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चंडीगढ़: कचरे का निपटारा न करने पर चार सोसाइटियों को नोटिस, प्रधान बोले- हम पर ठीकरा फोड़ रहे अधिकारी

Fri, 26 Nov 2021 02:15 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Fri, 26 Nov 2021 02:15 AM IST
सार

जो सोसाइटियां प्रशासन को सहयोग नहीं करतीं, उन पर नियमों के तहत जुर्माना लगाया जाना चाहिए और इन सोसाइटियों के बाहर साइन बोर्ड पर ‘नॉन कंप्लायंस सोसाइटी’ लिखा जाना चाहिए। सलाहकार धर्मपाल ने निर्देश दिए कि सभी थ्री-आर के सिद्धांत रिड्यूस (कमी), रियूज (पुन:प्रयोग), व रिसाइकिल पर काम करें ताकि कचरे को कम किया जा सके।

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Notice to four societies for non disposal of waste Pradhan said officers are blaming us
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

स्वच्छ सर्वेक्षण पिछड़ने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। वीरवार को चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति (सीपीसीसी) ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2016 का पालन नहीं करने पर शहर की चार सोसायटियों को पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम-1986 के तहत नोटिस भेजा है। उधर, इन सोसायटियों के प्रधानों ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारी अपनी कमी छुपाने के लिए ठीकरा उन पर फोड़ रहे हैं।

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सीपीसीसी ने पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम-1986 की धारा 5 के तहत सेक्टर-50 की बीएसएनएल सोसाइटी व प्रोग्रेसिव सोसाइटी, सेक्टर-49 की पुष्पक सोसाइटी और सेक्टर-48 की केंद्रीय विहार सोसाइटी को नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि ये सोसायटियां नियमों के तहत ठोस कचरे का निपटारा नहीं कर रही हैं। नियमों के पालन के लिए इन सोसाइटियों को सात दिन का समय दिया गया है। अगर इस अवधि में सोसायटियों ने नियमों का पालन नहीं किया तो पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम-1986 की धारा 15 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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नियमों के अनुसार, 5000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र वाले सभी सोसायटी व संस्थाओं को ठोस अवशेष प्रबंधन नियमों के नोटीफिकेशन की तारीख से एक साल के अंदर नियमों को अपनाना होता है और गीले, सूखे, घर से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग करना होता है। दरअसल, स्वच्छ सर्वेक्षण में चंडीगढ़ इस बार देशभर में 66वें नंबर पर रहा है। इससे हुई किरकिरी के बाद प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने बुधवार को बैठक कर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व लोगों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद ही ये कार्रवाई की जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में नगर निगम के कुछ और अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।

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‘अधिकारी अपनी लापरवाही लोगों पर थोप रहे’
उधर, इस कार्रवाई के बाद आप नेता व सोसायटी ग्रुप के सलाहकार संदीप भारद्वाज ने कहा है कि स्वच्छ सर्वेक्षण में चंडीगढ़ के पिछड़ने का कारण शहर के नाकाम मेयर और अफसर हैं। उनकी वजह से ही सिटी ब्यूटीफुल देशभर में 66वें नंबर पर पहुंच गया है। ऐसे में नगर निगम को सबसे पहले मेयर रविकांत शर्मा और नगर निगम कमिश्नर आनिंदिता मित्रा के दफ्तर के बाहर नॉन-कंप्लांयस अफसर के बोर्ड लगाने चाहिए। संदीप ने आरोप लगाया कि अधिकारी अपनी लापरवाही का ठिकरा लोगों पर फोड़ रहे हैं। अगर प्रशासन या नगर निगम का कोई भी कर्मचारी या अधिकारी चारों सोसायटियों को बदनाम करने के लिए इनके गेट पर कोई बोर्ड लगाएगा तो विरोध किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो गिरफ्तारी भी देंगे।

‘तानाशाह की तरह काम कर रहे अधिकारी’
नोटिस जारी होने के बाद सेक्टर-50 की बीएसएनएल सोसाइटी के प्रधान एसके शर्मा ने कहा कि अधिकारी तानाशाह की तरह काम कर रहे हैं। सिर्फ चार सोसायटियों से शहर की रैंकिंग कैसे गिर सकती है। हमारी सोसायटियों पर ठीकरा फोड़ा जा रहा है। नगर निगम के अधिकारी हमसे बातचीत तो करते नहीं, न समस्याओं का समाधान करते हैं। सिर्फ आदेश सुनाने से बदलाव नहीं आएगा। हम भी चाहते हैं चंडीगढ़ नंबर-1 रहे। नगर निगम को लोगों को जागरूक करना चाहिए ताकि लोग भी भागीदारी निभा सकें।

‘हम भी चाहते हैं चंडीगढ़ नंबर-1 बने, मदद करे नगर निगम’
सेक्टर-49 की पुष्पक सोसाइटी के प्रधान अनिल ने कहा कि नगर निगम हमारे साथ सौतेला व्यवहार न करे। हम भी चाहते हैं कि चंडीगढ़ स्वच्छ सर्वेक्षण में पहले नंबर पर आए। इसके लिए नगर निगम और हम लोगों को मिलकर काम करना होगा। नगर निगम हमें सुविधाएं मुहैया कराए, हमारी मदद करे। लोगों को जागरूक करने की जरूरत है तभी शहर को एक बार फिर सामूहिक प्रयास से नंबर एक बनाया जा सकेगा।

क्या कहते हैं अधिकारी
चंडीगढ़ की कुछ सोसायटियों में देखा गया कि ठोस कचरा निस्तारण नियमानुसार नहीं हो रहा। इस संबंध में उन्हें चेतावनी जारी कर सात दिन का समय दिया गया है। इसके बाद भी कचरे का निस्तारण नियमानुसार नहीं हुआ तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। - देबेंद्र दलाई, चेयरमैन, सीपीसीसी

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