'नोटबंदी से ध्यान भटकाने को युद्ध के हालात पैदा कर सकती है मोदी सरकार'
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पंजाब कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नियंत्रण रेखा पर तीन जवानों की शहादत का जिक्र करते हुए आरोप लगाया है कि भारत सरकार सीमा पर हालात को काबू पाने में असफल रही है।
साथ ही कहा है कि मोदी सरकार एक बार फिर जानबूझ कर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई कदम न उठाकर युद्ध के हालात पैदा करने का प्रयास कर रही है। ऐसा नोटबंदी के चलते पेश आ रही समस्याओं से लोगों का ध्यान भटकाने की मंशा से किया जा सकता है।
कैप्टन ने कहा कि सरकार के बड़े दावों के बावजूद जवानों की शहादत की घटना बताती है कि सीमा पर युद्ध संबंधी हालात पैदा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर को पद से हटाने की मांग की है।
कहा है कि जवानों की शहादत ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के झूठ की पोल भी खोल दी है। शाह का दावा था कि मोदी सरकार में सीमाएं सुरक्षित हैं। कैप्टन ने कहा कि नोटबंदी के चलते फैले रोष से लोगों का ध्यान भटकाने को ऐसी घटनाओं की इजाजत दी जा रही है।
'अमित शाह के सीमाओं की सुरक्षा संबंधी दावों की पोल खुली'
मोदी सरकार की कोताही ने यह भी दर्शा दिया है कि वह पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले युद्ध की संभावना की हवा बनाना चाहते हैं। केंद्र सरकार को जवानों की हत्या का मामला इस्लामाबाद से उठाकर उसे पीछे हटने या गंभीर नतीजे भुगतने की सख्त चेतावनी देनी चाहिए।
इन घटनाओं पर रोक न लगी तो जवानों का मनोबल गिरेगा। इसलिए द्विपक्षीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तुरंत कूटनीतिक बात होनी चाहिए। कैप्टन ने हालातों के लिए पार्रिकर के नेतृत्व वाले रक्षा मंत्रालय को दोषी ठहराया।
उन्होंने कहा कि पार्रिकर के सेनाओं के प्रति असंवेदनशील रवैये के चलते जवानों का मनोबल गिर रहा है। पिछले तीन माह में सीमा मुद्दे के हल को कोई कूटनीतिक कोशिश नहीं की गई, क्योंकि मोदी सरकार सिर्फ भावनाओं को भड़का कर राजनीतिक फायदा लेने को ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देना चाहती है।
कैप्टन ने कहा कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इन घटनाओं को सनसनीखेज बनाने के स्थान पर मोदी सरकार को पाकिस्तान पर वैश्विक दबाव बनाना चाहिए।