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निगम कमिश्नर के बुलावे की अनदेखी महंगी पड़ी, मिला नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Sun, 31 Jan 2016 03:04 PM IST
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मोहाली निगम कमिश्नर के बुलाने पर न जाना। बाद में कमिश्नर को बिना मिले ही घर चले जाना नगर निगम की ज्वाइंट कमिश्नर को महंगा पड़ गया है। कमिश्नर उमा शंकर गुप्ता ने उन्हें दो पत्र लिखकर स्पष्टीकरण देने की मांग की है। साथ ही उन्हें अपना व्यवहार सुधारने की भी नसीहत दी है।
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उन्होंने इस संबंध में स्थानीय निकाय विभाग को भी एक पत्र भेजा है। जबकि ज्वाइंट कमिश्नर नयन भुल्लर ने कहा कि स्पष्टीकरण देने की जगह उन्होंने पूरी बात उच्च अधिकारियों को बता दी है।
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कमिश्नर ने अपने लिखे पत्र में कहा है कि 29 जनवरी को उन्होंने सुबह पौने 10 बजे अपने दफ्तर में कामकाज के लिए नयन भुल्लर को बुलाया था। इसके साथ ही इंटरकॉम के माध्यम से भी आने के लिए कहा था, लेकिन ज्वाइंट कमिश्नर की तरफ से जवाब दिया गया कि उनके पास एडीसी मैडम बैठीं हुई हैं।
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कमिश्नर ने अपने पत्र में लिखा है कि उन्होंने 45 मिनट तक उनका इंतजार किया। साढ़े 10 बजे तक ज्वाइंट कमिश्नर नर्हीं आइं। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि ऐसा कर ज्वाइंट कमिश्नर ने निगम का डेकोरेम तोड़ा है। जो कि दफ्तर के हित में नहीं है। उन्होंने कहा है कि ज्वाइंट कमिश्नर के ऐसा करने से दफ्तरी काम भी प्रभावित हुआ है।
वहीं, उनके व्यवहार से ऐसा लगता है कि वह अपने सीनियर अधिकारियों के प्रति जवाबदेह नहीं हैं। इसके साथ ही उनका व्यवहार पब्लिक हित में नहीं है। पत्र में उन्होंने ज्वाइंट कमिश्नर को अपने बर्ताव में सुधार लाने के लिए कहा है। वरना इस संबंध में उच्च कार्रवाई के लिए स्थानीय निकाय विभाग को लिखा जाएगा।
वहीं, ज्वाइंट कमिश्नर ने कहा कि उन्होंने इस बारे में उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया है। वह किसी तरह का कोई कमेंट नहीं करना चाहतीं हैं।
कमिश्नर के खिलाफ राजनीति गरमाई
इस मामले के बाद निगम कमिश्नर के खिलाफ राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। मेयर कुलवंत सिंह का कहना है कि मामला उनके ध्यान में नहीं है। वह सोमवार को आफिस जाकर ही सारी जानकारी हासिल करेंगे। डिप्टी मेयर मनजीत सिंह सेठी का कहना है कि कमिश्नर का रवैया तानाशाह जैसा है।
उन्हें इस बता को ध्यान में रखना चाहिए था कि जब एडीसी उनके पास बैठीं हुईं थीं तो ज्वाइंट कमिश्नर अपनी सीट छोड़कर कैसे आ जातीं। इसी तरह सीनियर डिप्टी मेयर रिशव जैन ने बताया कि कमिश्नर निगम का माहौल बिगाड़ने पर तुले हुए हैं। इससे निगम का काम प्रभावित हो रहा है। ऐसे अधिकारी का ट्रांसफर कर देना चाहिए।