हरियाणा चुनाव में इतने लोगों ने दबाया नोटा
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विधानसभा चुनाव में कुल 53 हजार से ज्यादा लोगों को अपनी सीट पर चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार पंसद नहीं आए। जो कुल मतदान का 0.4 प्रतिशत रहा। भारतीय चुनाव आयोग की ओर से नोटा का प्रावधान उन मतदाताओं के लिए किया गया है जो किसी भी दल या अन्य उमीदवार को मत नहीं देना चाहता।
डबवाली विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 1549 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया। इसी प्रकार गुड़गांव में 1414 मतदाताओं ने नोटा को अपनाया। वहीं बादशाहपुर में 1287 और नरवाना में 1108 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया। हरियाणा विधानसभा चुनाव-2014 में सबसे कम नोटा का प्रयोग बवानीखेड़ा विधानसभा के 169 मतदाताओं ने किया है।
भाजपा को मिले 33.2 प्रतिशत वोट
मतगणना में भाजपा को 33.2 प्रतिशत वोट, इनेलो को 24.1 कांग्रेस को 20.06 जबकि 5 आजाद उम्मीदवारों को 10.6, हजका को 3.6, हिलोपा को 1.2, हजपा को 0.6 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए हैं।
उमेश अग्रवाल बड़े अंतर से जीते
हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों में 9 बड़ी जीत इस प्रकार है। गुड़गांव में भाजपा के उमेश अग्रवाल ने हरियाणा विधानसभा चुनावों में विशालतम अंतर से जीत हासिल की है। अग्रवाल ने इनेलो के गोपीचंद गहलोत को 84095 वोटों से मात दी।
मुख्यमंत्री पद के मजबूत दावेदार बताए जा रहे करनाल से भाजपा प्रत्याशी मनोहर लाल खट्टर ने राज्य में दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा 63773 मतों से जीत हासिल की है। उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी जयप्रकाश गुप्ता को हराया।
तीसरी बड़ी जीत भी भाजपा प्रत्याशी रोहिता रेवड़ी की रही। उन्होंने कांग्रेस के विरेंदर कुमार शाह को 53721 वोटों से हराया। चौथे क्रम पर बल्लभगढ़ में भाजपा के मूलचंद शर्मा ने कांग्रेस के लखन कुमार सिंगला को 53098 मतों से हराया।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी बड़े अंतर से जीते
पांचवें नंबर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की है अटेली से भाजपा प्रत्याशी संतोष यादव ने इनेलो के सतबीर को48601 वोटों से हराया। छठे क्रम पर रहे निवर्तमान मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा।
हुड्डा ने गढ़ी सांपला किलोई सीट पर इनेलो के सतीश कुमार नंदल को 47185 वोटों से हराया। इन चुनावों में हार-जीत का सातवां सबसे बड़ा मार्जिन रहा रेवाड़ी में।
यहां भाजपा के रणधीर सिंह कापड़ीवास ने इनेलो के इनेलो के सतीश यादव के 45466 मतो से हराया। आठवें नंबर पर रहे फरीदाबाद से भाजपा प्रत्याशी विपुल गोयल।
गोयल ने कांग्रेस के आनंद कौशिक पर 44781 मतों से जीत दर्ज की। सबसे बड़ी जीतों में नौंवें रहे पंचकूला से भाजपा प्रत्याशी ज्ञानचंद गुप्ता। गुप्ता ने इनेलो के कुलभूषण गोयल को 44602 वोटों से मात दी।
उत्तर से दक्षिण हरियाणा तक मोदी लहर
हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के कई फैक्टर फेल हो गए। इस वजह से यहां नमो का जादू चल गया। कांग्रेस के विकास के वादे धराशाई हो गए और नौकरियों में क्षेत्रवाद भी काम नहीं आया।
हरियाणा गठन से लेकर अब तक दूसरे दलों को समर्थन देने वाली भाजपा पहली बार हरियाणा में सरकार बनाएगी। हुड्डा सरकार द्वारा बांटी गईं रेवड़िया कांग्रेस के काम नहीं आई। जनता ने मोदी के नाम पर हरियाणा में जी खोल कर मतदान किया।
दक्षिण हरियाणा से लेकर उत्तर हरियाणा तक नमो का जादू देखने को मिला है। कालका से लेकर बल्लभगढ़ तक भाजपा में प्रदेश की जनता ने अपना भरोसा जताया है।
यहां तक कि मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र रोहतक में भाजपा कमल खिलाने में कामयाब रही है। विकास में भेदभाव कांग्रेस की हार का बड़ा कारण रहा है।
नौकरियों में भेदभाव का मुद्दा हावी
नौकरियों में भेदभाव का मुद्दा इन चुनाव में हावी रहा है। विपक्ष द्वारा लगाए गए विकास के भेदभाव के आरोप भी चुनाव में जनता के दिलो दिमाग पर हावी रहे।
सरकार के खिलाफ सबसे ज्यादा भड़ास उत्तर हरियाणा के लोगों ने निकाली और कांग्रेस का सफाया किया। हालांकि राई, गन्नौर, गोहाना, झज्जर, किलोई और महम जैसी सीटें बचाने में कांग्रेस कामयाब रही है।
जीटी रोड बेल्ट पर भाजपा का झंडा मतगणना के पहले ही राउंड में लहलहाना शुरू हो गया था। दोपहर दो बजे तक हरियाणा की 25 सीटों पर भाजपा अपनी जीत दर्ज करवा चुकी थी।
उत्तर हरियाणा में रणदीप सिंह सुरजेवाला जैसे तैसे अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे हैं। जबकि जीटी रोड बेल्ट में गन्नौर से कुलदीप शर्मा ने जीत दर्ज करवाई है। शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल भी झज्जर से अपनी सीट बचाने में कामयाब रही हैं।
पहली बार महिलाओं की 75.8 प्रतिशत वोटिंग
हरियाणा की महिलाओं ने इस बार वोटिंग में नया रिकार्ड कायम किया है। ऐसा पहली बार है कि महिलाओं की 75.8 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई है। करीब दो दर्जन ऐसी विधानसभा सीटें हैं जहां पर महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा मतदान किया है। भिवानी और महेंद्रगढ़ की सभी सीटों पर महिलाओं ने पुरुषों के मुकाबले में ज्यादा मतदान किया है। जबकि आधा दर्जन सीटें ऐसी हैं, जहां पर महिलाओं ने पुरुषों के बराबर मतदान किया है।
महज 116 महिलाएं हैं मैदान में
जबकि राजनीतिक दलों ने इस बार के विधानसभा चुनाव में महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया। कोई भी दल ऐसा नहीं है जिसने 15 प्रतिशत ज्यादा महिला उम्मीदवार मैदान में उतारे थे जबकि हर राजनीतिक दल महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात करता है। यहां तक टिकट वितरण में भी उनकी राय नहीं ली गई। जब टिकट ही गिनती के दिए गए हैं। इस बार कुल 1351 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा जिनमे 116 महिला उम्मीदवार मैदान में उतरी।
2009 में 10 महिलाएं पहुंचीं थी विधानसभा
बीते विधानसभा चुनाव में कुल 68 महिलाएं चुनाव मैदान में थी। इनमें से 9 महिलाएं ही चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंच पाई थीं। कांग्रेस से 7, इनेलो, भाजपा और हजकां से एक एक महिला उम्मीदवार विधायक बनी थी। मुख्य चुनाव अधिकारी श्रीकांत वाल्गद का कहना है कि महिलाओं ने इस बार के विधानसभा चुनाव में काफी बढ़ चढ़ कर भाग लिया है। कई सीटों पर महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से ज्यादा है जिससे पिछले सभी विधानसभा चुनाव के मतदान का रिकार्ड टूटा है।
इन सीटों पर महिलाएं रहीं पुरुषों से आगे
सीट----------------------पुरुष-----------------महिलाएं
पेहवा-------------------80.66-----------------81.79
गुहला-------------------80.83-----------------81.20
कलायत-----------------82.10-----------------83.05
गन्नौर-------------------78.14-----------------78.49
राई----------------------76.63----------------76.75
गोहाना-------------------75.71-----------------75.93
सफीदों-------------------82.93------------------83.44
जींद----------------------75.47-----------------76.42
उचाना कलां---------------85.10-----------------85.40
नारनौंद-------------------83.39-----------------83.67
लोहारू-------------------81.38-----------------82.54
बादड़ा--------------------79.40-----------------81.49
दादरी---------------------76.27-----------------76.81
तोशाम--------------------81.03-----------------83.43
बवानी खेड़ा----------------78.87-----------------78.94
महम---------------------81.58------------------81.88
झज्जर--------------------74.31------------------74.89
अटेली--------------------76.42------------------78.58
महेंद्रगढ़-------------------80.01------------------83.74
नारनौल-------------------75.05------------------76.80
नांगल चौधरी---------------73.37------------------78.64
कोसली---------------------76.72------------------77.17
33 सीटों में 80 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ
विधानसभा की कुल 90 में से 35 सीटें ऐसी हैं, जहां 80 प्रतिशत मतदान हुआ। यही वजह रही कि इस चुनाव में रिकार्ड मतदान हुआ। 80 प्रतिशत से ज्यादा मतदान वाले हलकों में नारायणगढ़, साढ़ौरा, जगाधरी, यमुनानगर, रादौर, शाहबाद, पेहवा, गुहला, कलायत, कैथल, पूंडरी, समालखा, सफीदो, जींद, उचाना कलां, नरवाना, टोहाना, फतेहाबाद, रतिया, कलावली, डबवाली, रानिया, ऐलानाबाद, नारनौंद, लोहारू, बाढ़रा, तोशाम, महम, महेंद्रगढ़, नूंह, हथीन और पृथला विधानसभा क्षेत्र शामिल है। इनमे अधिकतर सीटों में कई दिग्गज नेता चुनाव लड़ रहे हैं।
जिन पर पूरे प्रदेश की नजर है। उचाना कलां से भाजपा वीरेंद्र सिंह की पत्नी प्रेमलता और इनेलो के दुष्यंत चौटाला के बीच मुकाबला है। ऐलानाबाद से इनेलो के अभय चौटाला, सफीदों से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बहन वंदना शर्मा, तोशाम से किरण चौधरी, डबवाली से नैना चौटाला, महेंद्रगढ़ राम बिलास शर्मा और नारनौंद से कैप्टन अभिमन्यु चुनाव मैदान में हैं।
ऐलानाबाद में रिकॉर्ड 90 प्रतिशत मतदान
हरियाणा प्रदेश में मतदान ने इस बार नया रिकार्ड बनाया वहीं कुल 90 सीट में से ऐलानाबाद की सीट मतदान में नंबर-1 रही। यहां तो रिकार्ड तोड़ मतदान 89 प्रतिशत मतदान हुआ।
यह सीट इसलिए भी अहम है क्योंकि इस सीट पर इनेलो के दिग्गज अभय सिंह चौटाला भी चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा से पवन बैनीवाल और कांग्रेस से रमेश भादू मैदान में हैं।
इस सीट पर साल 2009 के विधानसभा चुनाव में 86.27 प्रतिशत हुआ था। जबकि इस साल हुए लोकसभा चुनाव में इस सीट पर 80.7 प्रतिशत मतदान हुआ था।
रिकॉर्ड मतदान में रानिया दूसरे नंबर पर
दूसरे नंबर पर रानिया में रिकार्ड तोड़ मतदान हुआ है। यहां पर 87.9 प्रतिशत मतदान हुआ है। इस सीट पर कांग्रेस के रंजीत सिंह, भाजपा के जगदीश नेहरा और इनेलो के रामचंद्र कंबोज मैदान में है।
साल 2009 में यहां पर 86.9 प्रतिशत मतदान हुआ था। जबकि पिछले विधानसभा चुनाव में पूरे प्रदेश में इस सीट पर सबसे ज्यादा मतदान हुआ था।
इस साल हुए लोकसभा चुनाव में इस सीट पर 80.51 प्रतिशत मतदान हुआ था। जबकि सबसे कम मतदान पूरे प्रदेश में बड़खल सीट पर हुआ है। इस सीट पर 56 प्रतिशत मतदान हुआ।
यहां से कांग्रेस के महेंद्र प्रताप, भाजपा के सीमा त्रिखा और इनेलो के चंदर भाटिया ने चुनाव लड़ा है। जबकि बल्लभगढ़ सीट से 58 प्रतिशत मतदान हुआ है।
फरीदाबाद में सबसे कम मतदान
हरियाणा के 21 जिलों में सबसे ज्यादा मतदान सिरसा में हुआ। सिरसा में 84.2 प्रतिशत मतदान हुआ है। जबकि दूसरे नंबर पर जिला फतेहाबाद में 82.4 प्रतिशत मतदान हुआ है। जबकि सबसे कम मतदान जिला फरीदाबाद में 62 प्रतिशत मतदान हुआ है।
जिला गुडगांव में भी 68.2 प्रतिशत मतदान हुआ है। मुख्य चुनाव अधिकारी श्रीकांत वाल्गद का कहना है कि जिला फरीदाबाद में सबसे कम मतदान हुआ है।
उनका कहना है कि लोकसभा चुनाव में भी इस जिले में कम मतदान हुआ था। उनका कहना है कि कम मतदान के कारणों को जानने का प्रयास किया जाएगा।
गठन से लेकर अब तक सर्वाधिक मतदान
हरियाणा विधानसभा चुनाव में मतदान के सभी रिकार्ड टूट गए हैं। आयोग के मुताबिक प्रदेश में 76.2 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इससे पहले हरियाणा गठन के बाद 1967 में सर्वाधिक मतदान हुआ था। 47 साल बाद 2014 के विधानसभा चुनाव में रिकार्ड टूटा है।
चुनाव आयोग के मुताबिक आयोग की तरफ से भी अधिक से अधिक मतदाताओं को मतदान करने के लिए प्रेरित किया गया था। राज्य में इस बार एक करोड़ 63 लाख मतदाताओं में से यह मतदान प्रतिशत निकल कर सामने आया है।
राज्य के 16,357 मतदान केंद्रो पर चुनाव को लेकर मतदान की प्रक्रिया सुबह सात बजे से शुरू हुई थी। सुबह के समय ठंड अधिक होने के कारण मतदाताओं की संख्या अधिक नहीं दिखी, लेकिन धूप निकलते ही मतदाताओं की लाइनें लगनी शुरू हो चुकी थीं।