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जाट आंदोलन: मुआवजे के लिए केंद्र और बीमा कंपनियों को नोटिस

Sat, 27 Feb 2016 08:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 27 Feb 2016 08:21 PM IST
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notice to central government and Insurance companies for compensation

हरियाणा में जाट आरक्षण के नाम पर उपद्रव के दौरान संपत्तियों और वाहनों को हुए नुकसान का मुआवजा देने के लिए एक ठोस प्लेटफार्म बनाने की मांग को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है।

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याचिका में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर में पिछले साल बाढ़ से नुकसान के मुआवजे के लिए भी ऐसा ही किया गया था। जस्टिस एसके मित्तल और हरिंदर सिंह सिद्धू की डिवीजन बेंच ने केंद्र सरकार और कुछ बीमा कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है। सुनवाई पांच मार्च को होगी।
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याचिका में सुझाव दिया गया है कि ऐसा करने से पीड़ितों को मुआवजे के लिए लंबी पैरवी नहीं करनी पड़ेगी। साथ ही पीड़ित तत्काल मुआवजा हासिल कर अपने नुकसान की भरपाई कर सकेंगे। याचिका में विशेषकर दुकानों और वाहनों के बीमा क्लेम तुरंत दिलाने की मांग की गई है।
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एडवोकेट अरविंद सेठ ने जनहित याचिका में कहा है कि जम्मू-कश्मीर में पिछले साल बाढ़ से हुए नुकसान के बाद जनरल इंश्योरेंस पब्लिक सेक्टर एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने एक नीति बनाई थी। इसके तहत नोडल अधिकारी नियुक्त हुए थे। बीमा कंपनियों के पास पड़े रिकार्ड के आधार पर पीड़ितों को मुआवजा दिया गया।


इस वजह से पीड़ितों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। याचिका में मांग की गई है कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय क्लेम दिलाने की व्यवस्था करे।

बीमा कंपनियों से बीमा पॉलिसी का रिकार्ड तलब किया जाना चाहिए, ताकि पीड़ितों को मुआवजा मिल सके। वित्त मंत्रालय की ओर से नोडल अधिकारी नियुक्त कराने की मांग भी याचिका में की गई है।

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