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'आम लोगों के लिए 'नो कैश', रिश्तेदारों को बुलाकर जितना मर्जी उतना पैसा'

Sat, 10 Dec 2016 09:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना Updated Sat, 10 Dec 2016 09:25 AM IST
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notebandi effect, after 31 days, bank line is on full
- फोटो : अमर उजाला
केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पांच सौ रुपये और हजार रुपये के नोट बंद होने के बाद जहां आम लोगों को पैसे की काफी दिक्कत हो रही है, वहीं बैंक अधिकारियों के घपले लगातार सामने आ रहे है। बैंक अधिकारी अपने चहेतों को खुश करने में लगे है, आम लोग बैंकों के बाहर लंबी लंबी लाइनों में खड़े है।
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बैंक अधिकारी बैंक खोलने के बाद ही बाहर बोर्ड टांग देते है कि बैंक में कैश नहीं है, जबकि चालू खाता रखने वाले ग्राहकों को बैंक अधिकारी खुद ब खुद फोन कर पैसे दे रहे है। कई चालू खाता रखने वाले लोग बैंक में गए बिना ही लाखों रुपये निकलवा कर ला रहे है। बैंकों के बाहर खड़े लोगों का आरोप है कि वह लाइन में खड़े रहते है और बैंक वाले अपने चहेतों को पिछले दरवाजे से अंदर बुला कर पैसे दिए जा रहे है।
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लोगों का आरोप है कि 24 हजार रुपये सप्ताह की लिमिट पर भी लोगों को पैसे नहीं मिल रहे है। कभी उन्हें पांच हजार तो कभी आठ हजार रुपये देकर ही बैंक वाले भेज रहे है। कुछ बैंक वालों ने तो फंडा अपना लिया है कि ग्राहक पैसे लेने के लिए आ रहा है तो उसे पांच से दस दिन बाद का टोकन देकर भेज रहे है। टोकन लेकर भी अगर ग्राहक बैंक में पैसे लेने जाता है तो उसे भी पूरे पैसे नहीं मिल रहे। जिस कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नोटबंदी फैसले के एक महीना बीतने के बाद भी बैंकों में लाइने कम होने का नाम नहीं ले रही है।
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चालू खाता धारकों को बैंक अधिकारी खुद फोन कर दे रहे है पैसे

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एटीएम में उमड़ी जबरदस्त भीड़ - फोटो : File Photo
एटीएम के बाहर भी पैसे नहीं मिल पा रहे है। जिस कारण लोगों की तंगी भी कम नहीं हो रही है। सरकार की तरफ से बैंक में कैश की कोई किल्लत न होने के दावे किए जा रहे है। मगर जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ ओर ही है। इतनी सर्दी में लोग बैंक के बाहर सुबह लाइनों में खड़े होने को मजबूर है।

लोगों का कहना है कि उन्हें लाइन में खड़े होने की भी कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन बैंक वाले जब बैंक खोलते है तो नो कैश का बोर्ड टांग रहे है। अगर किसी बैंक के बाहर शोर मच जाता है तो बैंक वाले तुरंत लाइन में लगे कुछ लोगों को कुछ कैश देकर भेज रहे है। 

सुंदर नगर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बाहर खड़े कमल गोयल ने कहा कि उनका बैंक में सेविंग खाता है। वह लाइन में खड़े हो रहे है, लेकिन बैंक में नो कैश का बोर्ड लगा रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक के अंदर लेन देन के पूरा काम चल रहा है। बैंक में कैश है, लेकिन अधिकारी अपने चहेतों को खुश कर रहे है।

चहेतों के लिए बैंक मेहरबान, आम लोगों के लिए है धक्के

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बैंक अधिकारी तीन बजे के बाद अपने चहेतों को फोन कर बुला रहे है और उन्हें जितना कैश चाहिए दिए जा रहे है, जबकि आम लोग लाइनों में घंटो खड़े होने को मजबूर है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि ऐसे बैंक अधिकारियों को सबक सिखाया जाए।

बैजमिन रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर खड़े गोल्डी ने कहा कि उनका बैंक में सेविंग खाता है। उन्हें पैसों की काफी दिक्कत है। बैंक में वह रोजाना जा रहे है, लेकिन बैंक के बाहर ननो कैश का बोर्ड लगा हुआ है।

वह बैंक वालों से पूछते है तो कोई भी बैंक अधिकारी कुछ बताने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि तीन बजे के बाद उक्त बैंक में बड़ी बड़ी फैक्टरियों के मालिक बैंक में आते है और पैसे लेकर चले जाते है। बैंक वालों के पास उन्हें देने के लिए पूरा कैश है, जबकि घंटों लाइन में खड़े होने वाले गरीब लोगों को कुछ नहीं दिया जा रहा है। 
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