस्ते के इंस्पेक्टर्स के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि रात 10 बजे के बाद भी अभियान चलाया जाए। बाजारों और वेंडिंग साइट्स पर सामान छोड़कर जाने वालों का सामान जब्त किया जाएगा। इसके बाद रात को सेक्टर- 22, सेक्टर- 15, सेक्टर-21 समेत कई बाजारों में नगर निगम की टीम ने अभियान चलाया।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट द्वारा अवैध वेंडरों को हटाने के लिए दी गई सात दिन की समय सीमा अब पूरी हो चुकी है। अदालत ने 16 दिसंबर को 48 घंटे के भीतर अवैध वेंडरों को हटाने और वैध वेंडिंग साइट आवंटित वेंडरों को उनके निर्धारित स्थानों पर भेजने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 17 दिसंबर को एक सप्ताह की अतिरिक्त मोहलत दी गई थी। इस अवधि में निगम की प्रवर्तन विंग ने शहरभर में अभियान चलाते हुए एक सप्ताह में कुल 941 चालान काटे। नगर निगम की 11 टीमों ने इस दौरान 7 दिन तक लगातार अभियान चलाया था। इस दौरान मनीमाजरा और सेक्टर-16 में उनको विरोध भी झेलना पड़ा था और पुलिस बुलानी पड़ी थी।
विज्ञापन
वैध वेंडर जोन में शौचालय की सुविधा मिलेगी
निगम ने पुलिस से अवैध वेंडरों पर लगातार निगरानी रखने का भी आग्रह किया है। साथ ही वैध वेंडर जोन में शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरी ओर कुछ व्यापारियों ने कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि कई जगह अब भी अवैध वेंडर मौजूद हैं जबकि कार्रवाई का असर वैध दुकानदारों पर ज्यादा पड़ रहा है।